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कांग्रेस नेत्री से दुष्कर्म मामला: कांग्रेस विधायक के बेटे की मुश्किलें बढ़ी, पुलिस ने दर्ज किया धोखाधड़ी का केस, डॉक्टर को भी बनाया आरोपी
Sun, 16 Jan 2022 01:21 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Sun, 16 Jan 2022 01:21 PM IST
सार
कांग्रेस नेत्री से दुष्कर्म के आरोपी करण मोरवाल की मुसीबतें कम नहीं हो रही है। एमजी रोड थाना पुलिस ने आरोपी करण और शासकीय चिकित्सालय के मेडिकल प्रभारी डॉ. देवेंद्र स्वामी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
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आरोपी करण मोरवाल
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कांग्रेस नेत्री से दुष्कर्म के आरोपी करण मोरवाल की मुसीबतें कम नहीं हो रही है। एमजी रोड थाना पुलिस ने आरोपी करण और शासकीय चिकित्सालय के मेडिकल प्रभारी डॉ. देवेंद्र स्वामी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। आरोपी करण मोरवाल बड़नगर के कांग्रेस विधायक मुरली मोरवाल का बेटा है।
एमजी रोड थाना पुलिस के अनुसार आरोपी करण ने बचने के लिए डॉक्टर के साथ मिलकर शासकीय अस्पताल में भर्ती अन्य मरीज के स्थान पर करण ने खुद के भर्ती होने के फर्जी दस्तावेज बनवा लिए थे। अग्रिम जमानत लेने के लिए ये दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत किए थे। दस्तावेज में बताया था कि जिस दिन कांग्रेस नेत्री के साथ दुष्कर्म हुआ, उस दिन वह बड़नगर सरकारी अस्पताल में भर्ती था। करण ने यह दस्तावेज उच्च न्यायालय व सुप्रीम कोर्ट में भी प्रस्तुत किया, जबकि पुलिस थाने में जब्त घटना दिनांक के सीसीटीवी फुटेज में करण पीड़िता को नशे की हालत में जबरदस्ती खींचता हुआ फ्लैट के अंदर ले जाता हुआ दिखाई दे रहा है। जांच में दस्तावेज फ़र्ज़ी पाए गए थे। मामले की जांच के लिए उज्जैन कलेक्टर ने एसडीएम के माध्यम से जांच करवाई थी। इसमें पता चला था कि शासकीय चिकित्सालय बड़नगर के मेडिकल प्रभारी डॉ. देवेन्द्र स्वामी ने फर्जी तरीके से अपने अधीनस्थ कर्मचारियों पर दबाव बनाकर करण मोरवाल का फर्जी तरीके से भर्ती सर्टिफिकेट बनाया है। डॉक्टर ने बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के भर्ती रजिस्टर में अन्य मरीज के स्थान पर 13 फरवरी 2021 को काटछांट कर करण का नाम लिख दिया, जिसके बाद डॉक्टर देवेन्द्र स्वामी को निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद पीड़िता ने उज्जैन कलेक्टर से मामले में कार्रवाई करने के लिए कहा था। जांच के बाद एमजी रोड थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया।
पीड़िता ने कहा था-केस दर्ज नहीं हुआ तो कर लेगी आत्महत्या
गौरतलब है कि 2 अप्रैल 2021 को कांग्रेस नेत्री ने करण मोरवाल के खिलाफ दुष्कर्म का प्रकऱण दर्ज करवाया था। उसने बताया था कि 14 फरवरी 2021 को करण उसे होटल में ले गया था। वहां उसने कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर युवती को पिलाया। इसके बाद वह उसे फ्लैट पर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। गिरफ्तार होने के बाद करण मोरवाल ने बताया था कि वह 13 से 15 फरवरी तक बड़नगर के शासकीय अस्पताल में भर्ती था। इसी आधार पर उसे जमानत मिल गई थी। इस मामले में 18 जनवरी को कोर्ट में सुनवाई होना है। इधर पिछले दिनों दुष्कर्म पीड़िता ने आरोप लगाया था कि आरोपी करण मोरवाल को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमानत मिली है। उस पर धोखाधड़ी का केस दर्ज होना चाहिए। पुलिस को आवेदन दिया था। युवती ने कहा था कि अगर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज नहीं हुआ तो वह सीएम हाउस के सामने आत्महत्या कर लेगी।
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एमजी रोड थाना पुलिस के अनुसार आरोपी करण ने बचने के लिए डॉक्टर के साथ मिलकर शासकीय अस्पताल में भर्ती अन्य मरीज के स्थान पर करण ने खुद के भर्ती होने के फर्जी दस्तावेज बनवा लिए थे। अग्रिम जमानत लेने के लिए ये दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत किए थे। दस्तावेज में बताया था कि जिस दिन कांग्रेस नेत्री के साथ दुष्कर्म हुआ, उस दिन वह बड़नगर सरकारी अस्पताल में भर्ती था। करण ने यह दस्तावेज उच्च न्यायालय व सुप्रीम कोर्ट में भी प्रस्तुत किया, जबकि पुलिस थाने में जब्त घटना दिनांक के सीसीटीवी फुटेज में करण पीड़िता को नशे की हालत में जबरदस्ती खींचता हुआ फ्लैट के अंदर ले जाता हुआ दिखाई दे रहा है। जांच में दस्तावेज फ़र्ज़ी पाए गए थे। मामले की जांच के लिए उज्जैन कलेक्टर ने एसडीएम के माध्यम से जांच करवाई थी। इसमें पता चला था कि शासकीय चिकित्सालय बड़नगर के मेडिकल प्रभारी डॉ. देवेन्द्र स्वामी ने फर्जी तरीके से अपने अधीनस्थ कर्मचारियों पर दबाव बनाकर करण मोरवाल का फर्जी तरीके से भर्ती सर्टिफिकेट बनाया है। डॉक्टर ने बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के भर्ती रजिस्टर में अन्य मरीज के स्थान पर 13 फरवरी 2021 को काटछांट कर करण का नाम लिख दिया, जिसके बाद डॉक्टर देवेन्द्र स्वामी को निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद पीड़िता ने उज्जैन कलेक्टर से मामले में कार्रवाई करने के लिए कहा था। जांच के बाद एमजी रोड थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया।
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पीड़िता ने कहा था-केस दर्ज नहीं हुआ तो कर लेगी आत्महत्या
गौरतलब है कि 2 अप्रैल 2021 को कांग्रेस नेत्री ने करण मोरवाल के खिलाफ दुष्कर्म का प्रकऱण दर्ज करवाया था। उसने बताया था कि 14 फरवरी 2021 को करण उसे होटल में ले गया था। वहां उसने कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर युवती को पिलाया। इसके बाद वह उसे फ्लैट पर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। गिरफ्तार होने के बाद करण मोरवाल ने बताया था कि वह 13 से 15 फरवरी तक बड़नगर के शासकीय अस्पताल में भर्ती था। इसी आधार पर उसे जमानत मिल गई थी। इस मामले में 18 जनवरी को कोर्ट में सुनवाई होना है। इधर पिछले दिनों दुष्कर्म पीड़िता ने आरोप लगाया था कि आरोपी करण मोरवाल को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमानत मिली है। उस पर धोखाधड़ी का केस दर्ज होना चाहिए। पुलिस को आवेदन दिया था। युवती ने कहा था कि अगर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज नहीं हुआ तो वह सीएम हाउस के सामने आत्महत्या कर लेगी।
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