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Chhatarpur: नगरपालिका का उपयंत्री 30 हजार लेते धराया, मकान निर्माण की परमिशन दिलवाने के एवज में मांगी थी घूस
Fri, 21 Apr 2023 04:34 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 21 Apr 2023 04:34 PM IST
सार
मकान निर्माण की परमिशन दिलवाने के नाम पर तीस हजार की रिश्वत लेते एक उपयंत्री को गिरफ्तार किया गया है। मामला छतरपुर नगर पालिका का है। शिकायत मिलने पर सागर लोकायुक्त ने कार्रवाई की है।
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छतरपुर में उपयंत्री को तीस हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
मध्यप्रदेश के छतरपुर में नगर पालिका का उपयंत्री 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है। उसने ये रकम शिकायतकर्ता से मकान निर्माण की परमिशन दिलवाने के बदले में मांगी थी। सागर लोकायुक्त ने आरोपी उपयंत्री को रंगेहाथों पकड़ा है।
जानकारी के अनुसार उमेश पिता हरगोविंद चौरसिया निवासी ग्राम पिपट तहसील बिजावर, जिला छतरपुर ने सागर लोकायुक्त से शिकायत की थी। इसमें बताया था कि वे एक निजी कंसलटेंट एजेंसी का संचालन कर रहे हैं, और उसे मकान निर्माण कराना था, जिसकी परमिशन लेने वह छतरपुर नगर पालिका की निर्माण शाखा में गया था। वहां लोकनिर्माण शाखा नगर पालिका का उपयंत्री बाबूराम पिता जगन्नाथ चौरसिया से मिला था। जिसने काम के बदले में तीस हजार रुपयों की मांग की थी।
सागर लोकायुक्त पुलिस के डीएसपी प्रफुल्ल श्रीवास्तव और उनकी टीम ने शिकायत की पुष्टि कर ट्रैप तैयार किया। शिकायतकर्ता उमेश को तीस हजार रुपये लेकर नगर पालिका की लोकनिर्माण शाखा में भेजा गया। जैसे ही उमेश ने यह रकम उपयंत्री बाबूराम पिता जगन्नाथ चौरसिया को दी, वैसे ही लोकायुक्त टीम ने उसे रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
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जानकारी के अनुसार उमेश पिता हरगोविंद चौरसिया निवासी ग्राम पिपट तहसील बिजावर, जिला छतरपुर ने सागर लोकायुक्त से शिकायत की थी। इसमें बताया था कि वे एक निजी कंसलटेंट एजेंसी का संचालन कर रहे हैं, और उसे मकान निर्माण कराना था, जिसकी परमिशन लेने वह छतरपुर नगर पालिका की निर्माण शाखा में गया था। वहां लोकनिर्माण शाखा नगर पालिका का उपयंत्री बाबूराम पिता जगन्नाथ चौरसिया से मिला था। जिसने काम के बदले में तीस हजार रुपयों की मांग की थी।
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सागर लोकायुक्त पुलिस के डीएसपी प्रफुल्ल श्रीवास्तव और उनकी टीम ने शिकायत की पुष्टि कर ट्रैप तैयार किया। शिकायतकर्ता उमेश को तीस हजार रुपये लेकर नगर पालिका की लोकनिर्माण शाखा में भेजा गया। जैसे ही उमेश ने यह रकम उपयंत्री बाबूराम पिता जगन्नाथ चौरसिया को दी, वैसे ही लोकायुक्त टीम ने उसे रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
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