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Chhatarpur: राजस्व-रेलवे के नक्शे में अंतर, चपरन गांव में 50 घरों के ग्रामीणों की अटकी सांसें, ये होगा काम

Wed, 15 May 2024 10:27 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुुर Published by: अरविंद कुमार Updated Wed, 15 May 2024 10:27 PM IST
सार

नौगांव तहसील के तीनों राजस्व आरआई पटवारी एवं रेल अधिकारियों द्वारा चपरन गांव में भू-अर्जन के लिए नाप की गई। लेकिन रेल प्रबंधन द्वारा रेल लाइन से 50 मीटर तक अपनी जमीन होना बताया।

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Chhatarpur Difference in revenue and railway map people of Chapran village upset
चपरन गांव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छतरपुर जिले में हरपालपुर नौगांव तहसील के ग्राम पंचायत सरसेड़ के मजरा चपरन गांव के रहवासी इस समय दहशत के साए में जीने को मजबूर हैं। रेल लाइन के किनारे बसे इस गांव के लोगों की चिंता बरकार है। भूमि के आधिपत्य को लेकर रेलवे एवं राजस्व विभाग के नक्शों में निकले अंतर के चलते अभी सीमांकन का कार्य रुका हुआ है।

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नौगांव तहसील के तीनों राजस्व आरआई पटवारी एवं रेल अधिकारियों द्वारा चपरन गांव में भू-अर्जन के लिए नाप की गई। लेकिन रेल प्रबंधन द्वारा रेल लाइन से 50 मीटर तक अपनी जमीन होना बताया। वहीं, राजस्व विभाग द्वारा 20 मीटर बतलाई गई। जब दोनों विभागों के अधिकारियों द्वारा नक्शा मिलान की बात की गई तो बड़ा अंतर पाया, जिसके चलते सीमांकन कार्य स्थगित कर दिया गया था। रेलवे द्वारा चपरन गांव में बने 50 कच्चे-पक्के मकान अपनी सीमा में होना बताया तो वहीं राजस्व विभाग द्वारा वह हिस्सा रहवासी क्षेत्र में बतलाया गया है, जिसके चलते दोनों विभागों में टकराव की स्थिति बनी हुई है।
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अंतर के चलते अभी मजरा चपरन में भू-अर्जन काम अटका
सालों पहले गांव में जो कच्चे मकान थे, वो अब पक्के बन गए हैं। लेकिन रेल लाइन के दोहरीकरण के काम के चलते भू-अर्जन के लिए जमीन की नाप होने के चलते ग्रामीणों के हाथ पांव फूल गए हैं। सालों बाद रेल प्रबंधन द्वारा रेल लाइन के किनारे बसे इस गांव के लोगों को बेघर होने का डर सता रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के 46 कच्चे-पक्के घरों सहित गांव में स्थित प्राथमिक शाला भी आ रही है। साथ ही गांव स्कूल में आने-जाने का रास्ता भी बंद हो जाएगा। वैसे भी शाला में पढऩे वाले छात्र-छात्राओं की परेशानी बढ़ गई है।
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चपरन गांव के आधा सैकड़ा ग्रामीणों ने नौगांव एसडीएम को आवेदन देकर कहा कि गांव के कच्चे पक्के मकान झांसी-मानिकपुर रेल लाइन के दोहरीकरण अंतर्गत जो भू-अर्जन किया जा रहा है, उसकी सही जांच सीमांकन कराकर उचित मुआवजा दिलाया जाए।

दोहरीकरण के चलते गांव का रास्ता होगा बंद
झांसी-मानिकपुर रेल लाइन के दोहरीकरण के चलते ट्रैक बिछाने के लिए मिट्टी डालने का काम शुरू हुआ, तब से किनारे का रास्ता बंद होता जा रहा है। रेल अधिकारियों ने भू-अर्जन के लिए जो निशान लगाए, उसके चलते पुराने चपरन गांव का रास्ता अवरुद्ध हो जाएगा, जिससे गांव में आना-जाना संभव नहीं होगा।


इनका क्या कहना है
दूसरी लाइन बिछने से चपरन गांव में रेल ट्रैक वाला रास्ता बंद होने से ग्रामीणों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। गांव के लिए रास्ते बनाये जाने के लिए राजस्व अधिकारियों से बात की है।
...कल्लू प्रजापति, सरपंच ग्राम पंचायत सरसेड़

अभी मैं लंच करने आई हुई हूं, भू-अर्जन की कार्रवाई चल रही है। मैं फाइल देखकर बता पाऊंगी कि कितनी जमीन का अधिग्रहण होना है।
...विशा मघवानी, एसडीएम नौगांव


रेलवे भू-अर्जन का कार्य राज्य सरकार के माध्यम से करती है। चपरन गांव का क्या मामला है, हम जानकारी कर बतलाते हैं।
...मनोज कुमार सिंह, पीआरओ, झांसी रेल मंडल

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