मध्यप्रदेश: भाजपा को अपने ही उम्मीदवारों पर शक
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मध्य प्रदेश में 29 सीटें हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही भाजपा की 24 सीटों की सूची ने भाजपा के कई कार्यकर्ताओं को भी निराश किया है। राजनीतिक पर्यवेक्षक सूची को कमजोर मान रहे हैं।
अनुमान है कि पहले जहां कांग्रेस को 2-3 सीटें मिलने की उम्मीद थी, अब 7-8 सीटें तक मिल सकती हैं। कई लोग तो मजाक कर रहे हैं कि भाजपा की सूची पर भी दिग्विजय सिंह का असर है।
भीतरघात से परेशान पार्टी
जिन सीटों को कमजोर माना जा रहा है उनमें मुरैना से डॉ. गोविंद सिंह के मुकाबले अनूप मिश्रा को टिकट दे दिया गया है, जो भितरवार से विधानसभा चुनाव हार चुके हैं।
भाजपा के रणनीतिकार मान रहे हैं कि यह अप्रत्यक्ष रूप से गोविंद सिंह की मदद है। गोविंद सिंह के बारे में सूत्रों का कहना है कि वे 8 मार्च को अरुण जेटली से मिले थे, लेकिन उनका भाजपा प्रवेश नहीं हो पाया।
हालांकि खुद गोविंदसिंह ने ऐसी किसी मुलाकात की खबरों का खंडन किया है।
कांग्रेस ने नहीं जारी की सूची
राजगढ़ से रोडमल नागर को टिकट दिया गया है, जो संघ की पृष्ठभूमि और धाकड़ नागर समाज से आते हैं, जिसकी उपस्थिति राजगढ़ जिले में अच्छी खासी संख्या में है। लेकिन कांग्रेस ने अब तक अपने किसी उम्मीदवार का नाम खुलासा नहीं किया है।
यदि कांग्रेस दिग्विजय सिंह या जयवर्धन सिंह जैसे किसी शख्स को मैदान में उतार दे तो भाजपा के लिए यह सीट बचाना मुश्किल हो जाएगा।
दिग्विजय सिंह पहले ही राज्यसभा में चले गए हैं और जयवर्धनसिंह विधायक चुन लिए गए हैं। इसलिए उनके उतरने की संभावना तो कम है लेकिन खिलचीपुर से विधानसभा चुनाव हार गए प्रियव्रत सिंह को कांग्रेस मैदान में उतार सकती है। प्रियव्रत सिंह के लिए यह संघर्ष आसान नहीं होगा।
कई उम्मीदवार कमजोर
जबलपुर में भाजपा ने वर्तमान सांसद राकेश सिंह को ही मैदान में उतार दिया है, लेकिन उनके विरुद्ध वकील विवेक तन्खा को कांग्रेस ने टिकट दिया है।
विवेक तन्खा की निकटता दिग्विजय सिंह और शिवराज सिंह दोनों से ही समान है। सूत्रों का कहना है कि टिकट मिलने के बाद भी तन्खा ने शिवराज सिंह चौहान से बात की है।
जहां राकेश सिंह के विरुद्ध एंटीइनकंबेंसी फैक्टर होगा, वहीं विवेक तन्खा को कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों के कार्यकर्ताओं का समर्थन मिलेगा। सीधी में भी वरिष्ठ नेता इंद्रजीत पटेल का रास्ता आसान कर दिया गया है।
वहां से रीति पाठक को भाजपा ने टिकट दिया है, जो जिला जनपद अध्यक्ष हैं लेकिन उन्हें कमजोर उम्मीदवार माना जा रहा है।
कांग्रेस से आए प्रत्याशियों को भी टिकट
कांग्रेस से भाजपा में आए भागीरथ प्रसाद और राव उदय प्रताप सिंह को भाजपा ने क्रमशः भिंड और होशंगाबाद से टिकट दिए हैं। प्रहलाद पटेल पहले होशंगाबाद से टिकट मांग रहे थे, उन्हें दमोह भेज दिया गया है।
इनमें से भागीरथ प्रसाद की स्थिति कमजोर मानी जा रही है। अब तक कांग्रेस ने उनके मुकाबले उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया के मुकाबले गुना से भाजपा ने ताकतवर उम्मीदवार जयभानसिंह पवैया को उतारा है। वहीं छिंदवाड़ा में कमलनाथ का मुकाबला चौधरी चंद्रभान से होगा।
सागर में कांग्रेस के गोविंदसिंह राजपूत को मजबूत उम्मीदवार माना जा रहा है, हालांकि भाजपा ने अब तक अपने उम्मीदवार का नाम घोषित नहीं किया है।
