फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Damoh News ›   Damoh This time a group was formed for 58 liquor shops

Damoh News: 58 शराब दुकानों के लिए बनाया गया एक समूह, छोटे ठेकेदार रेस से बाहर, ई-टेंडर प्रक्रिया शुरू

Wed, 05 Mar 2025 11:22 AM IST
दमोह ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: दमोह ब्यूरो Updated Wed, 05 Mar 2025 11:22 AM IST
सार

दमोह जिले में 2025-26 के लिए शराब दुकानों की ई-टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस बार 58 दुकानों को एक ही समूह में रखा गया है, जिससे छोटे कारोबारियों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। 322 करोड़ रुपये के राजस्व लक्ष्य के साथ बड़े कारोबारियों और सिंडिकेट को फायदा मिलने की संभावना है।
 

विज्ञापन
Damoh  This time a group was formed for 58 liquor shops
अंग्रेजी शराब दुकान

विस्तार

दमोह जिले में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए शराब दुकानों के ई-टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आबकारी विभाग ने इस बार बड़ा बदलाव करते हुए जिले की सभी 58 शराब दुकानों को एक ही समूह में बांट दिया है। इससे पहले ये दुकानें चार समूहों में विभाजित थीं।
विज्ञापन


आबकारी विभाग ने इस वित्तीय वर्ष में 322 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है। इस बार शराब ठेकों के आवंटन के लिए ई-टेंडर प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी, लेकिन छोटे कारोबारियों के लिए प्रतिस्पर्धा करना कठिन हो जाएगा।
विज्ञापन


बड़े कारोबारियों और सिंडिकेट को मिलेगा लाभ
शराब दुकानों को एक समूह में रखने के कारण छोटे ठेकेदारों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। टेंडर आवेदन के लिए डिपॉजिट राशि तो जमा कर सकते हैं, लेकिन टेंडर पास होने पर समूह की रिजर्व प्राइस का 10 प्रतिशत (लगभग 32 करोड़ रुपये) बैंक गारंटी के रूप में देना अनिवार्य होगा। यह शर्त छोटे कारोबारियों के लिए भारी साबित हो सकती है, जबकि बड़े कारोबारी और सिंडिकेट आसानी से इस प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


पिछली प्रक्रिया क्यों हुई थी निरस्त?
फरवरी 2024 में दमोह जिले के शराब ठेकों की लॉटरी प्रणाली के जरिए नीलामी होनी थी। इस नीति के तहत, 20 प्रतिशत राशि बढ़ाते हुए 322 करोड़ रुपये का टारगेट रखा गया था। हालांकि, किसी भी ठेकेदार ने न तो लॉटरी प्रक्रिया में भाग लिया, न ही नवीनीकरण (रिनुअल) के लिए आवेदन दिया। इस वजह से लॉटरी प्रक्रिया रद्द करनी पड़ी और अब ई-टेंडरिंग प्रणाली अपनाई गई है।

ठेकेदारों में असमंजस, कौन होगा विजेता?
इस नई नीति से जिले के शराब ठेकेदारों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। वर्ष 2024-25 में शराब दुकानें चार समूहों में विभाजित थीं और कुल 270 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य था। इस बार 20 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ 322 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया है और पूरा जिला एक समूह में शामिल किया गया है। अब देखना यह होगा कि दमोह का कोई ठेकेदार इस चुनौती को स्वीकार करता है या कोई बाहरी बड़ा समूह इस नीलामी को जीतता है।


राजस्व बढ़ेगा
इस संबंध में जिला आबकारी अधिकारी रविंद्र खरे ने बताया कि आयुक्त के निर्देशानुसार जिले की 58 दुकानों को एक समूह में शामिल करते हुए ई-टेंडर प्रक्रिया लागू की गई है। यह निर्णय सरकार की नई आबकारी नीति के तहत लिया गया है और राजस्व बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed