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Bhopal: उमा भारती ने याद किया राम जन्मभूमि का संघर्ष, बोलीं- पहला श्रेय उनका, जिन्होंने बलिदान कर दिए प्राण
Sun, 07 Jan 2024 10:52 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Sun, 07 Jan 2024 10:52 PM IST
सार
राम मंदिर निर्माण कार्य में उन लोगों को सबसे पहले श्रेय दिया जाना चाहिए जो उस समय हुए आंदोलन में सबसे आगे थे, जिन्होंने प्राणों का बलिदान दिया। इसकी सफलता के लिए किसी एक व्यक्ति को श्रेय नहीं मिलना चाहिए।
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पूर्व सीएम उमा भारती
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
भाजपा नेता उमा भारती ने राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा से पहले राम जन्म भूमि के बीते दिनों को याद किया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण कार्य में उन लोगों को सबसे पहले श्रेय दिया जाना चाहिए जो उस समय हुए आंदोलन में सबसे आगे थे। राम जन्मभूमि संघर्ष के दौरान कई कार सेवकों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी।
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मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन '500 वर्षों' से अधिक का संघर्ष था। इसकी सफलता के लिए किसी एक व्यक्ति को श्रेय नहीं मिलना चाहिए।
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ये आंदोलन पांच शताब्दियों तक चला। यह देश का एकमात्र ऐसा आंदोलन था, जो 500 वर्षों तक चला और सफल रहा। इसलिए, मुझे लगता है कि इसका श्रेय पहले और सबसे पहले उन लोगों को सम्मान दिया जाना चाहिए, जिन्होंने (बाबरी) मस्जिद को गिराया। यदि ढांचा नहीं गिराया गया होता तो कोई सर्वेक्षण संभव न होता। सर्वेक्षण संभव हुआ तभी सुप्रीम कोर्ट ने इसके निष्कर्षों को स्वीकार किया।
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भाजपा नेता ने इस दौरान विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के दिवंगत पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल को याद याद किया। उन्होंने कहा कि अशोक सिंघल को भी याद करना चाहिए क्योंकि वही थे जो इस आंदोलन को दूसरे स्तर पर लेकर गए। यह उनके नेतृत्व में और उनके दृष्टिकोण के अनुरूप था कि हम राम जन्मभूमि आंदोलन में कूद पड़े। आंदोलन को तार्किक स्तर तक ले जाने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और योगी आदित्यनाथ को भी है। उन्होंने कहा कि पहला श्रेय उनको जाना चाहिए, जिन्होंने इस उद्देश्य के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया।
