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MP NEWS: भोपाल में प्रदेश भर के सरपंचों का प्रदर्शन, मंत्री से चर्चा में नहीं बनी बात, दो गुटों में बंटे सरपंच
Tue, 23 Jul 2024 07:43 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Tue, 23 Jul 2024 07:43 PM IST
सार
प्रदेश भर के 23 हजार सरपंच राजधानी भोपाल में अपनी 21 सूत्री मांग को लेकर पहुंचे। सीएम हाउस का घेराव करने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
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भोपाल में सरपंचों का प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी भोपाल में प्रदेश भर के 23 हजार पंचायतों से सरपंच मंगलवार को पहुंचे। सरपंच अपनी क मांगों को लेकर को सीएम हाउस का घेराव करने पहुंचे लेकिन पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद लिंक नंबर दो स्थित सेकेंड स्टाप अंबेडकर मैदान में जमा हुए। मुख्यमंत्री निवास घेरने निकले सरपंच सड़क पर ही बैठ गए। पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल उन्हें मनाने पहुंचे थे लेकिन बात नहीं बनी। हालांकि शाम होते-होते सरपंच दो भागों में बट गए। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के धरना स्थल पहुंचने से बीजेपी समर्थक सरपंच वहां से चले गए।
कल से सभी पंचायत में तालाबंदी
राजधानी पहुंचे सरपंचों का कहना है कि प्रशासन को मालूम था कि सरपंच आज यहां आने वाले हैं। इसके बाद भी यहां पानी तक की व्यवस्था नहीं की गई। हमारा यहां अपमान हो रहा है। कल से सभी पंचायतों में तालाबंदी रहेगी।
सरपंचों के तीन गुटों ने संयुक्त रूप किया प्रदर्शन
गौरतलब है सरपंचों के 3 गुटों ने संयुक्त रूप से सीएम हाउस घेराव का ऐलान किया था। सरपंचों से बात करने पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल भी पहुंचे। लेकिन, सरपंच मंत्री की बात से सहमत नहीं हुए। इसके बाद वे सीएम हाउस घेराव के लिए निकल पड़े। सरपंच जैसे ही आगे बढ़े पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। पुलिस के घेरे को तोड़कर महिला सरपंच आगे बढ़ने लगीं तो पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोक लिया।
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मुख्य मंत्री से नहीं हुई मुलाकात
सरपंच संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री से मुलाकात की अफवाह फैलाई गई है। हमारी कोई मुलाकात नहीं हुई है। सिर्फ नाम मांगे गए थे। मुख्यमंत्री हमारी बात सुनना ही नहीं चाहते हैं। अब जब तक हमारी मांगों का निराकरण नहीं होता हम यही सड़क पर बैठेंगे। जितने भी दिन बीत जाए हम मांगे पूरी कराए बिना जाने वाले नहीं है। सरपंचों ने सरकार से 15 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन की मांग की है।
अध्यक्ष बोले केवल कांग्रेसी सरपंच प्रदर्शन में बचे
सरपंच संघ के दूसरे प्रदेश अध्यक्ष रामप्रसाद चौधरी ने बताया कि पीसीसी चीफ जीतू पटवारी सरपंचों के धरना स्थल में पहुंचकर पार्टी बाद कर दिया है। इसलिए हम लोगों ने वहां से जाना उचित समझा। केवल कांग्रेसी सरपंच अब प्रदर्शन में बचे हुए हैं। चौधरी ने कहा कि हमारे मंत्री से बात हुई है कुछ मांगों पर सहमति बनी है कुछ मांगों पर अभी बात नहीं हो पाई है।
जीतू पटवारी बोले- सरपंचों 20 हजार महीने मिले वेतन
सरपंचों के धरना-प्रदर्शन में सरपंचों का समर्थन करने पहुंचे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सरपंचों के साथ है। सरपंचों को प्रतिमाह 20 हजार और पंचों को 5 हजार वेतन दिया जाना चाहिए। पटवारी ने कहा कि मप्र की ग्राम पंचायतों का जो स्वरूप है, वह अधिकारियों के भ्रष्टाचार का शिकार हो गया है। संरपंच को उसका अधिकार मिलेगा तो वह गांव का विकास कर सकेगा, जनता का काम करने वाले गांव के प्रतिनिधि को मानदेय मिले, क्योंकि जनता के बीच जबावदेही सरपंच की होती है। मुख्यमंत्री से सवाल करते हुये पटवारी ने कहा कि जनता के भारी समर्थन से आपकी सरकार बनी है, यदि आप अलोकतांत्रिक निर्णय लेंगे तो जिस जनता ने आपको चुना वही जनता आपको अर्श से फर्श पर ला सकती है। कांग्रेस पार्टी ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आने वाले सरपंचों के अधिकार की लड़ाई में उनके साथ खड़ी होकर उनका समर्थन करती है। ग्राम पंचायतों में सरपंचों के हक और न्याय के लिए उनके साथ मैदान में खड़ी है।
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कल से सभी पंचायत में तालाबंदी
राजधानी पहुंचे सरपंचों का कहना है कि प्रशासन को मालूम था कि सरपंच आज यहां आने वाले हैं। इसके बाद भी यहां पानी तक की व्यवस्था नहीं की गई। हमारा यहां अपमान हो रहा है। कल से सभी पंचायतों में तालाबंदी रहेगी।
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सरपंचों के तीन गुटों ने संयुक्त रूप किया प्रदर्शन
गौरतलब है सरपंचों के 3 गुटों ने संयुक्त रूप से सीएम हाउस घेराव का ऐलान किया था। सरपंचों से बात करने पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल भी पहुंचे। लेकिन, सरपंच मंत्री की बात से सहमत नहीं हुए। इसके बाद वे सीएम हाउस घेराव के लिए निकल पड़े। सरपंच जैसे ही आगे बढ़े पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। पुलिस के घेरे को तोड़कर महिला सरपंच आगे बढ़ने लगीं तो पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोक लिया।
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मुख्य मंत्री से नहीं हुई मुलाकात
सरपंच संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री से मुलाकात की अफवाह फैलाई गई है। हमारी कोई मुलाकात नहीं हुई है। सिर्फ नाम मांगे गए थे। मुख्यमंत्री हमारी बात सुनना ही नहीं चाहते हैं। अब जब तक हमारी मांगों का निराकरण नहीं होता हम यही सड़क पर बैठेंगे। जितने भी दिन बीत जाए हम मांगे पूरी कराए बिना जाने वाले नहीं है। सरपंचों ने सरकार से 15 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन की मांग की है।
अध्यक्ष बोले केवल कांग्रेसी सरपंच प्रदर्शन में बचे
सरपंच संघ के दूसरे प्रदेश अध्यक्ष रामप्रसाद चौधरी ने बताया कि पीसीसी चीफ जीतू पटवारी सरपंचों के धरना स्थल में पहुंचकर पार्टी बाद कर दिया है। इसलिए हम लोगों ने वहां से जाना उचित समझा। केवल कांग्रेसी सरपंच अब प्रदर्शन में बचे हुए हैं। चौधरी ने कहा कि हमारे मंत्री से बात हुई है कुछ मांगों पर सहमति बनी है कुछ मांगों पर अभी बात नहीं हो पाई है।
जीतू पटवारी बोले- सरपंचों 20 हजार महीने मिले वेतन
सरपंचों के धरना-प्रदर्शन में सरपंचों का समर्थन करने पहुंचे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सरपंचों के साथ है। सरपंचों को प्रतिमाह 20 हजार और पंचों को 5 हजार वेतन दिया जाना चाहिए। पटवारी ने कहा कि मप्र की ग्राम पंचायतों का जो स्वरूप है, वह अधिकारियों के भ्रष्टाचार का शिकार हो गया है। संरपंच को उसका अधिकार मिलेगा तो वह गांव का विकास कर सकेगा, जनता का काम करने वाले गांव के प्रतिनिधि को मानदेय मिले, क्योंकि जनता के बीच जबावदेही सरपंच की होती है। मुख्यमंत्री से सवाल करते हुये पटवारी ने कहा कि जनता के भारी समर्थन से आपकी सरकार बनी है, यदि आप अलोकतांत्रिक निर्णय लेंगे तो जिस जनता ने आपको चुना वही जनता आपको अर्श से फर्श पर ला सकती है। कांग्रेस पार्टी ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आने वाले सरपंचों के अधिकार की लड़ाई में उनके साथ खड़ी होकर उनका समर्थन करती है। ग्राम पंचायतों में सरपंचों के हक और न्याय के लिए उनके साथ मैदान में खड़ी है।
