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छतरपुर: महिला स्वास्थ्य कर्मी ने बगैर अवकाश लिए 1 लाख वैक्सीन डोज लगाकर बनाया कीर्तिमान
Tue, 08 Feb 2022 06:57 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Tue, 08 Feb 2022 06:57 PM IST
सार
जिला अस्पताल में महिला स्वास्थ्य कर्मी माया अहिरवार ने बगैर कोई अवकाश लिए रोजाना वैक्सीन लगाकर एक लाख वैक्सीन लगाने का कीर्तिमान स्थापित किया है।
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माया ने एक भी दिन का अवकाश नहीं लिया।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छतरपुर जिला अस्पताल की एक महिला स्वास्थ्य कर्मी ने एक लाख वैक्सीन लगाने का कीर्तिमान स्थापित किया है। कोरोना काल से शुरू ये अभियान अब तक जारी है। स्वास्थ्य कर्मी ने एक भी दिन अवकाश नहीं लिया है।
बता दें कि छतरपुर जिला अस्पताल में एएनएम के पद पर पदस्थ माया अहिरवार ने 16 जनवरी 2021 से वैक्सीनेशन का काम संभाला था। आज तक माया ने एक भी दिन का अवकाश नहीं लिया। यहां तक कि रविवार और अन्य छुट्टी के दिन भी अनवरत वैक्सीनेशन का कार्य सुचारू किया। 7 फरवरी 2022 तक 1 लाख वैक्सीन का लक्ष्य पार करते हुए कीर्तिमान स्थापित कर लिया है।
माया ने यह सिलसिला कोरोना काल में प्रारंभ किया और इसे कठिन चुनौती मान डटकर काम किया। माया के घर में पति-पत्नी और उनके 2 बच्चे कुल 4 लोगों का परिवार है। माया के पति भी गवर्मेंट जॉब में हैं। उनके बच्चे बेटा और बेटी अभी पढ़ाई कर रहे हैं, जो बाहर हैं। घर में दोनों पति पत्नी हैं जो कि समानंतर होकर एक-दूसरे का का काम मे सहयोग करते हैं। दोनों तड़के सुबह 5 बजे उठकर काम में जुट जाते हैं। माया चाय, नाश्ता, रोटी बनाती हैं तो पति सब्जी काटना और बनने और झाड़ू पोंछा का काम साथ करते हैं। सुबह 9-10 बजने पर अपने-अपने कार्य पर निकल जाते हैं। देर शाम लौटने पर दोनों ही मिलकर घर का काम खाना-पीना साथ करते और सो जाते हैं।
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माया की मानें तो कोरोना काल में भयावह स्थिति देखकर उनके अंदर कुछ करने का जुनून जागृत हुआ कि हम कैसे भी करके लोगों की मदद कर पाएं और उन्होंने इस तरह से लोगों की मदद कर इतनी सफलता और लक्ष्य प्राप्त किया। इसका श्रेय माया शासहन प्रशासन अपने ऑफिसर्स, अपने सहयोगी स्टाफ को देती हैं। उनका धन्यवाद प्रेषित करती हैं कि उनके परस्पर सहयोग और संघर्ष से हमारा यह लक्ष्य पूरा हो सका।
कलेक्टर संदीप जीआर ने भी माया की तरीफ करते हुए बधाई देते हुए कहा कि बड़ा ही सराहनीय कार्य है। इससे और लोगों को भी सीख लेनी चाहिए। गर खुद में जज्बा और काम का जुनून हो तो कोई भी काम असंभव नहीं है।
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बता दें कि छतरपुर जिला अस्पताल में एएनएम के पद पर पदस्थ माया अहिरवार ने 16 जनवरी 2021 से वैक्सीनेशन का काम संभाला था। आज तक माया ने एक भी दिन का अवकाश नहीं लिया। यहां तक कि रविवार और अन्य छुट्टी के दिन भी अनवरत वैक्सीनेशन का कार्य सुचारू किया। 7 फरवरी 2022 तक 1 लाख वैक्सीन का लक्ष्य पार करते हुए कीर्तिमान स्थापित कर लिया है।
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माया ने यह सिलसिला कोरोना काल में प्रारंभ किया और इसे कठिन चुनौती मान डटकर काम किया। माया के घर में पति-पत्नी और उनके 2 बच्चे कुल 4 लोगों का परिवार है। माया के पति भी गवर्मेंट जॉब में हैं। उनके बच्चे बेटा और बेटी अभी पढ़ाई कर रहे हैं, जो बाहर हैं। घर में दोनों पति पत्नी हैं जो कि समानंतर होकर एक-दूसरे का का काम मे सहयोग करते हैं। दोनों तड़के सुबह 5 बजे उठकर काम में जुट जाते हैं। माया चाय, नाश्ता, रोटी बनाती हैं तो पति सब्जी काटना और बनने और झाड़ू पोंछा का काम साथ करते हैं। सुबह 9-10 बजने पर अपने-अपने कार्य पर निकल जाते हैं। देर शाम लौटने पर दोनों ही मिलकर घर का काम खाना-पीना साथ करते और सो जाते हैं।
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माया की मानें तो कोरोना काल में भयावह स्थिति देखकर उनके अंदर कुछ करने का जुनून जागृत हुआ कि हम कैसे भी करके लोगों की मदद कर पाएं और उन्होंने इस तरह से लोगों की मदद कर इतनी सफलता और लक्ष्य प्राप्त किया। इसका श्रेय माया शासहन प्रशासन अपने ऑफिसर्स, अपने सहयोगी स्टाफ को देती हैं। उनका धन्यवाद प्रेषित करती हैं कि उनके परस्पर सहयोग और संघर्ष से हमारा यह लक्ष्य पूरा हो सका।
कलेक्टर संदीप जीआर ने भी माया की तरीफ करते हुए बधाई देते हुए कहा कि बड़ा ही सराहनीय कार्य है। इससे और लोगों को भी सीख लेनी चाहिए। गर खुद में जज्बा और काम का जुनून हो तो कोई भी काम असंभव नहीं है।
