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Damoh: पुलिस व वन कर्मियों पर लगे पैसे लेकर सरकारी जमीन पर मकान बनवाने के आरोप, प्रशासन ने हटाया था अतिक्रमण

Sun, 12 Jan 2025 02:34 PM IST
दमोह ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: दमोह ब्यूरो Updated Sun, 12 Jan 2025 02:34 PM IST
सार

Damoh: तेंदूखेड़ा एसडीएम सौरभ गंधर्व का कहना है कि कर्मचारी किसी भी विभाग का हो कार्रवाई होगी। जमीन राजस्व विभाग की है, जिसकी कीमत करोड़ों में है। वहीं वन कर्मियों पर पैसे लेने के आरोप लगे हैं, इसलिए उपवन मंडल अधिकारी के द्वारा भी जांच कराई जा रही है।

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The encroacher accused the police and forest officials of taking money to build a house on government land
जेसीबी से गिराया जा रहा मकान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिले के तेंदूखेड़ा ब्लाक के 27 मील पर शनिवार क़ो प्रशासन के द्वारा शासकीय जमीन से अतिक्रमण हटाया गया था। अब इस मामले में अतिक्रमणकारी ने पुलिस और वन कर्मियों पर पैसों के लेनदेन के आरोप लगाए हैं। जिसके बाद एसडीएम के द्वारा इस मामले की जांच शुरू करवा दी है।
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शनिवार को हुई कार्रवाई में तीन निर्माणधीन भवन और छह फाउंडेशन तहसीलदार द्वारा तोड़े गये थे। करीब 84 लाख रुपए की 40 डिसमिल जमीन अतिक्रमण मुक्त कराई थी। अब अतिक्रमणधारी ने उन लोगों के नाम खोले है, जिन्होंने उससे पैसे लिए थे। तेंदूखेड़ा तहसीलदार की मौजूदगी में पंचनामा बनाया गया है। पंचनामा कार्रवाई में अतिक्रमणधारी हरिराम अहिरवार ने खुलासा किया है कि अतिक्रमण करने की एवज में पुलिस को पैसा दिया गया।
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उसके बाद वन विभाग से एक डिप्टी रेंजर और वीटगार्ड पहुंचे, उन्होंने भी निर्माण कार्य वन भूमि पर होना बताया और बाद में उन्होंने भी पैसा लिया। उसकी मांग है कि अब उन कर्मचारियों से पैसा वापिस दिलाया जाये, जिन्होंने अतिक्रमण करने घर बनाने की एवज में पैसा लिया है। घर तो मेरा टूट गया इसलिए या तो उन सभी कर्मचारियों पर कार्रवाई हो या फिर मुझे उस जमीन का पट्टा दिया जाये।
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ऐसे हुआ लेनदेन
हरिराम पिता गुलाब अहिरवार ने बताया कि जैसे ही उन्होंने राजस्व विभाग पर मकान बनाना शुरू किया तो पुलिस आ गई। उन्होंने निर्माण कार्य क़ो अवैध बताया और बाद में तेंदूखेड़ा थाने में पदस्थ उपनिरीक्षक गोस्वामी ने मुझे थाने बुलाया और पटवारी के नाम पर दस हजार रुपये लिए। उसके बाद अभी दस दिन पहले वन विभाग तेंदूखेड़ा से डिप्टी रेंजर महेंद्र खरे और नरगवा वीटगार्ड आया मुझसे पंद्रह हजार रुपये लिए। उनका कहना था जिस जगह पर निर्माण कार्य हो रहा है वह जमीन वन विभाग की है। अतिक्रमणधारी ने यह पूरी जानकारी लिखित में दी है, जिसका तहसीलदार की मौजूदगी में पंचनामा बनाया गया है।

सभी की हो जांच
हरिराम अहिवाल का घर तोड़ा गया है, उसका कहना है जिन कर्मचारियों ने शासकीय भूमि पर घर बनाने के बदले पैसे लिए है, उनपर कार्रवाई हो यार फिर मेरे पैसे वापस कराए जाएं।

27 मील पर बने घरों की जांच की जाये की, उनमें कितने सही है और कितने अवैध और यदि अवैध निकलते हैं तो उनको भी गिराया जाए, क्योंकि शासन के नियम सभी के लिए बराबर है। तेंदूखेड़ा एसडीएम सौरभ गंधर्व का कहना है कर्मचारी किसी भी विभाग का हो कार्रवाई होगी। 
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