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Navratri 2023: अनोखा देशभक्त! सेना में नहीं हुआ चयन तो नवरात्रि में रखने लगे भारत माता की प्रतिमा
Tue, 17 Oct 2023 10:15 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Tue, 17 Oct 2023 10:15 AM IST
सार
Navratri 2023: देश भर में नवरात्रि के मौके पर देवी की मां प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं, लेकिन दमोह में एक युवा देशभक्ति की भावना जागने के लिए बीते 36 वर्ष से भारत माता की प्रतिमा स्थापित कर रहा है।
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भारत माता की प्रतिमा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दमोह में देश प्रेम की अलख जगा रहा एक युवक सेना में भर्ती होना चाहता था, लेकिन जब ये सपना पूरा नहीं हुआ तो उसने शारदीय नवरात्रि में भारत माता की प्रतिमा स्थापित करना और कई प्रकार की मिसाइल बनाकर उनकी झांकी निकालनी भी शुरू कर दी।
बता दें, दमोह के पुराना थाना निवासी दीपक साहू का सपना सेना में भर्ती होने का था जो पूरा नहीं हुआ तो वे पिछले 36 साल से लोगों में देश प्रेम की भावना जगाने का काम कर रहे हैं। शारदीय नवरात्रि पर लोग मां दुर्गा की स्थापना करते हैं, मगर दीपक साहू भारत माता की झांकी की स्थापना करते हैं। क्वार की नवरात्रि में दशहरा चल समारोह निकलता है। उसमें साहू भारत का स्वदेशी सैन्य पराक्रम दिखाने और लोगों को देश के प्रति जागरूक करने के लिए झांकी निकालते हैं। साहू स्वयं की राशि से स्वदेशी सैन्य पराक्रम के हथियारों की झांकी बनवाते हैं और उनका प्रदर्शन करने के लिए निकालते हैं।
शासकीय सेवा में है यह देश प्रेमी युवक
भू-अभिलेख विभाग में पदस्थ मानचित्रकार व अनुलेखन दीपक साहू ने बताया कि वे सेना में जाना चाहते थे। चयन होने के बाद चरित्र प्रमाण पत्र न बनने से वे ज्वाइन नहीं कर पाए, लेकिन देश भक्ति में कोई कमी नहीं होने दी। साहू इमलाई गांव में हर नवरात्रि पर नवदुर्गा मां की जगह भारत माता की करीब 15 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित करते हैं। इमलाई में भारत माता चबूतरा के पास साहू अब तक आकाश मिसाइल, अर्जुन टैंक, फाइटर प्लेन मिग 20, पृथ्वी मिसाइल, ब्रह्मोस, अग्नि, त्रिशूल सहित अनेक मिसाइल तैयार करके उनके झांकी निकाल चुके हैं।
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दीपक साहू ने बताया कि 1982 में वे हॉकी खेलने के लिए इमलाई जाते थे, वहां पर कुछ लोगों ने बताया कि यहां पर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित नहीं की जा सकती है। आसपास के लोगों से कारण जाना तो पता चला कि यहां पर जो प्रतिमा स्थापित करता है उस की मौत हो जाती है। साहू ने खिलाड़ियों के साथ निर्णय लिया कि यहां पर मां दुर्गा की झांकी न रखकर उनकी जगह भारत माता की झांकी जमाई जाए। 1992 से ही लगातार भारत माता की झांकी ही स्थापित की जाती है जो पूरे जिले में चर्चित है और लोग ऐसे देश प्रेमी युवा की काफी तारीफ भी करते हैं।
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बता दें, दमोह के पुराना थाना निवासी दीपक साहू का सपना सेना में भर्ती होने का था जो पूरा नहीं हुआ तो वे पिछले 36 साल से लोगों में देश प्रेम की भावना जगाने का काम कर रहे हैं। शारदीय नवरात्रि पर लोग मां दुर्गा की स्थापना करते हैं, मगर दीपक साहू भारत माता की झांकी की स्थापना करते हैं। क्वार की नवरात्रि में दशहरा चल समारोह निकलता है। उसमें साहू भारत का स्वदेशी सैन्य पराक्रम दिखाने और लोगों को देश के प्रति जागरूक करने के लिए झांकी निकालते हैं। साहू स्वयं की राशि से स्वदेशी सैन्य पराक्रम के हथियारों की झांकी बनवाते हैं और उनका प्रदर्शन करने के लिए निकालते हैं।
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शासकीय सेवा में है यह देश प्रेमी युवक
भू-अभिलेख विभाग में पदस्थ मानचित्रकार व अनुलेखन दीपक साहू ने बताया कि वे सेना में जाना चाहते थे। चयन होने के बाद चरित्र प्रमाण पत्र न बनने से वे ज्वाइन नहीं कर पाए, लेकिन देश भक्ति में कोई कमी नहीं होने दी। साहू इमलाई गांव में हर नवरात्रि पर नवदुर्गा मां की जगह भारत माता की करीब 15 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित करते हैं। इमलाई में भारत माता चबूतरा के पास साहू अब तक आकाश मिसाइल, अर्जुन टैंक, फाइटर प्लेन मिग 20, पृथ्वी मिसाइल, ब्रह्मोस, अग्नि, त्रिशूल सहित अनेक मिसाइल तैयार करके उनके झांकी निकाल चुके हैं।
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दीपक साहू ने बताया कि 1982 में वे हॉकी खेलने के लिए इमलाई जाते थे, वहां पर कुछ लोगों ने बताया कि यहां पर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित नहीं की जा सकती है। आसपास के लोगों से कारण जाना तो पता चला कि यहां पर जो प्रतिमा स्थापित करता है उस की मौत हो जाती है। साहू ने खिलाड़ियों के साथ निर्णय लिया कि यहां पर मां दुर्गा की झांकी न रखकर उनकी जगह भारत माता की झांकी जमाई जाए। 1992 से ही लगातार भारत माता की झांकी ही स्थापित की जाती है जो पूरे जिले में चर्चित है और लोग ऐसे देश प्रेमी युवा की काफी तारीफ भी करते हैं।
