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Chhindwara: छिंदवाड़ा शिक्षा विभाग के अफसर से सीबीआई के नाम पर 1.30 लाख की ठगी, बेटे को पकड़ने की कही थी बात
Thu, 25 Apr 2024 05:16 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, छिंदवाड़ा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, छिंदवाड़ा
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 25 Apr 2024 05:16 PM IST
सार
छिंदवाड़ा के शिक्षा विभाग से जुड़े एक अफसर से सवा लाख की ठगी हो गई। सीबीआई के नाम पर फोन कर बेटे को पकड़ने की बात कही फिर खाते में रुपये डलवा लिए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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छिंदवाड़ा में सीबीआई के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छिंदवाड़ा से ठगी का अलग ही मामला सामने आया है। सर्वशिक्षा अभियान से जुड़े जिले के सबसे बड़े अधिकारी ने फर्जी सीबीआई के फोन पर सवा लाख रुपये डाल दिए और कोई इंक्वारी भी नहीं की। बाद में जब ठगी का अहसास हुआ तो इसकी शिकायत साइबर सेल से की गई है।
मामला छिंदवाड़ा श्री डीपीसी इरपाची से जुड़ा हुआ है। जिला परियोजना समन्वयक श्री इरपची का बेटा इंदौर में रहता है। तीन-चार दिन पहले डीपीसी के पास एक फोन आता है और फोन करने वाला कहता है कि मैं सीबीआई से बोल रहा हूं आपके बेटे को पकड़ा गया है और आप रुपये भेजिए। इस फोन के बाद डीपीसी ने अपने पास से 80 हजार रुपये और एक अन्य व्यक्ति के पास से 50 हजार रुपये फोन करने वाले को भेज दिए। बाद में पता चला कि यह सीबीआई नहीं बल्कि साइबर फ्रॉड है। इस बात का पता चलने के बाद डीपीसी ने मामले की शिकायत साइबर सेल से की है।
किस बात का डर, क्यू दिए सीबीआई के नाम पर रुपये?
भ्रष्टाचार में फंसे अधिकारी नेता और उद्योगपतियों को ईडी और सीबीआई का डर हो सकता है कि कहीं उनकी कलई ना खुल जाए। लेकिन छिंदवाड़ा जैसे छोटे शहर में शिक्षा से जुड़े एक जिला समन्वयक ने आखिर सीबीआई के फोन पर रुपये क्यों दिए। यह सवाल इस शिकायत के बाद उठ रहा है कि आखिर ऐसा कौन सा डर डीपीसी को सता रहा है जिसके चलते उन्होंने सीबीआई के नाम पर किए गए फोन की इंक्वारी तक नहीं की और रुपये डाल दिए। यहां तक की अपने बेटे से पूछताछ किए बगैर ही डीसी ने खुद और एक अन्य व्यक्ति के खाते से लगभग सवा लाख रुपये डाले।
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चेतावनी के बाद भी अधिकारी हो रहे शिकार
साइबर फ्रॉड को लेकर लगातार चेतावनी दी जा रही है। हर किसी को यह बताया जा रहा है कि आपको किया गया फोन फ्रॉड भी हो सकता है। और आपको आर्थिक नुकसान पहुंचा सकता है किस-किस तरीके से साइबर फ्रॉड किया जा रहे हैं। इस बात की भी पूरी जानकारी दी जा रही है। उसके बाद भी लोग लगातार साइबर फ्रॉड के शिकार हो रहे हैं। अब तो हालात यह हो गए हैं कि शिक्षा विभाग से जुड़े बड़े अधिकारी भी ऐसे फ्रॉड के शिकार होने लगे। हालांकि यह फोन सीबीआई के नाम पर था, लेकिन फिर भी एक अधिकारी जो पढ़ाई के उच्च स्तर पर है उन्हें इस बात की तस्दीक अवश्य करनी चाहिए थी कि सीबीआई का फोन फर्जी है या फिर कोई मामला हुआ है।
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मामला छिंदवाड़ा श्री डीपीसी इरपाची से जुड़ा हुआ है। जिला परियोजना समन्वयक श्री इरपची का बेटा इंदौर में रहता है। तीन-चार दिन पहले डीपीसी के पास एक फोन आता है और फोन करने वाला कहता है कि मैं सीबीआई से बोल रहा हूं आपके बेटे को पकड़ा गया है और आप रुपये भेजिए। इस फोन के बाद डीपीसी ने अपने पास से 80 हजार रुपये और एक अन्य व्यक्ति के पास से 50 हजार रुपये फोन करने वाले को भेज दिए। बाद में पता चला कि यह सीबीआई नहीं बल्कि साइबर फ्रॉड है। इस बात का पता चलने के बाद डीपीसी ने मामले की शिकायत साइबर सेल से की है।
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किस बात का डर, क्यू दिए सीबीआई के नाम पर रुपये?
भ्रष्टाचार में फंसे अधिकारी नेता और उद्योगपतियों को ईडी और सीबीआई का डर हो सकता है कि कहीं उनकी कलई ना खुल जाए। लेकिन छिंदवाड़ा जैसे छोटे शहर में शिक्षा से जुड़े एक जिला समन्वयक ने आखिर सीबीआई के फोन पर रुपये क्यों दिए। यह सवाल इस शिकायत के बाद उठ रहा है कि आखिर ऐसा कौन सा डर डीपीसी को सता रहा है जिसके चलते उन्होंने सीबीआई के नाम पर किए गए फोन की इंक्वारी तक नहीं की और रुपये डाल दिए। यहां तक की अपने बेटे से पूछताछ किए बगैर ही डीसी ने खुद और एक अन्य व्यक्ति के खाते से लगभग सवा लाख रुपये डाले।
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चेतावनी के बाद भी अधिकारी हो रहे शिकार
साइबर फ्रॉड को लेकर लगातार चेतावनी दी जा रही है। हर किसी को यह बताया जा रहा है कि आपको किया गया फोन फ्रॉड भी हो सकता है। और आपको आर्थिक नुकसान पहुंचा सकता है किस-किस तरीके से साइबर फ्रॉड किया जा रहे हैं। इस बात की भी पूरी जानकारी दी जा रही है। उसके बाद भी लोग लगातार साइबर फ्रॉड के शिकार हो रहे हैं। अब तो हालात यह हो गए हैं कि शिक्षा विभाग से जुड़े बड़े अधिकारी भी ऐसे फ्रॉड के शिकार होने लगे। हालांकि यह फोन सीबीआई के नाम पर था, लेकिन फिर भी एक अधिकारी जो पढ़ाई के उच्च स्तर पर है उन्हें इस बात की तस्दीक अवश्य करनी चाहिए थी कि सीबीआई का फोन फर्जी है या फिर कोई मामला हुआ है।
