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Damoh: साजिश कर भाभी की हत्या कराने वाली ननद सहित छह को आजीवन कारावास, पांच लाख की सुपारी लेकर मारी थी गोली
Fri, 20 Sep 2024 10:27 AM IST
दमोह ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Fri, 20 Sep 2024 10:27 AM IST
सार
दमोह में महिला की गोली मारकर हत्या करने के मामले में छह लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। महिला की हत्या में उसकी ननद भी शामिल थी। सुपारी देकर उसे पर गोलियां चलवाई गई थीं।
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जानकारी देते अधिवक्ता
विस्तार
दमोह जिले के देहात थाना क्षेत्र के नरसिंहगढ़ में हुई एक महिला की हत्या के मामले में छह दोषियों को सजा सुनाई गई है। प्रथम न्यायाधीश एडीजे संतोष कुमार गुप्ता ने आरोपी ननद सहित 6 आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है।
अभियोजन के अनुसार 18 जून 2019 को आरती तिवारी, उसका छोटा बेटा एवं मां सुशीला ग्राम नरसिंहगढ़ में अपने घर में टीवी देख रहे थे। उसी समय एक व्यक्ति ने घर में घुसकर आरती तिवारी को कट्टे से गोली मार दी। घायल आरती को जिला अस्पताल दमोह से मेडिकल जबलपुर रेफर किया गया था। जहां 19 जून को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। देहात थाना पुलिस द्वारा मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया। मृतिका के पुत्र आशु तिवारी की निशानदेही पर पुलिस ने आरोपी निगम उर्फ अजय सिंह को गिरफ्तार किया। जिसने अपने कथन में बताया कि उसने आरोपी रवि परमार, अनीता अवस्थी, नफीस खान, राजा उर्फ आशीष ठाकुर एवं सचिव उर्फ मोनू पाराशर के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र कर इस घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया।
वेचना के दौरान मृतिका की ननद अनीता अवस्थी ने बताया कि नफीस खान के कहने पर उसने भाभी आरती तिवारी की हत्या करने की योजना बनाई थी और सुपारी के रूप में पांच लाख रुपए की बात तय हुई थी। इसने अपने मित्रों रवि परमार और निगम धाकड़ को आरती तिवारी की पहचान करवाकर गोली से हत्या करवाई थी। मामला न्यायालय में आने पर आई मौखिक, दस्तावेजी साक्ष्य तथा अभियोजन द्वारा प्रस्तुत तथ्यों से सहमत होते हुए न्यायालय ने आरोपियों को सजा सुनाई। मामले में अभियोजन की ओर से पैरवी जिला अभियोजन अधिकारी कैलाशचंद पटेल के मार्गदर्शन में एडीपीओ अनंत सिंह ठाकुर द्वारा की गई। विनय नामदेव द्वारा सहयोग किया गया।
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अभियोजन के अनुसार 18 जून 2019 को आरती तिवारी, उसका छोटा बेटा एवं मां सुशीला ग्राम नरसिंहगढ़ में अपने घर में टीवी देख रहे थे। उसी समय एक व्यक्ति ने घर में घुसकर आरती तिवारी को कट्टे से गोली मार दी। घायल आरती को जिला अस्पताल दमोह से मेडिकल जबलपुर रेफर किया गया था। जहां 19 जून को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। देहात थाना पुलिस द्वारा मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया। मृतिका के पुत्र आशु तिवारी की निशानदेही पर पुलिस ने आरोपी निगम उर्फ अजय सिंह को गिरफ्तार किया। जिसने अपने कथन में बताया कि उसने आरोपी रवि परमार, अनीता अवस्थी, नफीस खान, राजा उर्फ आशीष ठाकुर एवं सचिव उर्फ मोनू पाराशर के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र कर इस घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया।
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वेचना के दौरान मृतिका की ननद अनीता अवस्थी ने बताया कि नफीस खान के कहने पर उसने भाभी आरती तिवारी की हत्या करने की योजना बनाई थी और सुपारी के रूप में पांच लाख रुपए की बात तय हुई थी। इसने अपने मित्रों रवि परमार और निगम धाकड़ को आरती तिवारी की पहचान करवाकर गोली से हत्या करवाई थी। मामला न्यायालय में आने पर आई मौखिक, दस्तावेजी साक्ष्य तथा अभियोजन द्वारा प्रस्तुत तथ्यों से सहमत होते हुए न्यायालय ने आरोपियों को सजा सुनाई। मामले में अभियोजन की ओर से पैरवी जिला अभियोजन अधिकारी कैलाशचंद पटेल के मार्गदर्शन में एडीपीओ अनंत सिंह ठाकुर द्वारा की गई। विनय नामदेव द्वारा सहयोग किया गया।
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