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Damoh Fake Doctor Case: सात मौत मामले में मिशन अस्पताल की कैथ लैब सील, यहीं किए थे फर्जी डॉक्टर ने ऑपरेशन
Thu, 10 Apr 2025 06:34 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 10 Apr 2025 06:34 PM IST
सार
दमोह मिशन अस्पताल में सात मौतों के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कैथ लैब को सील कर दिया। आरोपी डॉ. नरेंद्र यादव पुलिस रिमांड पर है। टीम ने ब्लड बैंक और डायलिसिस यूनिट की जांच की। रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
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दमोह में कैथ लैब सील कर दी गई है।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दमोह के मिशन अस्पताल में सात मौतों के मामले ने गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीम ने अस्पताल की कैथ लैब को सील कर दिया है। इस मामले में आरोपी डॉ नरेंद्र यादव पांच दिन की पुलिस रिमांड पर है, जिससे पुलिस के द्वारा पूछताछ की जा रही है।
गुरुवार शाम स्वास्थ्य विभाग की टीम में शामिल डॉ राजेश नामदेव, प्रशांत सोनी, प्रहलाद पटेल, डॉ विक्रांत चौहान और नायब तहसीलदार रघुनंदन चतुर्वेदी मिशन अस्पताल पहुंचे। सबसे पहले टीम के द्वारा ब्लड बैंक और डायलिसिस यूनिट का निरीक्षण किया। उसके बाद कैथ लैब की जांच करने पहुंचे।
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ये भी पढ़ें- सात जानें लेने वाले फर्जी डॉक्टर को पूछताछ में आया बुखार, इन बीमारियों से भी परेशान, कैसी कट रही रिमांड?
कैथ लैब को डॉक्टर विक्रांत चौहान, डॉ राजेश नामदेव और नायब तहसीलदार रघुनंदन चतुर्वेदी के हस्ताक्षर से सील किया गया है। वहीं टीम में शामिल जिला अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रहलाद पटेल और डॉ. प्रशांत सोनी ने मिशन अस्पताल की ब्लड बैंक का निरीक्षण किया है। ब्लड बैंक का निरीक्षण करने के बाद डॉक्टर पटेल ने बताया कि यहां पर सब कुछ ठीक निकला है, लेकिन ब्लड बैंक प्रभारी रिटायर्ड डॉक्टर पीसी स्वर्णकार है जो मौके पर नहीं मिले। इसे लापरवाही माना जा सकता है, क्योंकि जांच के समय उन्हें मौजूद रहना चाहिए।
ये भी पढ़ें- कुंवारा है डॉ. कैम, दस्तावेज में पत्नी-बच्चों के नाम फर्जी, MBBS की डिग्री असली बताई; किए बड़े खुलासे
किसी भी तरह की कार्रवाई को लेकर उन्होंने कहा कि रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सबमिट करेंगे। उसके बाद ही तय होगा कि आगे क्या कार्रवाई करनी है। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारी डॉक्टर सोनी ने अस्पताल प्रबंधन से अपनी बातचीत में यह भी नहीं पूछा कि डॉक्टर पीसी स्वर्णकार ब्लड बैंक में कितने समय ड्यूटी देते हैं।
मशीन खराब होगी तो कौन जिम्मेदार?
कैथ लैब सील होने पर मिशन अस्पताल की प्रबंधक पुष्पा खरे का कहना है कि लैब को सील कर दिया है जिससे टेंपरेचर मेंटेन नहीं होगा तो करीब 8 करोड़ कीमत की मशीन खराब हो सकती है। बता दें जिस कैथ लैब को सील किया है यह वही लैब है, जहां आरोपी डॉक्टर ने मरीजों की हार्ट सर्जरी की थी। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मिशन अस्पताल पर पहली कार्रवाई की शुरुआत हो गई है। आरोपी से पूछताछ के बाद पुलिस टीम अब उन स्थानों पर रवाना हो रही है जहां से आरोपी ने अपनी डॉक्टरी की डिग्री करना बताया है।
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गुरुवार शाम स्वास्थ्य विभाग की टीम में शामिल डॉ राजेश नामदेव, प्रशांत सोनी, प्रहलाद पटेल, डॉ विक्रांत चौहान और नायब तहसीलदार रघुनंदन चतुर्वेदी मिशन अस्पताल पहुंचे। सबसे पहले टीम के द्वारा ब्लड बैंक और डायलिसिस यूनिट का निरीक्षण किया। उसके बाद कैथ लैब की जांच करने पहुंचे।
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कैथ लैब को डॉक्टर विक्रांत चौहान, डॉ राजेश नामदेव और नायब तहसीलदार रघुनंदन चतुर्वेदी के हस्ताक्षर से सील किया गया है। वहीं टीम में शामिल जिला अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रहलाद पटेल और डॉ. प्रशांत सोनी ने मिशन अस्पताल की ब्लड बैंक का निरीक्षण किया है। ब्लड बैंक का निरीक्षण करने के बाद डॉक्टर पटेल ने बताया कि यहां पर सब कुछ ठीक निकला है, लेकिन ब्लड बैंक प्रभारी रिटायर्ड डॉक्टर पीसी स्वर्णकार है जो मौके पर नहीं मिले। इसे लापरवाही माना जा सकता है, क्योंकि जांच के समय उन्हें मौजूद रहना चाहिए।
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किसी भी तरह की कार्रवाई को लेकर उन्होंने कहा कि रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सबमिट करेंगे। उसके बाद ही तय होगा कि आगे क्या कार्रवाई करनी है। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारी डॉक्टर सोनी ने अस्पताल प्रबंधन से अपनी बातचीत में यह भी नहीं पूछा कि डॉक्टर पीसी स्वर्णकार ब्लड बैंक में कितने समय ड्यूटी देते हैं।
मशीन खराब होगी तो कौन जिम्मेदार?
कैथ लैब सील होने पर मिशन अस्पताल की प्रबंधक पुष्पा खरे का कहना है कि लैब को सील कर दिया है जिससे टेंपरेचर मेंटेन नहीं होगा तो करीब 8 करोड़ कीमत की मशीन खराब हो सकती है। बता दें जिस कैथ लैब को सील किया है यह वही लैब है, जहां आरोपी डॉक्टर ने मरीजों की हार्ट सर्जरी की थी। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मिशन अस्पताल पर पहली कार्रवाई की शुरुआत हो गई है। आरोपी से पूछताछ के बाद पुलिस टीम अब उन स्थानों पर रवाना हो रही है जहां से आरोपी ने अपनी डॉक्टरी की डिग्री करना बताया है।
