'जाति आरक्षण देश को कर रहा बर्बाद' निबंध पर एमपी में बवाल
- एमपी बोर्ड की 12वी की परीक्षा में आया निबंध
- विपक्ष ने विधानसभा में किया हंगामा
- सरकार ने दो कर्मचारियों को किया निलंबित
- सदन में भिड़े मंत्री और कांग्रेस विधायक
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मध्यप्रदेश विधानसभा में मंगलवार के जमकर हंगामा हुआ। हंगामे की वजह बना 12वीं की बोर्ड परीक्षा में आया एक निबंध जिसमें 'जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था राष्ट्र के लिए खतरनाक'।
विपक्ष ने इस मुद्दे को लपकते हुए यह कहकर निशाना साधा कि यह भाजपा सरकार का आरक्षण विरोधी एजेंडा है। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार शनिवार को 12वीं क्लास की बोर्ड परीक्षा में निबंध के लिए दिए गए पांच टॉपिक में से एक टॉपिक ये भी रहा।
वहीं कुछ दिन पूर्व आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत द्वारा आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा को दिए गए बयान के बाद इस मुद्दे को उठाते हुए विपक्ष ने इसे आरक्षण के प्रति भाजपा की सोच करार दिया है।
मामले में दो लोगों को निलंबित किया गया
हालांकि मामला सामने आने के बाद राज्य के स्कूली शिक्षा राज्यमंत्री दीपक जोशी ने सफाई दी है कि पेपर सेटर की गलती से यह हुआ। जोशी ने बताया कि सरकार ने इस मामले में पेपर सेटर और
मोड्यूलेटर को निलंबित कर दिया गया है।
जोशी ने बताया कि पेपर तैयार करने वाले हर व्यक्ति को यह शपथपत्र देना पड़ता है कि वह पेपर में ऐसा कोई सवाल नहीं रखेगा जिससे दो समुदायों या जातियों में वैमनस्य बढ़े। लेकिन पेपर तैयार करने वालों ने इस मामले में अपनी जिम्मेदारी की पूरी तरह अनदेखी की। यही कारण है कि सरकार ने तत्काल प्रभाव से दोनों लोगों को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए हैं। मामले में जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
वहीं इस मुद्दे पर हंगामा होने के बाद मंगलवार को अध्यक्ष सीताशरण शर्मा को उस समय विधानसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी जब वरिष्ठ मंत्री गौरीशंकर सेजवार और कांग्रेस विधायक मुकेश नायक इस मुद्दे पर आपस में भिड़ पड़े।
