छिंदवाड़ा: स्यालघोघरी खदान में सांस लेने में परेशानी के बाद मजदूर की मौत, वेंटिलेशन व्यवस्था पर उठे सवाल
छिंदवाड़ा की स्यालघोघरी खदान में काम के दौरान मजदूर सुमेर की तबीयत बिगड़ गई। सांस लेने में परेशानी के बाद पंखे की ओर जाते समय वह गिर पड़ा। साथी मजदूर बाहर लाए, अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया। वेंटिलेशन पर सवाल उठे।
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छिंदवाड़ा स्यालघोघरी खदान में सोमवार रात काम के दौरान एक मजदूर की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सांस लेने में परेशानी महसूस होने के बाद मजदूर खदान के अंदर लगे पंखे की ओर जाने का प्रयास कर रहा था, लेकिन चक्कर आने से वह जमीन पर गिर पड़ा। साथी मजदूरों ने उसे व्हीलचेयर की मदद से खदान से बाहर निकाला और उपचार के लिए अस्पताल भेजा। जिला अस्पताल छिंदवाड़ा में डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद खदान की सुरक्षा और वेंटिलेशन व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार स्यालघोघरी खदान उमरेठ से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित है। इसका संचालन बिरला समूह की आरसीसीपीएल प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जाता है। सोमवार रात की शिफ्ट में मजदूर सुमेर खदान के नंबर दो पिट में ड्रिलिंग का काम कर रहा था। इसी दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। बताया जा रहा है कि उसे सांस लेने में परेशानी महसूस हुई। इसके बाद वह खदान में लगे पंखे की ओर जाने लगा, लेकिन कुछ दूरी पर ही उसे चक्कर आया और वह गिर पड़ा।
साथ काम कर रहे मजदूरों ने तत्काल उसे संभाला। हालत गंभीर होने पर व्हीलचेयर की मदद से उसे खदान से बाहर लाया गया और उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। बाद में उसे जिला अस्पताल छिंदवाड़ा ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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पहले भी दो महिला मजदूरों के बेहोश होने का दावा
घटना के बाद मजदूर संगठन ने खदान की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। इंटक मजदूर संगठन का कहना है कि इससे पहले भी इसी खदान में दो महिला मजदूरों के बेहोश होने की घटना सामने आई थी। संगठन के मुताबिक, उस समय खदान के अंदर वेंटिलेशन और ऑक्सीजन व्यवस्था को लेकर प्रबंधन को आगाह किया गया था।
संगठन का आरोप है कि पूर्व की घटना के बावजूद खदान में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पर्याप्त सुधार नहीं किए गए। मजदूर संगठन ने खदान के अंदर हवा के प्रवाह, वेंटिलेशन सिस्टम और काम के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा की निगरानी व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है।
विधायक ने जताई नाराजगी, जांच और कार्रवाई की मांग
मजदूर की मौत की सूचना के बाद परासिया विधायक सोहन वाल्मीकि ने भी नाराजगी जताई। उन्होंने खदान में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
घटना के बाद मजदूरों में भी चिंता का माहौल है। मजदूर संगठनों का कहना है कि खदान जैसे संवेदनशील कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच कर यह पता लगाने की मांग की है कि मजदूर की तबीयत अचानक क्यों बिगड़ी और क्या खदान के अंदर वेंटिलेशन व्यवस्था निर्धारित मानकों के अनुरूप थी।
फिलहाल मौत की वजह को लेकर अंतिम स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट और संबंधित जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। घटना ने आरसीसीपीएल की खदान में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
