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भोपाल के 10 बड़े होटल-रेस्टोरेंट में छापा: सड़ी सब्जियां, एक्सपायरी चिकन-ब्रेड मिली, सैंपल जांच के लिए भेजे
Sun, 13 Sep 2026 07:17 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Sun, 13 Sep 2026 07:17 PM IST
सार
भोपाल में दो दिन चले खाद्य सुरक्षा विभाग के विशेष अभियान में 10 होटल-रेस्टोरेंट की जांच हुई। सयाजी में एक्सपायरी फिश-चिकन, रेडिसन में 50 किलो सड़े आलू, पलाश में सड़े मशरूम-सब्जियां और टर्टोकॉइज में कीटग्रस्त दाल-राजमा मिले। संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए हैं, जिनकी प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई होगी।
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जांच करने पहुंची टीम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी में खाद्य सुरक्षा विभाग ने शनिवार और रविवार को दो दिवसीय विशेष अभियान चलाकर 10 होटल, रेस्टोरेंट और खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई जगह खाद्य पदार्थों के भंडारण, स्वच्छता, लेबलिंग और खाद्य सुरक्षा मानकों में कमियां मिलीं। सड़ी और कीटग्रस्त खाद्य सामग्री को मौके पर नष्ट कराया गया, जबकि संदिग्ध खाद्य पदार्थों के वैधानिक नमूने जांच के लिए लिए गए हैं। कार्रवाई के दौरान होटल सयाजी में एक्सपायरी फिश और चिकन के उपयोग और भंडारण की स्थिति मिली। होटल रेडिसन में करीब 50 किलो सड़े आलू मिले। होटल पलाश में सड़े मशरूम और सब्जियां मिलीं। वहीं टर्टोकॉइज हॉस्पिटैलिटी में मूंग दाल और राजमा में कीट पाए गए। खाद्य सुरक्षा विभाग ने संबंधित प्रतिष्ठानों को सुधार सूचना जारी की है।
सयाजी में एक्सपायरी फिश-चिकन, पानी की रिपोर्ट भी नहीं मिली
12 सितंबर को होटल सयाजी लिमिटेड के निरीक्षण में एक्सपायरी डेट के बाद फिश और चिकन का उपयोग तथा एक्सपायरी नॉनवेज खाद्य पदार्थों का भंडारण पाया गया। वेज और नॉनवेज खाद्य पदार्थों की तैयारी और भंडारण में भी पर्याप्त पृथक्करण नहीं था। खुले डस्टबिन मिले। मीट और मीट उत्पादों से संबंधित लाइसेंस की जांच की गई। वहीं पानी की शुद्धता से संबंधित रिपोर्ट भी उचित रूप से उपलब्ध नहीं मिली। होटल प्रबंधन को कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए।
रेडिसन में 50 किलो सड़े आलू, ब्रेड भी मिसब्रांडेड
13 सितंबर को होटल रेडिसन की जांच में करीब 50 किलो सड़े हुए आलू मिले, जिन्हें मौके पर नष्ट कराया गया। हनी ब्रेड के चार पैकेट मिसब्रांडेड पाए गए और ब्रेड का नमूना जांच के लिए लिया गया। ब्रेड पर आवश्यक शाकाहारी चिह्न और खरीदी का बिल उपलब्ध नहीं था। मीट के पैकेट पर बेस्ट बिफोर की जानकारी, फ्रोजन मीट पैकेट पर रक्त के साक्ष्य और पहले पुराने खाद्य पदार्थ इस्तेमाल करने की व्यवस्था में कमियां मिलीं। होटल के कमरों में रखे डस्टबिन भी खुले मिले।
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पलाश में सड़े मशरूम-सब्जियां, एक्सपायरी आटा भी मिला
होटल पलाश, न्यू मार्केट में किचन की जांच के दौरान मशरूम के आठ पैकेट सड़ी अवस्था में मिले। इन्हें मौके पर नष्ट कराया गया। किचन में पांच खुले डस्टबिन में सड़े-गले खाद्य पदार्थ और अपशिष्ट रखा मिला। फ्रोजन एरिया में बैंगन, पालक और अन्य सब्जियां खराब हालत में मिलीं। फ्रीजर और फ्रिज में खाद्य पदार्थों का सही तरीके से संधारण नहीं था। इसके अलावा 500 ग्राम कलश आटे का एक पैकेट बेस्ट बिफोर अवधि खत्म होने के बाद भी उपयोग के लिए रखा मिला। चिकन मसाला भी आवश्यक लेबल विवरण के बिना पाया गया।
टर्टोकॉइज में दाल-राजमा में कीट, फ्रीजर भी गंदा
सैर सपाटा रोड स्थित टर्टोकॉइज हॉस्पिटैलिटी में मूंग दाल और राजमा में कीट लगे हुए पाए गए। इन्हें मौके पर नष्ट कराया गया। नॉनवेज फ्रीजर की सफाई भी संतोषजनक नहीं मिली और भंडारण क्षेत्र में कीटों की मौजूदगी के संकेत मिले। खाद्य लाइसेंस का प्रदर्शन नहीं था। डस्टबिन खुले मिले और कढ़ाई अत्यधिक काली व अस्वच्छ अवस्था में पाई गई। पेस्ट कंट्रोल और खाद्य हैंडलर्स के मेडिकल फिटनेस से संबंधित व्यवस्थाओं की भी जांच की गई।
साक्षी ढाबे में मटन-पनीर के नमूने लिए
सीएम हेल्पलाइन से मिली शिकायत के आधार पर सैर सपाटा स्थित साक्षी ढाबे की जांच की गई। शिकायत में बकरे या चिकन की जगह किसी अन्य प्रकार के मांस के इस्तेमाल का आरोप था। विभाग ने मटन और पनीर के नमूने जांच के लिए लिए हैं। प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
महादेव भोजनालय में पेस्ट कंट्रोल प्रमाणपत्र नहीं
सीएम हेल्पलाइन की शिकायत पर महादेव भोजनालय की भी जांच की गई। यहां पेस्ट कंट्रोल प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं मिला। खाद्य पंजीयन था, लेकिन उसे उचित स्थान पर प्रदर्शित नहीं किया गया था। पनीर की मौके पर प्राथमिक जांच की गई, जिसमें एनालॉग पनीर की पुष्टि नहीं हुई। हालांकि पनीर में फैट कम होने का संदेह होने पर उसका नमूना जांच के लिए लिया गया। इसके अलावा उत्तपम का भी वैधानिक नमूना लिया गया। कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र बनवाने के निर्देश दिए गए।
आदित्य ग्रैंड में एक्सपायरी ब्रेड
दूरसंचार नगर स्थित होटल आदित्य ग्रैंड में करीब आधा पैकेट एक्सपायरी ब्रेड मिली। खाद्य हैंडलर्स के मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं थे। खाद्य पदार्थ तैयार करते समय कर्मचारी हेयर कवर का इस्तेमाल भी नहीं कर रहे थे। पनीर की गुणवत्ता पर संदेह होने पर उसका नमूना जांच के लिए लिया गया। होटल प्रबंधन को सुधार के निर्देश दिए गए।
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ताज, जहांनुमा और क्राउन में व्यवस्थाएं संतोषजनक
होटल ताज में वेज और नॉनवेज खाद्य पदार्थों के अलग-अलग भंडारण की व्यवस्था पाई गई। पनीर की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर बिल की जांच की गई, जो प्राथमिक स्तर पर उचित पाया गया। प्रबंधन को आवश्यक सुधार निर्देश दिए गए। होटल जहांनुमा रिट्रीट और सैर सपाटा में खाद्य लाइसेंस का प्रदर्शन, अलग-अलग डीप फ्रीजर और वेज-नॉनवेज किचन की पृथक व्यवस्था मिली। यहां खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। होटल द क्राउन 1909 रूफटॉप रेस्टोरेंट में भी वेज-नॉनवेज खाद्य पदार्थों का उचित भंडारण, साफ किचन और स्टोरेज एरिया तथा लाइसेंस का प्रदर्शन पाया गया। यहां कोई खाद्य नमूना नहीं लिया गया।
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लैब रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार अभियान के दौरान लिए गए खाद्य नमूनों को अधिकृत प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जा रहा है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर अंतिम निर्णय प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर ही होगा। रिपोर्ट मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने जिन प्रतिष्ठानों में स्वच्छता, भंडारण, लाइसेंस, लेबलिंग, खाद्य पदार्थों के पृथक्करण और कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस जैसी कमियां पाई हैं, उन्हें सुधार सूचना जारी की है। अधिकारियों के अनुसार होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की औचक जांच आगे भी जारी रहेगी।
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सयाजी में एक्सपायरी फिश-चिकन, पानी की रिपोर्ट भी नहीं मिली
12 सितंबर को होटल सयाजी लिमिटेड के निरीक्षण में एक्सपायरी डेट के बाद फिश और चिकन का उपयोग तथा एक्सपायरी नॉनवेज खाद्य पदार्थों का भंडारण पाया गया। वेज और नॉनवेज खाद्य पदार्थों की तैयारी और भंडारण में भी पर्याप्त पृथक्करण नहीं था। खुले डस्टबिन मिले। मीट और मीट उत्पादों से संबंधित लाइसेंस की जांच की गई। वहीं पानी की शुद्धता से संबंधित रिपोर्ट भी उचित रूप से उपलब्ध नहीं मिली। होटल प्रबंधन को कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए।
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रेडिसन में 50 किलो सड़े आलू, ब्रेड भी मिसब्रांडेड
13 सितंबर को होटल रेडिसन की जांच में करीब 50 किलो सड़े हुए आलू मिले, जिन्हें मौके पर नष्ट कराया गया। हनी ब्रेड के चार पैकेट मिसब्रांडेड पाए गए और ब्रेड का नमूना जांच के लिए लिया गया। ब्रेड पर आवश्यक शाकाहारी चिह्न और खरीदी का बिल उपलब्ध नहीं था। मीट के पैकेट पर बेस्ट बिफोर की जानकारी, फ्रोजन मीट पैकेट पर रक्त के साक्ष्य और पहले पुराने खाद्य पदार्थ इस्तेमाल करने की व्यवस्था में कमियां मिलीं। होटल के कमरों में रखे डस्टबिन भी खुले मिले।
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पलाश में सड़े मशरूम-सब्जियां, एक्सपायरी आटा भी मिला
होटल पलाश, न्यू मार्केट में किचन की जांच के दौरान मशरूम के आठ पैकेट सड़ी अवस्था में मिले। इन्हें मौके पर नष्ट कराया गया। किचन में पांच खुले डस्टबिन में सड़े-गले खाद्य पदार्थ और अपशिष्ट रखा मिला। फ्रोजन एरिया में बैंगन, पालक और अन्य सब्जियां खराब हालत में मिलीं। फ्रीजर और फ्रिज में खाद्य पदार्थों का सही तरीके से संधारण नहीं था। इसके अलावा 500 ग्राम कलश आटे का एक पैकेट बेस्ट बिफोर अवधि खत्म होने के बाद भी उपयोग के लिए रखा मिला। चिकन मसाला भी आवश्यक लेबल विवरण के बिना पाया गया।
टर्टोकॉइज में दाल-राजमा में कीट, फ्रीजर भी गंदा
सैर सपाटा रोड स्थित टर्टोकॉइज हॉस्पिटैलिटी में मूंग दाल और राजमा में कीट लगे हुए पाए गए। इन्हें मौके पर नष्ट कराया गया। नॉनवेज फ्रीजर की सफाई भी संतोषजनक नहीं मिली और भंडारण क्षेत्र में कीटों की मौजूदगी के संकेत मिले। खाद्य लाइसेंस का प्रदर्शन नहीं था। डस्टबिन खुले मिले और कढ़ाई अत्यधिक काली व अस्वच्छ अवस्था में पाई गई। पेस्ट कंट्रोल और खाद्य हैंडलर्स के मेडिकल फिटनेस से संबंधित व्यवस्थाओं की भी जांच की गई।
साक्षी ढाबे में मटन-पनीर के नमूने लिए
सीएम हेल्पलाइन से मिली शिकायत के आधार पर सैर सपाटा स्थित साक्षी ढाबे की जांच की गई। शिकायत में बकरे या चिकन की जगह किसी अन्य प्रकार के मांस के इस्तेमाल का आरोप था। विभाग ने मटन और पनीर के नमूने जांच के लिए लिए हैं। प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
महादेव भोजनालय में पेस्ट कंट्रोल प्रमाणपत्र नहीं
सीएम हेल्पलाइन की शिकायत पर महादेव भोजनालय की भी जांच की गई। यहां पेस्ट कंट्रोल प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं मिला। खाद्य पंजीयन था, लेकिन उसे उचित स्थान पर प्रदर्शित नहीं किया गया था। पनीर की मौके पर प्राथमिक जांच की गई, जिसमें एनालॉग पनीर की पुष्टि नहीं हुई। हालांकि पनीर में फैट कम होने का संदेह होने पर उसका नमूना जांच के लिए लिया गया। इसके अलावा उत्तपम का भी वैधानिक नमूना लिया गया। कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र बनवाने के निर्देश दिए गए।
आदित्य ग्रैंड में एक्सपायरी ब्रेड
दूरसंचार नगर स्थित होटल आदित्य ग्रैंड में करीब आधा पैकेट एक्सपायरी ब्रेड मिली। खाद्य हैंडलर्स के मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं थे। खाद्य पदार्थ तैयार करते समय कर्मचारी हेयर कवर का इस्तेमाल भी नहीं कर रहे थे। पनीर की गुणवत्ता पर संदेह होने पर उसका नमूना जांच के लिए लिया गया। होटल प्रबंधन को सुधार के निर्देश दिए गए।
यह भी पढ़ें-भोपाल: गरबा पंडालों में पंचगव्य पीने के बाद प्रवेश, दुर्गा प्रतिमा और आरती की मांग, हिंदू संगठन ने दी चेतावनी
ताज, जहांनुमा और क्राउन में व्यवस्थाएं संतोषजनक
होटल ताज में वेज और नॉनवेज खाद्य पदार्थों के अलग-अलग भंडारण की व्यवस्था पाई गई। पनीर की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर बिल की जांच की गई, जो प्राथमिक स्तर पर उचित पाया गया। प्रबंधन को आवश्यक सुधार निर्देश दिए गए। होटल जहांनुमा रिट्रीट और सैर सपाटा में खाद्य लाइसेंस का प्रदर्शन, अलग-अलग डीप फ्रीजर और वेज-नॉनवेज किचन की पृथक व्यवस्था मिली। यहां खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। होटल द क्राउन 1909 रूफटॉप रेस्टोरेंट में भी वेज-नॉनवेज खाद्य पदार्थों का उचित भंडारण, साफ किचन और स्टोरेज एरिया तथा लाइसेंस का प्रदर्शन पाया गया। यहां कोई खाद्य नमूना नहीं लिया गया।
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लैब रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार अभियान के दौरान लिए गए खाद्य नमूनों को अधिकृत प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जा रहा है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर अंतिम निर्णय प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर ही होगा। रिपोर्ट मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने जिन प्रतिष्ठानों में स्वच्छता, भंडारण, लाइसेंस, लेबलिंग, खाद्य पदार्थों के पृथक्करण और कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस जैसी कमियां पाई हैं, उन्हें सुधार सूचना जारी की है। अधिकारियों के अनुसार होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की औचक जांच आगे भी जारी रहेगी।
