मध्य प्रदेशः सागर में 15 साल की लड़की को गैंगरेप के बाद जिंदा जलाया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मध्य प्रदेश के सागर जिले से इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां हवस के नशे में चूर दो आरोपियों ने क्लाश 8th की छात्रा से गैंगरेप करने के बाद उसे फूंकने की कोशिश की है। घटना सागर जिले के देवल गांव की है।
इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक दो युवकों ने छात्रा के घर में जबरन घुसकर उसके साथ दरिंदगी की घटना को अंजाम दिया है। आरोपियों ने रेप के बाद पकड़े जाने के डर से मासूम पर केरोसिन डालकर उसे फूंकने की कोशिश की है। पीड़िता के मदद के लिए चिल्लाने पर पड़ोसियों ने उसे जाकर बचा लिया। हालांकि रेप के आरोपी मौके से फरार हो गए।
भंगड़ पुलिस स्टेशन के एसएचओ के मुताबिक दो युवकों ने पीड़िता के साथ बलात्कार कर उसपर केरोसीन डालकर आग लगा दी। जिसके बाद पीड़िता के मदद को चिल्लाने पर पड़ोसियों ने आकर उसकी जान बचाई। मामले की अभी जांच चल रही है। यह अभी साफ नहीं हो पाया है कि आरोपी केरोसीन अपने साथ में लेकर आए थे या फिर छात्रा के घर से केरोसीन इस्तेमाल किया।
पढ़ें- मंडप में सात फेरों से पहले अचनाक दूल्हे के साथ हुआ कुछ ऐसा दुल्हन ने शादी से किया इनकार
इस केस ने एक बार फिर से मध्य प्रदेश सरकार के हालिया कानून की याद दिला दी है जिममें नाबालिगों के साथ बलात्कार करने के लिए दोषी ठहराए गए लोगों के लिए सजा-ए-मौत का प्रस्ताव है। मौत की सजा देने के खिलाफ लोगों का दावा है कि अगर सरकार ऐसा कानून लागू करती है तो बलत्कार का अभियुक्त पीड़िता को जान से मारने का प्रयास करेगा।
हालांकि राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इस तर्क को खारिज करते हुए कहा है कि बलात्कारियों को जीने के हकदार नहीं हैं। साथ ही यह भी कहा कि मौत की सजा का प्रावधान बलात्कारियों के लिए प्रतिरोध का काम करेगा। उन्होंने कहा कि दो या दो से अधिक पहलू होते हैं, लेकिन जहां तक बलात्कारी के लिए मौत की सजा का संबंध है तो मध्य प्रदेश में इस कानून के पक्ष में आम सहमति है क्योंकि हमारा मानना है कि ऐसे लोगों को कठोर से कठोर सजा दी जानी चाहिए।