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Damoh News: शिक्षिका ने तैयार किया अनोखा चार्ट, प्रोजेक्ट और घड़ी से पढ़ाई कर रहे सरकारी स्कूल के बच्चे

Wed, 27 Nov 2024 02:31 PM IST
दमोह ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: दमोह ब्यूरो Updated Wed, 27 Nov 2024 02:31 PM IST
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Damoh A unique chart prepared by a government school teacher, children study using projects and clocks
शिक्षिका द्वारा तैयार किया चार्ट

दमोह शहर के शासकीय शहीद प्रेमचंद प्राइमरी स्कूल के बच्चे किताबी ज्ञान के साथ-साथ नवाचारों के माध्यम से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। शिक्षिका द्वारा बनाए गए चार्ट और कागज की घड़ी से बच्चे पढ़ाई में रुचि दिखा रहे हैं। इसका नतीजा यह है कि अब 85 प्रतिशत बच्चे नियमित रूप से स्कूल आ रहे हैं। अधिकारियों ने भी शिक्षिका मोतीबाई चक्रवर्ती के प्रयासों की सराहना की है। गणित के सवाल हों या हिंदी वर्णमाला, बच्चों को विभिन्न चार्ट, घड़ियों और प्रोजेक्ट कार्ड्स के माध्यम से पढ़ाया जा रहा है।

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दरअसल, बच्चों को वर्णमाला के अक्षरों को ध्वनि से जोड़कर पढ़ाया जाता है। इसके लिए बच्चों को दीवार पर लगे कार्ड्स के सामने खड़ा किया जाता है और फिर उन्हें बोलकर समझाया जाता है। इसके बाद बच्चे स्वयं उसे पढ़ने लगते हैं। वहीं, कागज से बनी एक घड़ी का उपयोग किया जा रहा है। इस घड़ी में घंटे, मिनट और सेकंड की मदद से गणित और जीवन में उपयोगी विभिन्न विषयों की जानकारी दी जाती है। इसके अलावा मात्राओं को बड़े-बड़े रूप में तैयार किया गया है। दीवार पर गिनती और खड़ी पंक्ति के चार्ट बनाए गए हैं। प्रत्येक अक्षर के लिए अलग-अलग कार्ड्स बनाए गए हैं, जिन पर अक्षर और उनसे बनने वाले शब्दों को दिखाया गया है।
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शिक्षिका मोतीबाई चक्रवर्ती ने बताया कि उनके क्षेत्र में ज्यादातर गरीब वर्ग के बच्चे हैं, जिनकी उपस्थिति पहले बहुत कम रहती थी। कई बार बच्चों के घर जाकर पालकों को समझाने की कोशिश की, लेकिन ज्यादा फर्क नहीं पड़ा। इसके बाद उन्होंने निर्णय लिया कि बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ सरल और रोचक विधियों से पढ़ाया जाएगा ताकि उनका पढ़ाई में मन लगे और वे नियमित रूप से स्कूल आएं। इसके लिए उन्होंने खुद तरह-तरह के चित्र, चार्ट और प्रोजेक्ट तैयार किए। इन प्रयासों का असर यह हुआ कि अब रोजाना 85 प्रतिशत बच्चे स्कूल आते हैं, जबकि पहले यह संख्या 50-60 प्रतिशत ही थी।
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प्रधानाध्यापक ज्योति मांझी ने बताया कि सभी प्रोजेक्ट शिक्षिका मोतीबाई ने खुद घर पर तैयार किए हैं। उनकी मेहनत की वजह से अब बच्चे नियमित रूप से स्कूल आने लगे हैं। डीपीसी मुकेश द्विवेदी का कहना है कि यह एक बहुत अच्छी पहल है। इस तरह के नवाचार से बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ रही है। अन्य स्कूलों के शिक्षकों को भी यहां से प्रेरणा लेनी चाहिए।
 

शिक्षिका द्वारा तैयार किया चार्ट

शिक्षिका द्वारा तैयार किया चार्ट

 

 

 

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