फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Damoh News ›   MP Election: Damoh district assembly history, only 4 women could win; No one won from Damoh n Jabera till now

MP Election: दमोह जिले के विधानसभा इतिहास में केवल 4 महिलाएं ही कर पाईं फतह; दमोह,जबेरा से अब तक कोई नहीं जीता

Sun, 29 Oct 2023 12:42 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Sun, 29 Oct 2023 12:42 PM IST
सार

Damoh District Assembly History: दमोह जिले के इतिहास में अब तक 16 विधानसभा चुनाव हुए, जिनमें केवल चार महिलाएं ही विधायक बन पाईं। इनमें से हटा और पथरिया विधानसभा में ही चारों महिलाएं विधायक बनीं। जबकि दमोह और जबेरा विधानसभा को आज तक महिला विधायक नहीं मिल पाई है। 

विज्ञापन
MP Election: Damoh district assembly history, only 4 women could win; No one won from Damoh n Jabera till now
पथरिया पूर्व विधायक सोना बाई, वर्तमान प्रत्याशी रामबाई और हटा से वर्तमान प्रत्याशी उमादेवी खटीक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश के दमोह जिले के इतिहास में 1951 से अब तक 16 विधानसभा चुनाव हुए। इनमें केवल चार महिलाएं ही विधायक बन सकीं। इनमें भी हटा और पथरिया विधानसभा में ही महिलाओं को विधायक बनने का मौका मिला। दमोह और जबेरा विधानसभा को आज तक  महिला विधायक नहीं मिल पाई है। रोचक बात यह है कि पथरिया विधानसभा में पुरुषों की तुलना में 11 हजार 407 महिलाएं कम हैं। मगर यहां से दो महिलाएं विधायक बन चुकी हैं। हटा में भी कुछ इसी तरह की स्थिति है। यहां पर पुरुषों की तुलना में 10 हजार 398 महिलाएं कम हैं। फिर भी दो महिलाएं यहां से विधायक चुनी गईं।

विज्ञापन


इसी तरह दमोह विधानसभा में पुरुषों की तुलना में सात हजार 309 महिलाएं और जबेरा विधानसभा में आठ हजार 823 महिलाएं पुरुषों से कम हैं। इसके बाद भी महिलाओं को मौका नहीं मिला। आंकड़ों पर नजर डालें तो चारों विधानसभा में नौ लाख 68 हजार 960 मतदाता हैं। इनमें पांच लाख तीन हजार 441 पुरुष और चार लाख 65 हजार 504 महिला हैं। इनमें अंतर देखा जाए तो पुरुषों की तुलना में 37 हजार 937 महिलाएं कम हैं। जबकि जिले की चारों सीटों पर उपचुनाव छोड़ दें तो अब तक 16 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं।
विज्ञापन


जिले की एकमात्र हटा विधानसभा सीट ऐसी है जहां पर दोनों ही राजनीतिक दलों द्वारा महिलाओं को विशेष प्रतिनिधित्व दिया गया। हटा सीट से वर्ष 1980 में पहली बार कांग्रेस से स्नेहसलिला हजारी विधायक बनीं। इसके बाद बीजेपी ने वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव में उमादेवी खटीक को मैदान में उतारा। जीत मिलने पर उन्हें वर्ष 2013 में भी पार्टी ने फिर मौका दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस तरह वे निरंतर दो बार विधायक रहीं। उधर, पथरिया विधानसभा सीट पर वर्ष 2003 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने सोनाबाई को टिकट दिया था और सोनाबाई ने जीत भी हासिल की। उनके बाद वर्ष 2018 में बसपा से रामबाई सिंह परिहार ने चुनाव लड़ा और जीत हासिल कर ली। हालांकि इस बार फिर से हटा विधानसभा से उमा देवी और पथरिया से रामबाई चुनावी मैदान में हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed