{"_id":"5214ee36be2b704cbc3fe35b482915b8","slug":"datia-temple-report-in-cm-office","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएम के पास दबी पड़ी है हादसे की रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएम के पास दबी पड़ी है हादसे की रिपोर्ट
जयप्रकाश पाराशर/भोपाल
Updated Tue, 15 Oct 2013 08:54 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दतिया के रतनगढ़ माता मंदिर में 1 अक्टूबर 2006 को हुए हादसे की न्यायिक जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री के कार्यालय में दबी पड़ी है।
विज्ञापन
न्यायिक जांच करने वाले सेवानिवृत्त न्यायाधीश एस.के. पांडे ने यह रिपोर्ट हादसे के महज छह महीने में ही 21 मार्च 2007 को पेश कर दी थी। उस समय चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया था लेकिन उन्हें बाद में बहाल कर दिया गया।
रिपोर्ट में दोषी ठहराए गए अधिकारियों को दंडित नहीं किया गया। यह रिपोर्ट आज तक सार्वजनिक नहीं हुई है। 2006 के हादसे में सिंध नदी में 52 लोगों की तेज बहाव में बहने से मौत हो गई थी।
विज्ञापन
आरटीआई कार्यकर्ता अजय दुबे ने 2010 में यह रिपोर्ट सार्वजनिक करने के लिए आरटीआई लगाई थी। उन्होंने यह रिपोर्ट सार्वजनिक करने के लिए राज्य सूचना आयोग और हाईकोर्ट की शरण ली।
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने 20 सितंबर 2013 को नोटिस जारी कर सरकार से जवाब मांगा है कि यह रिपोर्ट क्यों सार्वजनिक नहीं की गई है। राज्य सूचना आयोग पहले ही आदेश दे चुका है कि यह रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
अजय दुबे का आरोप है कि तत्कालीन कलेक्टर का नाम उपरोक्त जांच रिपोर्ट में आया है और उन्हें जिम्मेदाऱ ठहराया गया है लेकिन उक्त अधिकारी को बचाने के लिए यह रिपोर्ट कभी सार्वजनिक नहीं की गई।
दुबे का कहना है कि वर्तमान पुल भी कुछ वर्ष पूर्व हाईकोर्ट के आदेश के बाद बनाया गया है। 2006 के हादसे में मारे गए एक लड़के के पिता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करके पुल बनाने की मांग की थी।
