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Madhya Pradesh: एनसीआरबी के ये आंकड़े भी चौंकाने वाले, सागर संभाग में एक साल में 77 प्रेमियों ने की सुसाइड

Sat, 03 Sep 2022 04:23 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर Published by: दिनेश शर्मा Updated Sat, 03 Sep 2022 04:23 PM IST
सार

बीते एक साल में प्यार में पड़े युवक-युवतियों के जान देने के मामले भी बढ़े हैं। बुंदेलखंड के सागर संभाग में चौंकाने वाले आंकड़े मिले हैं। 2020 में यहां 77 लवर्स ने जान दी है। 

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MP: These figures of NCRB are also shocking, 77 lovers committed suicide in a year in Sagar division
lover - फोटो : google

विस्तार

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट से पता चलता है कि बीते एक साल में प्रदेश में आत्महत्या के मामलों में इजाफा हुआ है। इसमें प्यार में पड़े युवक-युवतियों के जान देने के मामले भी बढ़े हैं। बुंदेलखंड के सागर संभाग में चौंकाने वाले आंकड़े मिले हैं। 2020 में यहां 77 लवर्स ने जान दी है। 
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एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक 2020 में सागर संभाग के 6 जिलों में प्यार में पड़े 77 लोगों ने अपनी जान दी है। इसमें 47 पुरुष और 30 महिलाएं हैं। सागर जिले में 32, पन्ना में 15, टीकमगढ़ में 12, छतरपुर में 9, दमोह में 7 और निवाड़ी जिले में एक साल में 2 प्रेमियों ने सुसाइड की है।
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जानकार बताते हैं कि आत्महत्या के मामले बढ़े हैं। लेकिन ऐसा नहीं कि सिर्फ प्रेमियों ने ही जान दी है। हालांकि बच्चों के आत्महत्या करने के मामले तेजी से बढ़े हैं, जो अभिभावकों के लिए चिंता का विषय है। पहली बात तो आत्महत्या करना अपराध माना जाता है, पर इसके पीछे व्यक्ति का अपनी परेशानियों से हार जाना बड़ा कारण है। 
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मनोचिकित्सक बताते हैं कि कुछ लोग प्यार में पड़कर अवसाद का शिकार हो जाते हैं। इसी अवसाद के लक्षण से असुरक्षा की भावना निर्मित होती है। इन कारणों में पारिवारिक कारण भी जुड़ते जाते ंहै जो प्रेम संबंधों में बिखराव की असुरक्षित भावना से ग्रसित होकर आत्मघाती कदम तक पहुंच जाते हैं। इसके लिए परिवार को अपने बच्चों से लगातार बात करती रहनी चाहिए। उनके व्यवहार को समझना होगा, थोड़ी भी बदलाव होने पर उसके बारे में जानने की कोशिश करें। बच्चों और परिवार में दोस्ती का रिश्ता बनाना जरूरी है ताकि बच्चे अपनी बातें परिवार से शेयर कर सकें। इससे काफी हद तक आत्महत्या के मामलों को रोका जा सकता है। 
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