फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Struggle for power 2024: Ayaram Gayaram's son in law in both the parties, getting tickets immediately by switc

सत्ता का संग्राम 2024: आयाराम गयाराम की दोनों ही दलों में पौ बारह, दलबदल कर तुरंत पा रहे टिकट

Sun, 07 Apr 2024 08:26 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Sun, 07 Apr 2024 08:26 PM IST
सार

एक पार्टी से विधानसभा का प्रतिनिधित्व करने के बाद अब ये प्रत्याशी अपनी निष्ठा बदलकर दूसरी पार्टी से मैदान में हैं। इसमें भाजपा से विधायक रह चुके प्रत्याशी कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे है। वहीं, कांग्रेस से विधायक रहे प्रत्याशी भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। 

विज्ञापन
Struggle for power 2024: Ayaram Gayaram's son in law in both the parties, getting tickets immediately by switc
मध्य प्रदेश लोकसभा चुनाव 2024 - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मध्य प्रदेश के लोकसभा चुनाव में कई प्रत्याशी पहले जिस दल से विधायक थे अब उसके खिलाफ ही प्रतिद्वंद्वी दल से टिकट हासिल कर  लोकसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। एक पार्टी से विधानसभा का प्रतिनिधित्व करने के बाद अब ये प्रत्याशी अपनी निष्ठा बदलकर दूसरी पार्टी से मैदान में हैं। इसमें भाजपा से विधायक रह चुके प्रत्याशी कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे है। वहीं, कांग्रेस से विधायक रहे प्रत्याशी भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। 
विज्ञापन


राहुल सिंह लोधी- दमोह से भाजपा प्रत्याशी 
राहुल सिंह लोधी 2018 में कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने। उन्होंने भाजपा के दिग्गज नेता व पूर्व मंत्री जयंत मलैया को चुनाव में हराया। हालांकि, 2020 में विधानसभा से इस्तीफा देकर वे पाला बदलकर भाजपा में शामिल हो गए। उपचुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े, लेकिन कांग्रेस के अजय टंडन से चुनाव हार गए। अब भाजपा ने उनको दमोह से लोकसभा प्रत्याशी बनाया है। उनका मुकाबला कांग्रेस के पूर्व विधायक तरवर सिंह लोधी से है। 
विज्ञापन


नीलम मिश्रा- रीवा से कांग्रेस प्रत्याशी 
नीलम मिश्रा 2013 में भाजपा के टिकट पर रीवा के सेमरिया से विधायक बनीं, लेकिन फिर राजनीति में सक्रिय नहीं रहीं। भाजपा ने 2018 में टिकट नहीं दिया, इसके बाद नीलम मिश्रा ने पति अभय मिश्रा के साथ पार्टी बदल ली। अभय मिश्रा वर्तमान में कांग्रेस के टिकट पर सेमरिया सीट से विधायक हैं। वे रीवा जिले से कांग्रेस के अकेले विधायक हैं। वे विधानसभा चुनाव के पहले भाजपा में चले गए थे, लेकिन फिर कांग्रेस में शामिल हो गए। अब उनकी पत्नी नीलम मिश्रा का मुकाबला वर्तमान भाजपा सांसद जर्नादन मिश्रा से है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


संजय शर्मा-नर्मदापुरम से कांग्रेस प्रत्याशी 
संजय शर्मा 2013 में भाजपा के टिकट पर तेंदूखेड़ा से विधायक चुने गए। इसके बाद वे भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हो गए। उनको 2018 में कांग्रेस ने टिकट दिया और वे जीत कर विधानसभा में पहुंचे। संजय शर्मा शकर फैक्ट्री के मालिक हैं। उनको कद्दावर नेता माना जाता है। अब कांग्रेस ने उनको नर्मदापुरम संसदीय क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया है। उनका मुकाबला भाजपा के दर्शन सिंह चौधरी से है। 


सत्यपाल सिकरवार-मुरैना से भाजपा प्रत्याशी  
सत्यपाल सिकरवार 2013 में सुमावली से भाजपा के विधायक बने। इससे पहले उनके पिता गजराज सिंह सिकरवार भी सुमावली विधानसभा से विधायक रहे। 2020 के उपचुनाव में सत्यपाल के भाई सतीश सिकरवार कांग्रेस में शामिल हो गए और ग्वालियर पूर्व सीट से चुनाव लड़े। इस बीच भाजपा ने सत्यपाल को पार्टी से निष्कासित कर दिया। इसके बाद से सत्यपाल लगातार कांग्रेस के लिए सक्रिय रहे। अब उनका मुकाबला भाजपा के शिवमंगल सिंह तोमर से है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed