फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Damoh News ›   Commotion during immersion at Futera Pond; CMO and members of the Durga Utsav Committee come face-to-face

दमोह: फुटेरा तालाब पर विसर्जन के दौरान बवाल, सीएमओ और दुर्गोत्सव समिति के सदस्य आमने-सामने; देखें वीडियो

Wed, 21 Oct 2026 03:38 PM IST
दमोह ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: दमोह ब्यूरो Updated Wed, 21 Oct 2026 03:38 PM IST
सार

दमोह के फुटेरा तालाब पर दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान बैरिकेडिंग को लेकर सीएमओ राजेंद्र सिंह लोधी और दुर्गोत्सव समिति के सदस्यों में विवाद हो गया। हंगामे के कारण विसर्जन डेढ़ घंटे रुका। पुलिस की समझाइश के बाद प्रक्रिया शुरू हुई।

विज्ञापन
Commotion during immersion at Futera Pond; CMO and members of the Durga Utsav Committee come face-to-face
दमोह में दुर्गा विसर्जन के दौरान हंगामा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विजयादशमी के अवसर पर मंगलवार को दमोह के फुटेरा तालाब पर दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान विवाद हो गया। रेलवे स्टेशन दुर्गोत्सव समिति के सदस्यों और नगर पालिका के सीएमओ राजेंद्र सिंह लोधी के बीच बैरिकेडिंग को लेकर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और प्रतिमा विसर्जन की प्रक्रिया करीब डेढ़ घंटे तक प्रभावित रही।

विज्ञापन


समिति के सदस्यों ने सीएमओ पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए उनसे माफी मांगने की मांग की। वहीं, सीएमओ की ओर से भी सदस्यों पर दबाव बनाने और धमकाने के आरोप लगाए गए। इस दौरान सीएमओ के खिलाफ नारेबाजी भी हुई। घटनाक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद को लेकर बहस शुरू हो गई।

विज्ञापन


बैरिकेडिंग हटाने को लेकर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम नगर पालिका परिसर में स्थापित देवी प्रतिमा विसर्जन के लिए फुटेरा तालाब पहुंची थी। इसी दौरान भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री सतीश तिवारी और नगर पालिका सीएमओ राजेंद्र सिंह लोधी के बीच बैरिकेडिंग को लेकर विवाद हो गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

सतीश तिवारी का आरोप था कि घाट पर लगाए गए बैरिकेड हटाने के बावजूद सीएमओ ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। इस पर विसर्जन के लिए पहुंचे लोगों ने नाराजगी जताई और सीएमओ से माफी मांगने की मांग करने लगे।

वहीं, सीएमओ का कहना था कि तालाब पर बैरिकेडिंग कलेक्टर के निर्देश पर की गई थी। इसी व्यवस्था को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस बढ़ गई। विवाद के चलते प्रतिमा विसर्जन रोकना पड़ा और मौके पर काफी देर तक हंगामा होता रहा।

पढे़ें:  सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी परीक्षा के प्रवेश पत्र जारी,107 पदों के लिए 1 नवंबर को होगी परीक्षा

वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
विवाद के दौरान समिति के सदस्य सीएमओ से माफी मांगने की मांग पर अड़े रहे। घटनाक्रम से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया। एक अन्य वायरल वीडियो में कथित तौर पर जातिगत संदर्भों वाली टिप्पणियां सुनाई देने की बात भी सामने आई।

इसके बाद विवाद ने सामाजिक रंग ले लिया। सोशल मीडिया पर ओबीसी वर्ग से जुड़े कुछ लोगों ने नाराजगी जताते हुए दुर्गोत्सव समिति के सदस्यों पर सीएमओ के साथ मारपीट करने और उन पर जबरन माफी मांगने का दबाव बनाने के आरोप लगाए। हालांकि, वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में दोनों पक्षों के आरोपों को अलग-अलग देखा जाना जरूरी है।

सीएसपी ने मौके पर पहुंचकर कराया विवाद शांत
विवाद बढ़ने की सूचना मिलने पर सीएसपी एचआर पांडे मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों को समझाइश देकर स्थिति सामान्य कराने का प्रयास किया। इसके बाद क्रेन की मदद से देवी प्रतिमा का विसर्जन कराया गया। करीब डेढ़ घंटे तक प्रभावित रही प्रक्रिया दोबारा शुरू होने के बाद अन्य समितियों की प्रतिमाएं भी तालाब तक पहुंचने लगीं। विसर्जन स्थल पर श्रद्धालुओं की मौजूदगी और चल समारोह की व्यवस्थाओं को देखते हुए पुलिस प्रशासन सक्रिय रहा। अधिकारियों की समझाइश के बाद स्थिति शांत हुई और प्रतिमा विसर्जन का क्रम आगे बढ़ा।

घंटाघर पर अखाड़ों ने दिखाए करतब, झांकियों को मिले पुरस्कार
विवाद के बीच शहर में दशहरा चल समारोह भी जारी रहा। विभिन्न क्षेत्रों की दुर्गा प्रतिमाएं चल समारोह में शामिल हुईं। अखाड़ों का संचालन करने वाली समितियां घंटाघर पहुंचीं। यहां से टॉकीज चौराहा होते हुए प्रतिमाओं को फुटेरा तालाब ले जाया गया।

घंटाघर पर विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में अखाड़ों के कलाकारों ने अपने करतब दिखाए। इस दौरान झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। बेहतर प्रदर्शन करने वाली झांकियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच चल समारोह में धार्मिक उत्साह दिखाई दिया।

रातभर चला विसर्जन, सुबह सात बजे विसर्जित हुई अंतिम प्रतिमा
फुटेरा तालाब पर प्रतिमाओं का विसर्जन व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदौरिया, सीएसपी एचआर पांडे, तहसीलदार रघुनंदन चतुर्वेदी, कोतवाली टीआई मनीष कुमार और एसडीआरएफ टीम प्रभारी प्राची दुबे सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी व्यवस्थाओं में जुटे रहे। रातभर फुटेरा तालाब पर प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला चलता रहा। बुधवार सुबह करीब सात बजे महाकाली की अंतिम प्रतिमा का विसर्जन होने के साथ दशहरा चल समारोह का समापन हुआ। इस दौरान अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने व्यवस्थाओं की निगरानी की।



सकल हिंदू समाज के जिलाध्यक्ष ने जताया आभार
सकल हिंदू समाज के जिलाध्यक्ष कपिल सोनी ने चल समारोह में शामिल सभी समितियों, प्रशासन, पुलिस और नगर पालिका का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष का चल समारोह ऐतिहासिक रहा। उनके अनुसार, उन्होंने विभिन्न दुर्गा पंडालों में पहुंचकर समितियों से चल समारोह में शामिल होने और घंटाघर पहुंचने का आग्रह किया था। कई समितियों ने उनके आग्रह को स्वीकार करते हुए चल समारोह में भाग लिया।

कपिल सोनी ने प्रशासन, पुलिस और नगर पालिका की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि चल समारोह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। हालांकि, फुटेरा तालाब पर बैरिकेडिंग को लेकर हुआ विवाद दशहरा आयोजन के दौरान चर्चा का प्रमुख विषय बना रहा। वायरल वीडियो और दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों के कारण इस घटनाक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर बहस जारी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed