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जेपी में आधे घंटे तक तड़पता रहा मरीज: लापरवाही के आरोप, अधीक्षक बोले- पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलेगी हकीकत
Tue, 27 Oct 2026 07:23 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Tue, 27 Oct 2026 07:23 PM IST
सार
भोपाल के जेपी अस्पताल में अमन चौरासे की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही और इंजेक्शन लगाने वाले डॉक्टर के नशे में होने का आरोप लगाया है। आईसीयू के वीडियो के सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। अस्पताल अधीक्षक ने कहा कि मामला अल्कोहलिक इंटॉक्सिकेशन से जुड़ा था और डॉक्टर ने पुलिस को सूचना दी थी। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की असली वजह स्पष्ट होगी और बिना जांच डॉक्टर पर आरोप लगाना सही नहीं है।
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अस्तपाल में भर्ती के दौरान मरीज
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
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राजधानी के जयप्रकाश जिला अस्पताल (जेपी अस्पताल) में अमन चौरासे की मौत के बाद इलाज में लापरवाही को लेकर सवाल उठे हैं। परिजनों का आरोप है कि इंजेक्शन लगाने के बाद अमन की हालत बिगड़ गई और आईसीयू में भी उसे समय पर उपचार नहीं मिला। इस मामले में अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संजय जैन ने कहा कि मरीज का मामला अल्कोहलिक इंटॉक्सिकेशन यानी शराब के नशे से जुड़ा था। डॉक्टर ने पुलिस को सूचना दे दी थी। मौत की असल वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। अधीक्षक ने डॉक्टर पर नशे में होने के आरोप को लेकर कहा कि बिना जांच किसी डॉक्टर पर इस तरह का आरोप लगाना सही नहीं है। उन्होंने मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर स्थिति स्पष्ट होने की बात कही।
इंजेक्शन के बाद हालत बिगड़ने का परिजनों का दावा
अमन के भाई पंकज चौरासे के मुताबिक, वह सोमवार रात करीब 10:40 बजे अमन को बाइक से जेपी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। अमन को घबराहट हो रही थी। अस्पताल में ब्लड प्रेशर जांचने के बाद उसे इंजेक्शन लगाया गया। परिजनों का दावा है कि पहले इंजेक्शन के बाद ज्यादा परेशानी नहीं हुई, लेकिन दूसरे इंजेक्शन के बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी।पंकज और अमन के साथी संजय डूंगर दवे का आरोप है कि उन्होंने डॉक्टर और नर्स को अमन की बिगड़ती हालत के बारे में बताया, लेकिन बाद में उसे आईसीयू में भेजा गया। परिजनों के अनुसार, अमन करीब आधे घंटे तक आईसीयू में बेचैन होकर तड़पता रहा। उन्होंने इलाज में देरी और इंजेक्शन लगाने वाले डॉक्टर के नशे में होने का आरोप भी लगाया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
आईसीयू के वीडियो से उठे सवाल
अमन की मौत के बाद आईसीयू का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह बिस्तर पर बेचैन दिखाई दे रहा है। परिजनों का कहना है कि वीडियो उसकी तकलीफ और उपचार के दौरान की स्थिति को दिखाता है। हालांकि, वीडियो के आधार पर अकेले चिकित्सकीय लापरवाही की पुष्टि नहीं की जा सकती। पंकज का आरोप है कि अमन को आईसीयू में ले जाने के बाद परिजनों को उसकी स्थिति की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई और करीब एक घंटे बाद मौत की सूचना दी गई।
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यह भी पढ़ें-एमपी: महंगाई भत्ता अटका, एरियर बाकी और पदोन्नति का इंतजार,4 नवंबर को भोपाल में अधिकारी-कर्मचारियों का प्रदर्शन
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगी मौत की वजह
अस्पताल अधीक्षक डॉ. संजय जैन के अनुसार, डॉक्टर ने पुलिस को सूचना दे दी थी। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम के बाद ही मौत की वास्तविक वजह पता चल पाएगी। अस्पताल प्रबंधन ने डॉक्टर पर लगाए गए आरोपों को लेकर जांच से पहले निष्कर्ष निकालने पर आपत्ति जताई है।अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मामले की जांच से यह स्पष्ट होगा कि अमन की मौत किन परिस्थितियों में हुई। साथ ही, परिजनों की ओर से लगाए गए इलाज में देरी और डॉक्टर के नशे में होने के आरोपों की पुष्टि होना भी बाकी है।
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इंजेक्शन के बाद हालत बिगड़ने का परिजनों का दावा
अमन के भाई पंकज चौरासे के मुताबिक, वह सोमवार रात करीब 10:40 बजे अमन को बाइक से जेपी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। अमन को घबराहट हो रही थी। अस्पताल में ब्लड प्रेशर जांचने के बाद उसे इंजेक्शन लगाया गया। परिजनों का दावा है कि पहले इंजेक्शन के बाद ज्यादा परेशानी नहीं हुई, लेकिन दूसरे इंजेक्शन के बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी।पंकज और अमन के साथी संजय डूंगर दवे का आरोप है कि उन्होंने डॉक्टर और नर्स को अमन की बिगड़ती हालत के बारे में बताया, लेकिन बाद में उसे आईसीयू में भेजा गया। परिजनों के अनुसार, अमन करीब आधे घंटे तक आईसीयू में बेचैन होकर तड़पता रहा। उन्होंने इलाज में देरी और इंजेक्शन लगाने वाले डॉक्टर के नशे में होने का आरोप भी लगाया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
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आईसीयू के वीडियो से उठे सवाल
अमन की मौत के बाद आईसीयू का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह बिस्तर पर बेचैन दिखाई दे रहा है। परिजनों का कहना है कि वीडियो उसकी तकलीफ और उपचार के दौरान की स्थिति को दिखाता है। हालांकि, वीडियो के आधार पर अकेले चिकित्सकीय लापरवाही की पुष्टि नहीं की जा सकती। पंकज का आरोप है कि अमन को आईसीयू में ले जाने के बाद परिजनों को उसकी स्थिति की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई और करीब एक घंटे बाद मौत की सूचना दी गई।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगी मौत की वजह
अस्पताल अधीक्षक डॉ. संजय जैन के अनुसार, डॉक्टर ने पुलिस को सूचना दे दी थी। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम के बाद ही मौत की वास्तविक वजह पता चल पाएगी। अस्पताल प्रबंधन ने डॉक्टर पर लगाए गए आरोपों को लेकर जांच से पहले निष्कर्ष निकालने पर आपत्ति जताई है।अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मामले की जांच से यह स्पष्ट होगा कि अमन की मौत किन परिस्थितियों में हुई। साथ ही, परिजनों की ओर से लगाए गए इलाज में देरी और डॉक्टर के नशे में होने के आरोपों की पुष्टि होना भी बाकी है।
