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Chhindwara: कोयला खदान को लेकर MLA सुनील उइके करेंगे पदयात्रा, तानसी कोल माइंस से हिंगलाज तक निकालेंगे यात्रा

Tue, 23 Jan 2024 05:23 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा Published by: अरविंद कुमार Updated Tue, 23 Jan 2024 05:23 PM IST
सार

कोयला खदान को लेकर विधायक पदयात्रा करेंगे। जुन्नारदेव विधायक सुनील उइके ने तानसी कोल माइंस से हिंगलाज तक पदयात्रा निकालने का एलान किया है।

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Chhindwara News Junnardev MLA Sunil Uike will march on coal mine issue
MLA सुनील उइके करेंगे पदयात्रा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छिंदवाड़ा में जुन्नारदेव से कांग्रेस विधायक सुनील उइके क्षेत्र की बंद पड़ी कोयला खदान को लेकर दो दिन की पदयात्रा पर निकलेंगे। इसको लेकर उन्होंने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि दमुआ ब्लॉक (कन्हान क्षेत्र) की तानसी कोयला खदान से विश्व प्रसिद्ध मी हिंगलाज मंदिर तक 29 जनवरी से 30 जनवरी तक दो दिवसीय भारत जोड़ो न्याय यात्रा निकालकर आंदोलन की शुरुआत करेंगे।

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पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने बताया कि जुन्नारदेव विधानसभा की आर्थिक गतिविधि मुख्यतः कोयला खदानों पर ही निर्भर है। जुन्नारदेव विधानसभा की आर्थिक गतिविधि को बनाए रखने एवं क्षेत्र के लोगों के रोजगार का ध्यान रखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ एवं सांसद नकुलनाथ ने कोयला क्षेत्र के भारी घाटे में चलने के बाद भी किसी कोयला खदान को बंद नहीं होने दिया था। लेकिन केंद्र एवं राज्य में काबिज भाजपा सरकार की जनविरोधी नितियों एवं भेदभाव पूर्ण रवैया के कारण जुन्नारदेव विधानसभा एवं कन्हान कोयला क्षेत्र को भारी नुकसान हो रहा है। एक ओर जहां षड्यंत्र पूर्व कन्हान क्षेत्र की चलती कोयला खदानों को अनुमति का बहाना बनाकर बंद किया जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर इन कोयला खदानों में कार्यरत कामगारों का क्षेत्र से बाहर स्थानांतरण कर कन्हान क्षेत्र को बंद करने की साजिश रची जा रही है।
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इन खदानों में है कोयले का अंबार
विधायक सुनील उइके ने बताया कि क्षेत्र में कोयले का अपार भण्डार होने के बाद भी नई खदान हर्राडोल, धाउनार्थ (नंदन माइंस), भाखरा, टेडी ईगली, दानवा, आलीवाड़ा, नारायणी ओपन कास्ट, भारत ओपन कास्ट फेस 4, शारदा फेस-2 प्रारंभ नहीं की जा रही है। कन्हान क्षेत्र की मोआरी एवं तानसी कोयला खदान के बंद हो जाने से कोयले का आक्शन नहीं हो पा रहा है, जिसके कारण कन्हान क्षेत्र के सैकड़ों निजी ट्रक मालिकों के समक्ष भयंकर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। महीनों से ये ट्रक मालिक अपने वाहन की किस्त जमा नहीं कर पा रहे हैं। 
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कालोनी की भी उठाई समस्या
वेकोलि की अनुपयोगी कॉलोनियों में निवास कर रहे एवं वेकोलि की जमीन पर दशकों से अपना मकान एवं दुकान बनाकर निवास कर रहे लोगों को मकानों का मालिकाना हक दिए जाने के संबंध में राज्य एवं केन्द्र की सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है। साल 2000 से पूर्व सेवानिवृत्त हुए वेकोलि कर्मचारियों को 500 से 1000 रुपये पेंशन दी जाती है, जिससे उनका गुजारा करना मुश्किल हो रहा है। सेवानिवृत्ति के बाद उनके उपचार की कोई व्यवस्था नहीं है।

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