फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Burhanpur: Order to file fraud case against BJP MLA Sumitra Kasdekar, know what is the matter

Madhya Pradesh: नेपानगर विधायक सुमित्रा कास्डेकर पर धोखाधड़ी का केस करने का आदेश, जानें क्या है मामला

Fri, 03 Jun 2022 07:49 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुरहानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुरहानपुर Published by: दिनेश शर्मा Updated Fri, 03 Jun 2022 07:49 PM IST
सार

परिवादी ने कोर्ट में बताया था कि सुमित्रा कास्डेकर ने 2020 में चुनाव के दौरान अपनी शैक्षणिक योग्यता और जन्म तारीख को लेकर झूठा शपथ पत्र प्रस्तुत किया था। 

विज्ञापन
Burhanpur: Order to file fraud case against BJP MLA Sumitra Kasdekar, know what is the matter
नेपानगर से भाजपा विधायक सुमित्रा कास्डेकर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के नेपानगर से भाजपा की विधायक सुमित्रा कास्डेकर पर धोखाधड़ी का केस दर्ज होगा। जिला न्यायालय ने इसके आदेश दिए हैं। कोर्ट ने खकनार थाना पुलिस को यह भी कहा कि प्रकरण में उचित कार्रवाई कर अभियोग पत्र न्यायालय में भी प्रस्तुत करें।
विज्ञापन

 
जानकारी के अनुसार परिवादी बालचंद शिंदे की ओर से उनके अधिवक्ताओं ने कोर्ट में बताया था कि सुमित्रा कास्डेकर ने 2020 में चुनाव के दौरान अपनी शैक्षणिक योग्यता और जन्म तारीख को लेकर झूठा शपथ पत्र प्रस्तुत किया था। राजीव गांधी ग्रामीण एलपीजी वितरण एजेंसी के लिए वर्ष 2011 में भी उन्होंने झूठा शपथ पत्र दिया था। उन्होंने एक जगह अपनी जन्मतिथि 15 अगस्त 1983 और दूसरी जगह चार मई 1985 दर्शाई है। इसी तरह उन्होंने पहले अपनी शैक्षणिक योग्यता दसवीं कक्षा बताई थी, जबकि चुनाव के दौरान शैक्षणिक योग्यता आठवीं बताई थी।
विज्ञापन

 
सुनवाई के बाद और तथ्यों पर विचार करने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी गुरुवेंद्र कुमार हुरमाड़े की कोर्ट ने आदेश पारित कर खकनार थाना प्रभारी को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने 20 मई को यह फैसला सुनाया था, लेकिन आदेश की प्रति दो जून को उपलब्ध हो सकी। कोर्ट में ग्रीष्मकालीन अवकाश होने के कारण ये देरी हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विधायक सुमित्रा देवी कास्डेकर की जन्मतिथि और शैक्षणिक योग्यता का मुद्दा भाजपा ने ही तब उठाया था जब वे कांग्रेस की विधायक थीं। पूर्व विधायक मंजू दादू ने जरूरी दस्तावेज जुटाए थे। बाद में सुमित्रा देवी ने कांग्रेस के साथ विधायक पद भी छोड़ दिया और भाजपा का दामन थाम लिया था। ऐसे में यह मामला भी ठंडे बस्ते में चला गया था, लेकिन सामाजिक कार्यकर्ता बालचंद शिंदे ने न्यायालय जाकर विधायक पर कार्रवाई की मांग की। भाजपा के जिलाध्यक्ष मनोज लधवे ने कहा कि अभी हमने न्यायालय का आदेश पढ़ा नहीं है। आदेश का अध्ययन करने और विधायक से चर्चा के बाद ही पार्टी का स्टैंड तय करेंगे।
 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed