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Damoh: टूटे ताले पर मिले फिंगर प्रिंट की मदद से पकड़ाए चोर, हनुमान मंदिर में चोरी का मामला
Fri, 07 Oct 2022 09:00 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 07 Oct 2022 09:00 PM IST
सार
सकौर गांव में बीते महीने 16-17 तारीख को हनुमान मंदिर, गणेश मंदिर और राम मंदिर में चोरी हुई थी। पुलिस ने मंदिर के टूटे ताले पर मिले फिंगर प्रिंट लिए थे। इनकी मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंची। दो आरोपी गिरफ्तार कर लिए हैं, जबकि एक फरार है।
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पुलिस ने आरोपियों से चोरी गया सामान भी बरामद कर लिया है।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मध्य प्रदेश के दमोह जिले के एक हनुमान मंदिर में हुई चोरी का खुलासा करते हुए सागर से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मंदिर के टूटे ताले पर मिले फिंगर प्रिंट की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंची है। आरोपियों से चोरी का माल भी बरामद कर लिया गया है।
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को एसपी डीआर तेनीवार ने मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि दमोह जिले के गैसाबाद थाना के सकौर गांव में बीते महीने 16-17 तारीख को हनुमान मंदिर, गणेश मंदिर और राम मंदिर में चोरी हुई थी। पुलिस ने मंदिर के टूटे ताले पर मिले फिंगर प्रिंट लिए थे। जब इन फिंगर प्रिंट को नेफिस सिस्टम में सर्च किया गया तो एक फिंगर प्रिंट सागर थाना रहली के पुराने आरोपी विजय पिता मुन्ना लड़िया से मिले। पुलिस ने उसे अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। उसने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर चोरी करना स्वीकार किया।
उसने बताया कि अपने साथी जित्तू उर्फ जितेंद्र आदिवासी निवासी दिधोनिया ग्वारी थाना सुरखी जिला सागर एवं रोहन आदिवासी तावड़े निवासी मोठार थाना गढ़ाकोटा जिला सागर के साथ मिलकर मंदिरों में चोरी की थी। विजय की निशानदेही पर पुलिस ने जित्तू आदिवासी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि तीसरा आरोपी रोहन तावड़े फरार हाथ नहीं लगा।
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एसपी तेनीवार ने बताया कि तीनों अपराधी आपस में दोस्त हैं। मुख्य आरोपी विजय अपने दोनों साथियों के साथ घटना के कुछ दिन पूर्व सकौर गांव के इस मंदिर में दर्शन करने आया था और यहां पर रैकी कर घटना को अंजाम देने का प्लान बनाया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से चोरी किए गए मुकुट, छत्र व भगवान के आभूषण बरामद कर लिए हैं।
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जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को एसपी डीआर तेनीवार ने मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि दमोह जिले के गैसाबाद थाना के सकौर गांव में बीते महीने 16-17 तारीख को हनुमान मंदिर, गणेश मंदिर और राम मंदिर में चोरी हुई थी। पुलिस ने मंदिर के टूटे ताले पर मिले फिंगर प्रिंट लिए थे। जब इन फिंगर प्रिंट को नेफिस सिस्टम में सर्च किया गया तो एक फिंगर प्रिंट सागर थाना रहली के पुराने आरोपी विजय पिता मुन्ना लड़िया से मिले। पुलिस ने उसे अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। उसने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर चोरी करना स्वीकार किया।
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उसने बताया कि अपने साथी जित्तू उर्फ जितेंद्र आदिवासी निवासी दिधोनिया ग्वारी थाना सुरखी जिला सागर एवं रोहन आदिवासी तावड़े निवासी मोठार थाना गढ़ाकोटा जिला सागर के साथ मिलकर मंदिरों में चोरी की थी। विजय की निशानदेही पर पुलिस ने जित्तू आदिवासी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि तीसरा आरोपी रोहन तावड़े फरार हाथ नहीं लगा।
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एसपी तेनीवार ने बताया कि तीनों अपराधी आपस में दोस्त हैं। मुख्य आरोपी विजय अपने दोनों साथियों के साथ घटना के कुछ दिन पूर्व सकौर गांव के इस मंदिर में दर्शन करने आया था और यहां पर रैकी कर घटना को अंजाम देने का प्लान बनाया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से चोरी किए गए मुकुट, छत्र व भगवान के आभूषण बरामद कर लिए हैं।
