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MP News: मंत्री द्वारा रोपे गए पौधे 3 माह में सूखे, जनपद पंचायत बिजावर पर उठे सवाल
Tue, 15 Jul 2025 10:05 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,बिजावर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,बिजावर
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Tue, 15 Jul 2025 10:05 AM IST
सार
जनपद पंचायत बिजावर द्वारा 20 फरवरी 2025 को आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम, जिसमें केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित कई नेता और अधिकारी शामिल हुए थे, मात्र तीन महीनों में ही पूरी तरह उजड़ गया।
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जनपद पंचायत बिजावर की बड़ी लापरवाही आई सामने
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सरकारी योजनाओं और आयोजनों में दिखावे और लापरवाही का एक और मामला सामने आया है। जनपद पंचायत बिजावर द्वारा आयोजित एक विशेष पौधारोपण कार्यक्रम, जिसमें केंद्रीय मंत्री और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी भाग लिया था, तीन महीने के भीतर ही उजड़ गया। पौधों की न तो देखभाल की गई और न ही नियमित रूप से पानी दिया गया, जिससे अधिकांश पौधे सूख गए और शेष को आवारा मवेशियों ने नष्ट कर दिया।
यह आयोजन 20 फरवरी 2025 को श्री जटाशंकर धाम में जल सहेली सम्मेलन के दौरान हुआ था, जब केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिजावर-जटाशंकर मार्ग पर स्थित कोल्हूपुरा मैदान में पौधारोपण कर "स्मृति वन" की शुरुआत की थी। यह कार्यक्रम उनके प्रतिदिन पौधा लगाने के संकल्प के चार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक राजेश शुक्ला, पूर्व विधायक पुष्पेंद्र नाथ पाठक, प्रदुम्न सिंह लोधी, भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष पुष्पेंद्र प्रताप सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। जिला पंचायत सीईओ तपस्या सिंह परिहार भी कार्यक्रम में शामिल थीं। जनपद पंचायत द्वारा दावा किया गया था कि कार्यक्रम में लगभग 500 पौधे लगाए गए हैं।
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यह भी पढ़ें: इंदौर के मुख्य रेलवे स्टेशन की बिल्डिंग का काम शुरू, परिसर में दस से ज्यादा पेड़ काटे
लेकिन हकीकत यह है कि यह बगिया दो महीने में ही उजड़ गई। न पौधों को पानी दिया गया, न उनकी देखरेख की गई और न ही सुरक्षा fencing की मरम्मत की गई। फेंसिंग टूटी पड़ी है और बगिया में मवेशियों का जमावड़ा बना रहता है। हालात यह हैं कि अधिकांश पौधे या तो सूख चुके हैं या उखड़ चुके हैं।
पौधारोपण की हकीकत उजागर
यह मामला सरकारी आयोजनों और योजनाओं की सतही कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। जब केंद्रीय मंत्री और जिले के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूदगी में शुरू की गई बगिया की यह दुर्दशा हो सकती है, तो आम क्षेत्रों में पौधारोपण का क्या हाल होगा, यह सहज ही समझा जा सकता है। जनपद पंचायत की इस लापरवाही पर अब तक किसी भी अधिकारी की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। न तो रखरखाव की जिम्मेदारी तय की गई और न ही पुनः सुधार के प्रयास नजर आ रहे हैं।
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यह आयोजन 20 फरवरी 2025 को श्री जटाशंकर धाम में जल सहेली सम्मेलन के दौरान हुआ था, जब केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिजावर-जटाशंकर मार्ग पर स्थित कोल्हूपुरा मैदान में पौधारोपण कर "स्मृति वन" की शुरुआत की थी। यह कार्यक्रम उनके प्रतिदिन पौधा लगाने के संकल्प के चार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।
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कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक राजेश शुक्ला, पूर्व विधायक पुष्पेंद्र नाथ पाठक, प्रदुम्न सिंह लोधी, भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष पुष्पेंद्र प्रताप सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। जिला पंचायत सीईओ तपस्या सिंह परिहार भी कार्यक्रम में शामिल थीं। जनपद पंचायत द्वारा दावा किया गया था कि कार्यक्रम में लगभग 500 पौधे लगाए गए हैं।
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लेकिन हकीकत यह है कि यह बगिया दो महीने में ही उजड़ गई। न पौधों को पानी दिया गया, न उनकी देखरेख की गई और न ही सुरक्षा fencing की मरम्मत की गई। फेंसिंग टूटी पड़ी है और बगिया में मवेशियों का जमावड़ा बना रहता है। हालात यह हैं कि अधिकांश पौधे या तो सूख चुके हैं या उखड़ चुके हैं।
पौधारोपण की हकीकत उजागर
यह मामला सरकारी आयोजनों और योजनाओं की सतही कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। जब केंद्रीय मंत्री और जिले के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूदगी में शुरू की गई बगिया की यह दुर्दशा हो सकती है, तो आम क्षेत्रों में पौधारोपण का क्या हाल होगा, यह सहज ही समझा जा सकता है। जनपद पंचायत की इस लापरवाही पर अब तक किसी भी अधिकारी की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। न तो रखरखाव की जिम्मेदारी तय की गई और न ही पुनः सुधार के प्रयास नजर आ रहे हैं।
