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MP NEWS: इसरो के सहयोग से एमपी के सभी संभागों में लगेंगे विज्ञान मेले, तकनीकी बताएंगी स्पेस ऑन व्हील्स बसें
Wed, 17 Jul 2024 08:39 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Wed, 17 Jul 2024 08:39 PM IST
सार
अगस्त माह में मध्य प्रदेश के सभी संभागों में विज्ञान मेले का आयोजन किया जाएगा। इसमें स्पेस ऑन व्हील्स बसें इसरो की तकनीकी का प्रदर्शन करेंगी।
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मैप कास्ट भोपाल
- फोटो : social media
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विस्तार
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मध्य प्रदेश में विद्यार्थियों को विज्ञान के विभिन्न आयामों से अवगत कराने के लिए इसरो के सहयोग से अगस्त माह में प्रदेश को सभी संभागों में मेलों का आयोजन किया जाएगा यह आयोजन मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मैपकास्ट) द्वारा किया जाएगा। खास बात है कि इन मेलों में इसरो की स्पेस आन व्हील्स बसें भी मौजूद रहेंगी, जो इसरो की तकनीकी का प्रदर्शन करेंगी। अगस्त माह में आयोजित होने वाले ये मेले प्रदेश के सभी संभागीय मुख्यालयों में आयोजन किया जा रहा है।
जाने क्यों आयोजित किया जा रहे हैं यह विज्ञान मेले
मैप कॉस्ट के वैज्ञानिकों का कहना है कि विज्ञान मेले जिज्ञासा, आलोचनात्मक सोच और व्यावहारिक शिक्षा को बढ़ावा देकर शिक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मैपकास्ट के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी का कहना है कि छात्रों को कक्षा से परे वैज्ञानिक अवधारणाओं का पता लगाने के अवसर प्रदान करते हैं, उन्हें प्रश्न पूछने, प्रयोग करने और परिणामों का स्वतंत्र रूप से विश्लेषण करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। अपनी परियोजनाओं की योजना बनाने, उन्हें क्रियान्वित करने और प्रस्तुत करने की प्रक्रिया के माध्यम से छात्र अनुसंधान, संचार और समस्या-समाधान जैसे आवश्यक कौशल विकसित करते हैं।
कालेज परिसरों में दो दिन किए जाएंगे
विज्ञान मेले मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग व तकनीकी शिक्षा विभाग के सहयोग से विज्ञान मेलों को आयोजन माडल कालेज परिसरों में दो दिन किया जाएगा। राज्य सरकार की पहल पर ऐसे मेले पहली बार आयोजित किए जा रहे हैं, जो विद्यार्थियों के साथ ही जनसामान्य के लिए भी उपयोगी होंगे। अंतरिक्ष विज्ञान पर केंद्रित गतिविधियां, संवाद सत्र और प्रतियोगिताएं इनमें होंगी। तिथि और स्थान का निर्धारण करने के लिए 18 अगस्त को बैठक होगी।
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12 साल बाद मप्र में होगी नेशनल चिल्ड्रन कांग्रेस
अगस्त माह में ही भोपाल में नेशनल चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस का आयोजन भी किया जाना था लेकिन अपरिहार्य कारणों से केंद्र सरकार ने इसकी आगे तिथि आगे बढ़ा दी है। यह आयोजन अब नवंबर माह में आयोजित किया जाए। खास बात यह है कि यह आयोजन 12 साल बाद मप्र में हो रहा है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के सहयोग से कांग्रेस रवींद्र भवन में आयोजित होगी। दोनों आयोजनों के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं।
प्रदर्शन,संवाद और पुरस्कार होंगे मुख्य आकर्षण
डॉ. कोठारी ने बताया कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार की ओर से नेशनल चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस का आयोजन हर वर्ष किया जाता है। गत वर्ष यह आयोजन गांधी नगर, गुजरात में हुआ था। 12 साल बाद इसकी मेजबानी का अवसर मप्र को मिला है। पहले यह 28 से 31 अगस्त में होनी थी, लेकिन अब दीपावली के बाद होगी। नेशनल चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस में देश भर के 30 प्रदेशों से राज्य स्तर पर चयनित बच्चों के माडल प्रदर्शित किए जाएंगे। पूरे देश से आठ सौ बच्चे इसमें भाग लेंगे। प्रदर्शन,संवाद और पुरस्कार कांग्रेस के मुख्य आकर्षण होंगे।
जाने क्यों आयोजित किया जा रहे हैं यह विज्ञान मेले
मैप कॉस्ट के वैज्ञानिकों का कहना है कि विज्ञान मेले जिज्ञासा, आलोचनात्मक सोच और व्यावहारिक शिक्षा को बढ़ावा देकर शिक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मैपकास्ट के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी का कहना है कि छात्रों को कक्षा से परे वैज्ञानिक अवधारणाओं का पता लगाने के अवसर प्रदान करते हैं, उन्हें प्रश्न पूछने, प्रयोग करने और परिणामों का स्वतंत्र रूप से विश्लेषण करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। अपनी परियोजनाओं की योजना बनाने, उन्हें क्रियान्वित करने और प्रस्तुत करने की प्रक्रिया के माध्यम से छात्र अनुसंधान, संचार और समस्या-समाधान जैसे आवश्यक कौशल विकसित करते हैं।
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कालेज परिसरों में दो दिन किए जाएंगे
विज्ञान मेले मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग व तकनीकी शिक्षा विभाग के सहयोग से विज्ञान मेलों को आयोजन माडल कालेज परिसरों में दो दिन किया जाएगा। राज्य सरकार की पहल पर ऐसे मेले पहली बार आयोजित किए जा रहे हैं, जो विद्यार्थियों के साथ ही जनसामान्य के लिए भी उपयोगी होंगे। अंतरिक्ष विज्ञान पर केंद्रित गतिविधियां, संवाद सत्र और प्रतियोगिताएं इनमें होंगी। तिथि और स्थान का निर्धारण करने के लिए 18 अगस्त को बैठक होगी।
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12 साल बाद मप्र में होगी नेशनल चिल्ड्रन कांग्रेस
अगस्त माह में ही भोपाल में नेशनल चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस का आयोजन भी किया जाना था लेकिन अपरिहार्य कारणों से केंद्र सरकार ने इसकी आगे तिथि आगे बढ़ा दी है। यह आयोजन अब नवंबर माह में आयोजित किया जाए। खास बात यह है कि यह आयोजन 12 साल बाद मप्र में हो रहा है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के सहयोग से कांग्रेस रवींद्र भवन में आयोजित होगी। दोनों आयोजनों के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं।
प्रदर्शन,संवाद और पुरस्कार होंगे मुख्य आकर्षण
डॉ. कोठारी ने बताया कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार की ओर से नेशनल चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस का आयोजन हर वर्ष किया जाता है। गत वर्ष यह आयोजन गांधी नगर, गुजरात में हुआ था। 12 साल बाद इसकी मेजबानी का अवसर मप्र को मिला है। पहले यह 28 से 31 अगस्त में होनी थी, लेकिन अब दीपावली के बाद होगी। नेशनल चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस में देश भर के 30 प्रदेशों से राज्य स्तर पर चयनित बच्चों के माडल प्रदर्शित किए जाएंगे। पूरे देश से आठ सौ बच्चे इसमें भाग लेंगे। प्रदर्शन,संवाद और पुरस्कार कांग्रेस के मुख्य आकर्षण होंगे।
