{"_id":"67165a52c177d0bf970c20e3","slug":"chhatarpur-farmers-are-troubled-by-problem-of-dap-fertilizer-students-left-their-studies-and-stood-in-line-2024-10-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chhatarpur News: डीएपी खाद की समस्या से किसान परेशान, पढ़ाई छोड़कर लाइन में लगे छात्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chhatarpur News: डीएपी खाद की समस्या से किसान परेशान, पढ़ाई छोड़कर लाइन में लगे छात्र
Mon, 21 Oct 2024 07:12 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Mon, 21 Oct 2024 07:12 PM IST
सार
खाद के लिए लोग सुबह से शाम तक भूखे प्यासे लाइन में लगे रहते हैं। शाम को उन्हें दूसरे दिन की बात कहकर भगा दिया जाता है।
विज्ञापन
खाद के लिए खड़े छात्र
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छतरपुर जिले में इन दिनों किसान खाद की समस्या से परेशान हैं। खाद के लिए कई दिनों से वेयर हाउस के चक्कर लगा रहे हैं। खाद के लिए सुबह से शाम तक भूखे प्यासे लाइन में लगे रहते हैं। शाम को उन्हें दूसरे दिन की बात कहकर भगा दिया जाता है। ऐसा ही एक मामला शहर के पन्ना रोड वेयर हाउस से देखने को मिला है। जहां डीएपी खाद की समस्या से परेशान किसान सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक लाइन में खड़े दिखाई दिए हैं। इनमें कुछ महिलाएं थी, जो अपना घर का काम और बच्चे छोड़कर खाद के लिए लाइन में लगी थी। कुछ स्कूल के बच्चे भी लाइन में लगे थे, जो अपना स्कूल छोड़कर अपने माता-पिता की खेती में मदद करने के लिए लाइन में लगे हैं।
विज्ञापन
किसान राकेश पटेल ने बताया कि खेती के लिए खाद की बहुत आवश्यकता है। इसके लिए सुबह हम किराए से ट्रैक्टर लेकर खाद लेने के लिए आए थे। लेकिन शाम को चार बज चुके हैं न ही हमें टोकन दिया गया है और न ही खाद मिला है। हम लोग भूखे प्यासे लाइन में लगे हैं। यहां पर पानी पीने की व्यवस्था भी नहीं है। उनका कहना है कि हम तीन दिनों से खाद के लिए चक्कर लगा रहे हैं। वेयर हाउस वाले एक एकड़ पर एक बोरी खाद दे रहे हैं। उसमें एक खाद की बोतल भी डालने के लिए दे रहे हैं।
विज्ञापन
किसान फूलचंद यादव ने बताया कि हम सुबह भूखे प्यासे किराए का वाहन लेकर खाद लेने के लिए आए थे। लेकिन शाम हो गई, अभी तक खाद नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि अगर खाद समय पर नहीं मिल रहा है तो इसका असर हमारी खेती पर पड़ेगा। फसल की बुवाई समय पर नहीं होगी तो फसल कम निकलेगी। छात्र अभिषेक पटेल ने बताया कि वह 12वीं क्लास में पढ़ाई करता है। उसके पिता का सुबह फोन आया था कि बेटा खाद लेना है। इसलिए वह पढ़ाई छोड़कर खाद लेने के लिए आया है। सुबह से लाइन में लगा है, लेकिन शाम तक उसे खाद नहीं मिल पाया है। अगर वह खाद नहीं लेगा तो फसल कैसे बोयी जाएगी और फिर उसके पिता पढ़ाई के लिए पैसा कैसे देंगे।
विज्ञापन
जिला विपणन अधिकारी अभिषेक जैन ने बताया कि खाद की समस्या की जानकारी आपके माध्यम से मिली है। मैं जल्द ही खाद केंद्र पर पता करता हूं। वहीं, कृषि अधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार वैद्य ने बताया कि जिले में पर्याप्त खाद है। अगर कहीं खाद की मात्रा कम है तो एक-दो दिन में खाद की रैक आने वाली है, वहां पर खाद भिजवा दिया जाएगा। सभी किसानों को खाद समय पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
