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RSS के बड़े नेता बोले- अगर जय शाह के खिलाफ पुख्ता सबूत मिलें तो जांच होनी चाहिए

Thu, 12 Oct 2017 02:12 PM IST
संजय मिश्र, नई दिल्ली
संजय मिश्र, नई दिल्ली Updated Thu, 12 Oct 2017 02:12 PM IST
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Dattatreya Hosabale said, probe must start if there is any strong proof and witness against Jay Shah
- फोटो : social media
अमित शाह के पुत्र जय शाह के मामले में भाजपा का रवैया संघ को रास नहीं आया है। संघ का मानना है कि मामले को संभालने में भाजपा ने बड़ी तकनीकी भूल की है। संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि जय शाह के खिलाफ लगे आरोपों के पुख्ता प्रमाण मिलते हैं तो मामले की जांच होनी चाहिए।अमित शाह के पुत्र जय शाह पर लग रहे आरोपों पर पहली बार संघ का रुख सामने रखते हुए सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने कहा है कि अगर पहली नजर में कोई मामला बनता हो तो जांच होनी चाहिए।
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भोपाल में चल रही संघ के अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक से पहले पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि आरोप लगाने वालों को प्रमाण सामने रखना चाहिए। बिना प्रमाण के आरोप लगाना उचित नहीं है। होसबोले ने साफ कहा कि जो आरोप होते हैं तो उसमें जो आवश्यक जानकारी हों वो हो। साथ ही उन्होंने कहा कि आरोप भी प्रथम दृष्टया होने के बाद होना चाहिए। आरोप लगाने वाले पहले सिद्ध करें। 
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जय शाह के मामले पर भाजपा के रवैये से संघ नाखुश
जय शाह मामले पर संघ को भाजपा का रवैया रास नहीं आया है। संघ मान रहा है कि जय शाह का यह मामला निजी है इसे भाजपा की राजनीति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए था। सरकार के मंत्रियों के बजाय जय शाह को खुद अपने ऊपर लग रहे आरोपों पर सफाई देनी चाहिए थी। सूत्र बताते हैं कि भोपाल में गुरुवार को शुरू हुई कार्यकारी मंडल की बैठक से एक दिन पूर्व संघ अधिकारियों की शीर्ष टोली ने मामले पर अलग से मंत्रणा की है।

बैठक में शामिल एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार जय शाह के मामले पर भाजपा को इतना आक्रामक नहीं होना चाहिए था। पीयूष गोयल के जरिये जय शाह के मामले पर पत्रकार वार्ता आयोजित कराने का फैसला बड़ी भूल थी। भाजपा की सफाई के वजह से विपक्ष को एक सियासी औजार मिल गया। दरअसल पीयूष गोयल को जय शाह मामले में मैदान में उतारने का फैसला खुद अमित शाह का था। खबरिया वेबसाइट ने जय शाह की खबर छापने से पूर्व उनसे उनका पक्ष रखने का आग्रह किया था। मगर शाह के पक्ष से पहले भाजपा ही मैदान में कूद पड़ी।

सरकार की आर्थिक नीति को लेकर मुरली मनोहर जोशी भी आहत बताए जा रहे हैं

Dattatreya Hosabale said, probe must start if there is any strong proof and witness against Jay Shah
संघ प्रमुख के सामने जोशी ने रखा शिकायतों का पुलिंदा
वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ मुरली मनोहर जोशी ने भोपाल पहुंचकर संघ प्रमुख मोहन राव भागवत से मुलाकात कर उन्हें एक पत्र भी सौंपा है। बताया जा रहा है कि अपने अनुभवों के आधार पर जोशी ने संघ प्रमुख के सामने सरकार के नाकामियों का पुलिंदा रखा है।

सरकार की आर्थिक नीति को लेकर जोशी भी आहत बताए जा रहे हैं। भागवत से जोशी की मुलाकात को स्वीकार करते हुए दत्तात्रय होसबोले ने कहा है कि वे भागवत से मिले जरूर थे। लेकिन लिखित शिकायतों के सवाल पर होसबोले ने कहा कि जोशी यहां अलग कारण से आए होंगे। वे भाजपा में हैं अगर कोई बात होगी तो वहां रखेंगे। मगर सूत्र बताते हैं  कि पत्र के जरिए जोशी ने भागवत के सामने सरकार की नाकामियों का पुलिंदा पेश किया है। 

क्या है अमित शाह के पुत्र जय शाह के खिलाफ मामला 

एक खबरिया साइट ने दावा किया था कि जय शाह ने एक ही साल में अपने बिजनेस टर्नओवर को 50,000 से बढ़ाकर 80 करोड़ किया है। लेकिन भाजपा ने दावे को गलत बताया है। बल्कि जय ने खबर चलाने वाली वेबसाइट के खिलाफ 100 करोड़ का मानहानी का केस कर दिया है। मगर विपक्ष को भाजपा के खिलाफ एक बड़ा सियासी औजार हाथ लग गया है।
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