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Chhindwara: MPEB की लापरवाही से अंधेरे में डूबे 70 गांव, बारिश के बीच 18 घंटे से नहीं है बिजली
Mon, 11 Jul 2022 01:11 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Mon, 11 Jul 2022 01:11 PM IST
सार
छिंदवाड़ा जिले में भारी बारिश के बीच 70 गांव अंधेरे में डूब गए हैं। इन गांवों में बीते 18 घंटे से एमपीईबी की लापरवाही के चलते बिजली नहीं है और लोगों को भारी बारिश के बीच अंधेरे में दिन और रात काटने पड़ रहे हैं।
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छिंदवाड़ा के 70 गांव अंधेरे में डूबे।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
छिंदवाड़ा जिले में भारी बारिश के बीच 70 गांव अंधेरे में डूब गए हैं। इन गांवों में बीते 18 घंटे से एमपीईबी की लापरवाही के चलते बिजली नहीं है और लोगों को भारी बारिश के बीच अंधेरे में दिन और रात काटने पड़ रहे हैं। दरअसल रविवार को हुई भारी बारिश के बाद 33 केवी लाइन में फाल्ट के कारण छिंदवाड़ा के लगभग 70 गांव अंधेरे में डूब गए। लाइट न होने के चलते पेयजल आपूर्ति सहित बिजली से जुड़े अन्य कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। खासकर बनगांव फीडर के नेर जमुनिया देवर्धा, काराघाट राजाखोह जमुनिया नगझिर, गाडरा लालू पिपरिया सहित 40 गांव रविवार रात से अंधेरे में डूबे हैं। वही चांद और पांजरा फीडर में भी नोनी बर्रा पिपरिया बम्हनी सहित लगभग 30 गांव में बिजली आपूर्ति ठप्प है। आपूर्ति बंद होने से लोगों के बिजली संबंधी कामकाज नहीं हो पा रहे हैं ऐसे में आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
गांव में नल जल आपूर्ति बंद होने से पेयजल संकट गहराने लगा है, तो वहीं लाइट नहीं रहने से बिजली के तमाम उपकरण बंद पड़े हुए हैं आटा चक्की सहित तमाम बिजली से जुड़े कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। बनगांव और पांजरा फीडर में लगातार बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है ऐसे में मानसून के पहले किए गए मेंटेनेंस को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दो ठेकेदारों के द्वारा लाखों रुपये की बिलिंग कर मेंटेनेंस किया गया था, लेकिन इसके बावजूद बार-बार लाइन फाल्ट हो रही है जिससे लोगों को अंधेरे में रहना पड़ रहा है।
एक तरफ जहां लोग अंधेरे से परेशान हैं तो वहीं, उनकी समस्या सुनने वाला कोई नहीं है। ग्रामीण लगातार अधिकारियों से शिकायत करने के लिए फोन लगा रहे हैं, लेकिन अधिकारी फोन नहीं उठा रहे हैं। ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश देखा जा रहा है। बिजली बंद रहने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों का जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है।
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गांव में नल जल आपूर्ति बंद होने से पेयजल संकट गहराने लगा है, तो वहीं लाइट नहीं रहने से बिजली के तमाम उपकरण बंद पड़े हुए हैं आटा चक्की सहित तमाम बिजली से जुड़े कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। बनगांव और पांजरा फीडर में लगातार बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है ऐसे में मानसून के पहले किए गए मेंटेनेंस को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दो ठेकेदारों के द्वारा लाखों रुपये की बिलिंग कर मेंटेनेंस किया गया था, लेकिन इसके बावजूद बार-बार लाइन फाल्ट हो रही है जिससे लोगों को अंधेरे में रहना पड़ रहा है।
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एक तरफ जहां लोग अंधेरे से परेशान हैं तो वहीं, उनकी समस्या सुनने वाला कोई नहीं है। ग्रामीण लगातार अधिकारियों से शिकायत करने के लिए फोन लगा रहे हैं, लेकिन अधिकारी फोन नहीं उठा रहे हैं। ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश देखा जा रहा है। बिजली बंद रहने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों का जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है।
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