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Damoh: एनएचएआई और वन विभाग के बीच नहीं बनी सहमति, पांच साल तक नहीं बढ़ेगी जबलपुर-दमोह मार्ग की सड़क की चौड़ाई
Sun, 13 Oct 2024 08:00 AM IST
दमोह ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Sun, 13 Oct 2024 08:00 AM IST
सार
यह मार्ग जबलपुर से दमोह हीरापुर तक एनएच संख्या 34 और हीरापुर से टीकमगढ़, ओरछा तक राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 539 से
जोड़ा जाना है। इसको लेकर ओरछा में 23 जनवरी 2023 में केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने भूमिपूजन किया था, लेकिन टेंडर प्रक्रिया अटक गई।
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दमोह जबलपुर मार्ग के सिग्रामपुर में बैठे बंदर
विस्तार
दमोह-जबलपुर मार्ग जो नेशनल हाईवे में शामिल हो चुका है, लेकिन अभी सड़क बनाने का काम नहीं लगा है। वर्तमान में इस 105 किमी मार्ग की चौड़ाई नहीं बढ़ पाएगी, क्योंकि वन विभाग और एनएचआई के बीच सहमति नहीं बन पाई है। हालांकि सुनने में यह आ रहा है कि एनएचएआई दमोह-जबलपुर के बीच सड़क की मरम्मत का टेंडर खोलने जा रही है। इसमें न सड़क चौड़ी होगी और न ही विस्तार होगा। यह सड़क पहले की तरह पांच मीटर चौड़ी ही रहेगी।
दरअसल सड़क का विस्तार करने में सबसे बड़ा अड़ंगा वन विभाग की एनओसी को को लेकर आ रहा है। 105 में से 20 किमी सड़क वन क्षेत्र में आ रही है और इसको लेकर अभी तक एनएचएआई और वन विभाग के बीच में कोई सहमति नहीं बनी है। जबकि यह एरिया रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में आ गया है। जो टेंडर जारी किया गया था, उसमें तीन साल तक का वारंटी पीरियड रखा गया है। ऐसे में वर्ष 2027 तक यह सड़क ऐसी ही रहेगी।
बता दें कि जबलपुर-दमोह हीरापुर मार्ग जुलाई में राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) में शामिल हो गया है। अभी तक इसमें से 15 किमी सड़क का अधिग्रहण कर लिया गया है। 90 किमी सड़क का अधिग्रहण होना बाकी है। इसमें 20 किमी वन विभाग का एरिया भी है। इस मार्ग को फोरलेन बनाने के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने का टेंडर जारी हो चुका है। इसका काम भी चालू हो गया है। अभाना तक सर्वे हो चुका है। इसमें यह सड़क 10 मीटर चौड़ी होने के साथ-साथ पेवर्स सोल्डर और डामरीकृत होगी, लेकिन अभी पूरी सड़क हैंडओवर होने की प्रक्रिया नहीं हो पाई। ऐसे में अब एनएचएआई का नया टेंडर नई सड़क बनाने की जगह इसकी मरम्मत करने जा रही है।
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मरम्मत के लिए 24 करोड़ रुपए का टेंडर जारी हुआ
वन विभाग के रेंजर आश्रय उपाध्याय ने बताया कि अभी वन एरिया में सड़क चौड़ी करने को लेकर कोई प्रक्रिया नहीं चल रही है। न ही किसी तरह की एनओसी जारी हुई है। इसलिए वर्तमान में पांच मीटर चौड़ी है और मरम्मत के बाद भी सड़क इतनी ही चौड़ी रहेगी। उसे बढ़ाया नहीं जाएगा। 2027 के बाद जो टेंडर जारी होगा। उसमें तय होगा कि यहां पर सड़क कितनी चौड़ी बनेगी। इस संबंध में एनएचएआई के प्रबंधक अमृत लाल साहू ने बताया कि इस सड़क की मरम्मत के लिए 24 करोड़ रुपए का टेंडर जारी हुआ है। जबकि सड़क चौड़ी करने की डीपीआर बन रही है। इसमें सड़क 10 से 12 मीटर चौड़ी होगी, लेकिन 20 किमी को जो एरिया वन विभाग के क्षेत्र में आ रहा है। उस पर निर्णय बाद में होगा। दिल्ली में स्वीकृति मिलने के बाद ही इस पर काम होगा।
नितिन गड़करी ने किया था भूमिपूजन
जानकारी के अनुसार यह मार्ग जबलपुर से दमोह हीरापुर तक एनएच संख्या 34 और हीरापुर से टीकमगढ़, ओरछा तक राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 539 को जोड़ा जाना है। इसको लेकर ओरछा में 23 जनवरी 2023 में केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने भूमिपूजन किया था, लेकिन टेंडर प्रक्रिया अटक गई।
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दरअसल सड़क का विस्तार करने में सबसे बड़ा अड़ंगा वन विभाग की एनओसी को को लेकर आ रहा है। 105 में से 20 किमी सड़क वन क्षेत्र में आ रही है और इसको लेकर अभी तक एनएचएआई और वन विभाग के बीच में कोई सहमति नहीं बनी है। जबकि यह एरिया रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में आ गया है। जो टेंडर जारी किया गया था, उसमें तीन साल तक का वारंटी पीरियड रखा गया है। ऐसे में वर्ष 2027 तक यह सड़क ऐसी ही रहेगी।
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बता दें कि जबलपुर-दमोह हीरापुर मार्ग जुलाई में राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) में शामिल हो गया है। अभी तक इसमें से 15 किमी सड़क का अधिग्रहण कर लिया गया है। 90 किमी सड़क का अधिग्रहण होना बाकी है। इसमें 20 किमी वन विभाग का एरिया भी है। इस मार्ग को फोरलेन बनाने के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने का टेंडर जारी हो चुका है। इसका काम भी चालू हो गया है। अभाना तक सर्वे हो चुका है। इसमें यह सड़क 10 मीटर चौड़ी होने के साथ-साथ पेवर्स सोल्डर और डामरीकृत होगी, लेकिन अभी पूरी सड़क हैंडओवर होने की प्रक्रिया नहीं हो पाई। ऐसे में अब एनएचएआई का नया टेंडर नई सड़क बनाने की जगह इसकी मरम्मत करने जा रही है।
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मरम्मत के लिए 24 करोड़ रुपए का टेंडर जारी हुआ
वन विभाग के रेंजर आश्रय उपाध्याय ने बताया कि अभी वन एरिया में सड़क चौड़ी करने को लेकर कोई प्रक्रिया नहीं चल रही है। न ही किसी तरह की एनओसी जारी हुई है। इसलिए वर्तमान में पांच मीटर चौड़ी है और मरम्मत के बाद भी सड़क इतनी ही चौड़ी रहेगी। उसे बढ़ाया नहीं जाएगा। 2027 के बाद जो टेंडर जारी होगा। उसमें तय होगा कि यहां पर सड़क कितनी चौड़ी बनेगी। इस संबंध में एनएचएआई के प्रबंधक अमृत लाल साहू ने बताया कि इस सड़क की मरम्मत के लिए 24 करोड़ रुपए का टेंडर जारी हुआ है। जबकि सड़क चौड़ी करने की डीपीआर बन रही है। इसमें सड़क 10 से 12 मीटर चौड़ी होगी, लेकिन 20 किमी को जो एरिया वन विभाग के क्षेत्र में आ रहा है। उस पर निर्णय बाद में होगा। दिल्ली में स्वीकृति मिलने के बाद ही इस पर काम होगा।
नितिन गड़करी ने किया था भूमिपूजन
जानकारी के अनुसार यह मार्ग जबलपुर से दमोह हीरापुर तक एनएच संख्या 34 और हीरापुर से टीकमगढ़, ओरछा तक राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 539 को जोड़ा जाना है। इसको लेकर ओरछा में 23 जनवरी 2023 में केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने भूमिपूजन किया था, लेकिन टेंडर प्रक्रिया अटक गई।
