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MP: धर्मांतरण मामले में धीरेंद्र शास्त्री सख्त, जल्द बनाएंगे बागेश्वर सेना; बोले- इसमें आदिवासियों को जोड़ेंगे

Mon, 20 Jan 2025 01:28 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर Published by: शबाहत हुसैन Updated Mon, 20 Jan 2025 01:28 PM IST
सार

MP News: हिंदुस्तान में धर्म परिवर्तन रोकने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हनुमान चालीसा बागेश्वर सेना बनाएंगे। इस सेना के माध्यम से देशभर के आदिवासियों को जोड़ा जायेगा। उन्हें सेना के माध्यम से सनातन का पाठ पढ़ाया जायेगा।

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Pandit Dhirendra Shastri will form Bageshwar Sena to stop conversion
बाबा बागेश्वर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

धर्मांतरण के लिए सॉफ्ट टारगेट समझे जाने वाले आदिवासी समाज में जागरूकता लाने के उद्देश्य से बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने आदिवासी जन जागृति सम्मेलन का आयोजन किया। बाबा बागेश्वर ने कहा कि आदिवासी समाज न केवल अत्यंत सरल समाज है, बल्कि भोला भाला समाज है।

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यही वजह है कि लोग इन्हें गुमराह कर इनका धर्म परिवर्तन करा रहे हैं। समाज में जागरूकता लाकर इन्हें सनातन धर्म की आर्मी के रूप में खड़ा करना है। बाबा बागेश्वर ने देशभर से आए आदिवासी समाज के लोगों को सनातन आर्मी बनाने का संकल्प दिलाया। जन जागृति सम्मेलन में झारखंड, उड़ीसा, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तेलंगाना सहित देश के विभिन्न हिस्सों से हजारों की तादाद में आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए।
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सिद्ध पीठ बागेश्वर धाम में आयोजित आदिवासी जन जाग्राति सम्मेलन का उद्देश्य सभी हिंदुओं को जगाना है। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का संकल्प है कि हिंदु जगाओ और हिंदुस्तान बचाओ। जन जागृति सम्मेलन में देश के विभिन्न स्थानों से आदिवासी समाज के लोग बागेश्वर धाम आए। कार्यक्रम का शुभारंभ बालाजी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित करने के साथ हुआ। स्वागत भाषण क्षेत्रीय सांसद अरविंद पटेरिया ने दिया।

उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के बीच भ्रांतियां फैलाकर उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता है। सभी आदिवासी समाज के लोगों से आग्रह है कि वह धर्म विरोधी ताकतों के खिलाफ खड़े हों। जंगल में जीवन यापन करने वाले लोगों को अब कोई कमजोर समझने की भूल न करे।

बागेश्वर महाराज ने कहा कि जिसके पास सबसे ज्यादा जमीन है आज वही आदिवासी गरीब है। आदिवासी वे हैं जिन्होंने भगवान को भोजन उपलब्ध कराया है। उन्होंने सभी लोगों का आह्वान किया कि वह किसी भी परिस्थिति में धर्म से विमुख न हो, चाहे जो हो जाए हम सब हिंदू रहें और हिंदू कहलाएं। उन्होंने कहा कि हमें आदिवासी समाज पर गर्व है। जंगल बचाने में आदिवासी समाज ने सबसे बड़ा योगदान दिया है।

उन्होंने यहां आए हुए लोगों से कहा कि वे गांव गांव जाकर समाज को इकट्ठा करें और धर्मांतरण के खिलाफ एकजुट होकर इसका विरोध करें। कार्यक्रम में शिक्षक रतिराम आदिवासी पन्ना के आदिवासी समाज के अध्यक्ष राम अवतार सिंह तथा राममिलन आदिवासी ने भी अपनी बात रखी।

इस मौके पर बिजावर विधायक राजेश शुक्ला बबलू ने कहा कि आदिवासी समाज एक बार वचन दे दे तो अपने वचन के पालन के लिए प्राणों तक की आहुति देने में पीछे नहीं रहते। कार्यक्रम में करीब1200 लोग सिर्फ राजस्थान से आये थे। इस अवसर पर पूर्व विधायक प्रद्युम्न सिंह लोधी, भाजपा किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष बॉबी राजा गठेवरा सहित बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग मौजूद रहे।

अमो आखा हिंदू छे: सुम्मेर सिंह सोलंकी
राज्यसभा सांसद एवं आदिवासी समाज से आने वाले सुम्मेर सिंह सोलंकी इस सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने अपनी भाषा में कहा कि आमो आखा हिंदू छे अर्थात हम सब हिंदू हैं। उन्होंने कहा कि वह बहुत सौभाग्यशाली है जो उन्हें बागेश्वर धाम आकर ऐसे कार्यक्रम में शामिल होने का मौका मिला है।

उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज अत्यंत सरल और सीधा समाज है। वह प्रकृति का पुजारी है। हमारा समाज जीवन भर धर्म को माथे पर लिखे रहता है और यह अमिट होता है। अपने समाज के लोगों से कहा कि वह सनातन धर्म के लिए अपनी एकझुकता दिखाएं ताकि कोई धर्म परिवर्तन के लिए आंख ना उठा सके। सांसद श्री सिंह ने कहा कि महाराज श्री ने समाज को आर्थिक और सामाजिक दिशा में उन्नति करने का भी संकल्प दिलाया है। धार्मिक स्थल पर लिया गया संकल्प स्थाई रहता है।


यात्राओं के बाद भी शिक्षा ली और अब समाज को कर रहीं शिक्षित
तेलंगाना से आई निर्मला ने बताया कि उनके परिवार ने उन पर विवाह के लिए बहुत दबाव डाला। कई तरह से उसे प्रताड़ना दी लेकिन उसकी इच्छा शिक्षा ग्रहण करने की थी ताकि वह अपने समाज को शिक्षित कर सके। प्रताड़ना के बाद भी उसने हार नहीं मानी और कड़ी मेहनत कर शिक्षक बनी। आज वह हिंदू धर्म, सनातन धर्म के लिए काम करने के साथ-साथ अपने समाज को शिक्षित कर रही है। निर्मला का मानना है कि हिंदू धर्म के अलावा अन्य किसी धर्म में महिलाओं को सम्मान नहीं मिलता।

धर्म परिवर्तन के साथ जमीनों पर लगी है निगाहें
मंडला से आई उषा कुशराम ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि  धर्म परिवर्तन के साथ-साथ आदिवासी समाज की जमीनों पर लोगों की नजर रहती है ताकि धर्म परिवर्तन के साथ ही उनकी जमीनों पर भी कब्जा किया जा सके। इंदौर की गौड़ परिवार की महिला ने कहा कि आदिवासियों को जंगल से बेदखल करने की साजिश की जा रही है।

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