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Damoh: नपा की भुगतान लिस्ट वायरल होने से हड़कंप, जिस फर्म से खरीदा झाड़ू, उसी से किराए पर लिया ट्रैक्टर-टैंकर
Sat, 18 May 2024 03:28 PM IST
दमोह ब्यूरो
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Sat, 18 May 2024 03:28 PM IST
सार
कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर का कहना है, नगर पालिका द्वारा टुकड़ों में किए गए भुगतान की शिकायत उनके पास आई है। 15 दिन में जांच कर प्रतिवेदन देने के लिए कहा है और इसके बाद एक ऐसी प्रक्रिया अपनाई जाएगी कि आगे इस प्रकार के चीजें फिर न हों।
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नगर पालिका कार्यालय
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दमोह नगर पालिका में सामग्री खरीदी और विभिन्न कार्यों के करोड़ों रुपये के भुगतान की एक लिस्ट सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है। क्योंकि इस लिस्ट के हिसाब से जिस फर्म से झाडू खरीदी, उससे ही ट्रैक्टर-टैंकर भी किराए पर ले लिए। इस तरह की एक नहीं कई फर्म हैं, जिनको उपकृत करते हुए नगर पालिका ने भुगतान किया है। इसमें कुछ संस्थाओं के भुगतान संदिग्ध हैं। मामले की शिकायत होने पर कलेक्टर ने जांच भी शुरू कर दी है।
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दरअसल, जिस संस्था से नपा ने झाड़ू खरीदी, उससे ट्रैक्टर और टैंकर किराए पर ले लिए और पौधों की छटनी भी करवा ली। भुगतान के मामले में इसी तरह की और भी गड़बड़ी है।
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लिस्ट वायरल होते ही मचा हड़कंप
दो दिन पहले सोशल मीडिया पर नगर पालिका द्वारा किए करोड़ों रुपये के भुगतान की लिस्ट वायरल हुई तो हड़कंप मच गया। क्योंकि करीब आधा दर्जन से अधिक फर्मों के माध्यम से ही पूरा काम हुआ है। इसके बाद एक जागरुक युवा आशीष शर्मा ने कलेक्टर को इस मामले में शिकायती आवेदन दिया है।
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आशीष ने बताया कि मुझे नपा में सफाई विभाग में करोड़ों के भुगतान संबंधी एक लिस्ट मिली। लिस्ट को देखने के बाद ऐसा लग रहा है कि नपा में बड़े स्तर पर संगठित भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया है। इसमें कई फर्जी फर्म बनाकर विभिन्न मदों में एक ही कंपनी को बिना निविदा के कई बार भुगतान किया गया है। आशीष शर्मा ने कलेक्टर को आवेदन देकर अपील की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
सितंबर 22 से मार्च 2023 तक हुए भुगतान
बता दें कि सफाई विभाग में विभिन्न सामानों की खरीदी और कार्यों के भुगतान की जो लिस्ट सामने आई है, उसमें आधा दर्जन से अधिक संस्थाओं के नाम उजागर हुए हैं। जिन्हें 270 बार सामान खरीदी व विभिन्न कार्यों का भुगतान किया गया है। भुगतान पांच हजार रुपये से लेकर छह लाख के बीच में करोड़ों रुपये का हुआ है। जो सितंबर 2022 से लेकर मार्च 2023 के दौरान के हैं।
इस तरह समझिए पूरा खेल
आधा दर्जन से अधिक संस्थाओं को करोड़ों रुपये भुगतान करने की लिस्ट सामने आई है। कुछ संस्थाओं के संदिग्ध भुगतान बड़े घोटाले की ओर इशारा भी कर रहे हैं। एक संस्था से नपा ने शौचालय सुधरवाए, वार्डों और नालों की सफाई के लिए झाड़ू, सफाई सामग्री खरीदी। किराए के ट्रैक्टर-टैंकर लिए। मजदूर लिए, पौधों की छटनी कराई। भक्ति इंटरप्राइजेज नाम की संस्था को नपा ने 81 लाख रुपये से अधिक राशि चुकाई है। इस एक संस्था से नपा ने चलित शौचालय सुधरवाए, वार्डों और नालों की सफाई के लिए श्रमिक लिए, सफाई सामग्री खरीदी, बारहद्वारी कुएं की मरम्मत कराई, किराए के ट्रैक्टर-ट्रॉली लिए व चूना पाउडर क्रय किया।
वहीं, इसी संस्था से हाइड्रोलिक सिस्टम लगाने और हाइड्रोलिक ट्रॉली सुधार का कार्य भी करा लिया गया। इस संबंध में कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर का कहना है कि नगर पालिका द्वारा टुकड़ों में किए गए भुगतान की शिकायत उनके पास आई है। उन्होंने 15 दिन में जांच कर प्रतिवेदन देने के लिए कहा है और इसके बाद एक ऐसी प्रक्रिया अपनाई जाएगी कि आगे इस प्रकार के चीजें फिर न हों।
