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Damoh News: ये कैसा दावा? सफाई कर्मियों की कमी, 98 अंक पर अटकी स्वक्षता रैंकिंग, टॉप 10 में कैसे आएगा शहर?

Sun, 26 Jan 2025 04:25 PM IST
दमोह ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: दमोह ब्यूरो Updated Sun, 26 Jan 2025 04:25 PM IST
सार

साल 2015 में दमोह शहर को देश का सबसे गंदा शहर घोषित किया गया था। इसके बाद स्वास्थ्य अधिकारी की नियुक्ति की गई थी, लेकिन 2019 से वह पद भी खाली पड़ा है। हालांकि, अधकिारी इस बार रैंक में सुधार का दावा कर रहे हैे।

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Damoh top 10 when the city's cleanliness ranking is stuck at 98 points due to lack of sanitation workers
दमोह नगर पालिका

विस्तार

दमोह शहर में स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, अगले महीने सर्वेक्षण टीम के आने की तैयारी की जा रही है। लेकिन, दमोह नगर पालिका में कर्मचारियों की कमी के कारण शहर की रैंकिंग 98 अंक पर स्थिर है। वहीं, इस बार नगर पालिका ने टॉप 10 में आने का दावा किया है।

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सर्वेक्षण के लिए नगर पालिका द्वारा स्वच्छता पोर्टल पर सभी दस्तावेज अपलोड कर दिए गए हैं। अगले महीने दिल्ली से क्यूसीआई (क्वालिटी कंट्रोल ऑफ इंडिया) की टीम सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करने के लिए दमोह पहुंचेगी। हालांकि, अभी तक शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। न तो डिवाइडर की पुताई हुई है और न ही सड़कों से कचरा समय पर हटाया जा रहा है। कई स्थानों पर डस्टबिन टूटे पड़े हैं। साथ ही, नगर पालिका के स्वास्थ्य विभाग में 15 महत्वपूर्ण पद खाली हैं। हालांकि, जिला प्रशासन और नगर पालिका प्रत्येक रविवार को शहर के एक-एक वार्ड में श्रमदान कर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं।
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देश के सबसे गंदे शहरों में हो चुका है शामिल 
बता दें कि दमोह पहले देश के सबसे गंदे शहरों में शामिल हो चुका है। इसके बाद से सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 2021 में दमोह की रैंकिंग 74 नंबर पर थी, जो 2022 में खिसककर 98 अंक पर पहुंच गई। 2023 में सर्वेक्षण छह माह की देरी से हुआ, फिर भी रैंकिंग में कोई सुधार नहीं हुआ और 98 अंक ही प्राप्त हुए। इसका मुख्य कारण कचरा संग्रहण, निस्तारण, आवासीय क्षेत्रों और बाजारों की सफाई पर मापदंड के अनुसार काम न होना बताया गया। रविवार के दिन सफाई की स्थिति और भी खराब हो जाती है। हालांकि, इस बार टॉप 10 में आने का दावा किया जा रहा है।
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वर्तमान में सफाई विभाग में खाली पदों की स्थिति

  • नगर स्वच्छता अधिकारी: 1 पद
  • ठोस अपशिष्ट प्रबंधन अधिकारी: 1 पद
  • स्वच्छता अधिकारी: 1 पद
  • स्वच्छता निरीक्षक: 2 स्वीकृत पद, दोनों खाली
  • स्वच्छता उपनिरीक्षक: 5 स्वीकृत पद, सभी खाली
  • स्वच्छता पर्यवेक्षक: 10 स्वीकृत पद, इनमें से 5 पद खाली

गौरतलब है कि वर्ष 2015 में दमोह शहर को देश का सबसे गंदा शहर घोषित किया गया था। इसके बाद स्वास्थ्य अधिकारी की नियुक्ति की गई थी, लेकिन 2019 से वह पद भी खाली पड़ा है।



लगातार किए जा रहे प्रयास
नगर पालिका सीएमओ प्रदीप कुमार शर्मा ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। जो भी कमियां हैं, उन्हें जल्द ही ठीक किया जाएगा और इस बार रैंकिंग में सुधार होगा।

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