{"_id":"5dd61c068ebc3e54a926bc46","slug":"buffalo-ransom-in-chambal-know-how-the-deal-happens","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुख्यात चंबल: इंसान ही नहीं, अब भैंसों की फिरौती से लोग परेशान, ऐसे होता है सौदा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुख्यात चंबल: इंसान ही नहीं, अब भैंसों की फिरौती से लोग परेशान, ऐसे होता है सौदा
Thu, 21 Nov 2019 10:39 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंड
Published by: Priyesh Mishra
Updated Thu, 21 Nov 2019 10:39 AM IST
विज्ञापन
चंबल में भैंसों की फिरौती
- फोटो : Social Media
इंसानों के अपहरण और फिरौती के लिए कुख्यात चंबल आजकल दूसरे तरह के अपराध को लेकर चर्चा में है। यहां लोगों के साथ भैंसों के अपहरण और फिरौती वसूलने की लगातार बढ़ती वारदातों ने पुलिस की नींद उड़ा दी है। मध्यप्रदेश के भिंड-मुरैना में इसे स्थानीय भाषा में पनिहाई कहा जाता है।
विज्ञापन
पनिहाई भैंस की कीमत का 30 फीसदी तक होता है। मवेशी चोर मध्यस्थों के जरिए एकमुश्त रकम लेकर चोरी गई भैंस को उसके मालिक तक पहुंचा देते हैं। मवेशी चोरों का आतंक इतना है कि पुलिस भी उनके सामने बेवस नजर आ रही है।
विज्ञापन
सबकुछ पता होने के बावजूद सामाजिक प्रतिरोध के कारण पुलिस प्रभावी कार्रवाई तक नहीं कर पाती है। जिस कारण चंबल के इलाके में यह धंधा जोरों पर है। जब भी पुलिस दबिश देने के लिए गांव में घुसने का प्रयास करती है, स्थानीय लोग प्रतिरोध में खड़े हो जाते हैं।
विज्ञापन
बिना पनिहाई के नहीं मिलती है भैस
चंबल के इलाके में भैंस चोरी हो जाने के बाद से ही मध्यस्थों के जरिए घर वापसी की कोशिशें शुरू हो जाती है। चूंकि आजकल भैंसों के दाम भी औसतन 50 हजार से लेकर लाख रुपये तक होते हैं। चोरों को पनिहाई के रूप में मोटी राशि मिल जाती है। जिसकी भैंस चोरी जाती है वह सामाजिक अपमान के डर से पुलिस में केस दर्ज नहीं कराते। इसलिए, अपराध में लगातार वृद्धि देखी जा रही है।
