Damoh News: दमोह की गुरैया नदी में दो मगरमच्छ, कभी खेतों में तो कभी नदी किनारे सेंक रहे धूप, डर रहे ग्रामीण
दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक के बुड़ेला गांव में स्थित गुरैया नदी में दो मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। ये मगरमच्छ नदी से बाहर आकर खेतों में बैठते हैं, जिससे किसानों और बच्चों को खतरा है। ग्रामीणों ने वन विभाग से इन मगरमच्छों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की मांग की है।
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दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक के बुड़ेला गांव में स्थित गुरैया नदी में हाल ही में दो मगरमच्छ दिखाई दिए हैं, जिसके बाद ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। अब लोग नदी पर जाना बंद कर चुके हैं, और किसानों को भी चिंता है क्योंकि ये मगरमच्छ कभी नदी से बाहर आकर खेतों में बैठते हैं या धूप सेकते हैं। इससे खेती और मवेशियों के लिए खतरा बढ़ गया है।
ग्राम बुड़ेला के किसानों का कहना है कि पिछले एक महीने से गुरैया नदी में दो मगरमच्छ देखे जा रहे हैं। ये मगरमच्छ कभी नदी की सतह पर नजर आते हैं, तो कभी नदी के किनारे या पत्थरों पर बैठते हैं। अब नदी में पर्याप्त पानी है और मगरमच्छ अक्सर धूप लेने के लिए बाहर आते हैं, जिससे खेतों में काम करने वाले किसानों को डर सता रहा है। किसान द्वारिका यादव ने बताया कि पहले बच्चे खेतों की देखरेख के लिए जाते थे, लेकिन अब मगरमच्छों के डर से उन्हें भेजना बंद कर दिया गया है।
संजू आदिवासी ने बताया कि दूनाय घाट में भी दो मगरमच्छ आकर रहने लगे हैं। उन्हें डर है कि ये मगरमच्छ कभी खेतों में आकर बैठे सकते हैं, जिससे कोई हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने वन विभाग से आग्रह किया है कि इन मगरमच्छों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए, क्योंकि मवेशी भी पानी पीने के लिए आते हैं और मगरमच्छ उनके लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।
गुरुवार को कुछ बच्चे नदी किनारे गए थे, जहां उन्होंने मगरमच्छ देखे और डरकर भाग गए। इसके बाद ग्रामीणों ने घटना की जानकारी दी। किसानों का कहना है कि जब फसल बड़ी होगी, तब खेतों में काम करने वाले लोगों के लिए ये मगरमच्छ खतरे का कारण बन सकते हैं।
डीएफओ ईश्वर जरांडे ने कहा कि वन विभाग को सूचना मिल चुकी है और जल्द ही इन मगरमच्छों का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाएगा।
