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MP Weather: प्रदेश में रातें हुईं सर्द, दक्षिणी हिस्से के 9 जिलों में आज बादल छाने और हल्की बारिश का अनुमान
Thu, 16 Oct 2025 07:31 AM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Thu, 16 Oct 2025 07:31 AM IST
सार
भोपाल, इंदौर और सागर संभाग की रातें अब ठंडी होने लगी हैं। तापमान 17 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। दूसरी ओर, प्रदेश के दक्षिणी हिस्से के 9 जिलों में आज बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना है।
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मौसम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश में मौसम ने करवट ली है। भोपाल, इंदौर और सागर संभाग की रातें अब ठंडी होने लगी हैं। तापमान 17 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। दूसरी ओर, प्रदेश के दक्षिणी हिस्से के 9 जिलों में आज बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना है। खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में आज मौसम भीग सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि भले ही प्रदेश से मानसून विदा हो चुका हो, लेकिन अगले कुछ दिन हल्की बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है।
रात के तापमान में गिरावट
प्रदेश के कई हिस्सों में पारा 20 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। नौगांव और खंडवा में सबसे कम 15.4 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। वहीं भोपाल में रात का तापमान 20.6 डिग्री, इंदौर में 18.2 डिग्री और ग्वालियर में 18 डिग्री रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर भारत में बर्फबारी के कारण ठंडी हवाएं मध्यप्रदेश में पहुंच रही हैं, जिससे रातें सर्द होने लगी हैं।
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मानसून की विदाई, पर असर बरकरार
इस साल मानसून 16 जून को प्रदेश में दाखिल हुआ था और 13 अक्टूबर को पूरी तरह विदा हो गया। कुल 3 महीने 28 दिन तक सक्रिय रहा। इसके बावजूद दक्षिणी एमपी में बारिश का असर बना हुआ है। मौसम विभाग ने 16 से 18 अक्टूबर तक हल्की बारिश और बिजली चमकने की चेतावनी जारी की है।
यह भी पढ़ें-भोपाल की करोंद मंडी में भीषण आग से मचा हड़कंप, मखाने के गोदाम में लगी आग, लाखों का माल खाक
ऐसी रही इस वर्ष की बरसात
इस बार सबसे ज्यादा बारिश गुना में हुई – 65.6 इंच। मंडला और रायसेन में भी 62 इंच से ज्यादा पानी बरसा। वहीं, शाजापुर (28.9 इंच), खरगोन, खंडवा, बड़वानी और धार जैसे जिलों में सबसे कम वर्षा हुई। सीजन की शुरुआत में बारिश की कमी से जूझ रहे इंदौर संभाग में सितंबर में झमाझम बारिश हुई, जिससे यहां सामान्य बारिश का लक्ष्य पूरा हो गया। हालांकि, उज्जैन जिले में अब भी कोटा पूरा नहीं हुआ है। सागर, रीवा, जबलपुर और शहडोल संभागों में मानसून का जोरदार असर रहा। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के सभी 8 जिलों ने औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की, जिनमें ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर शामिल हैं।
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रात के तापमान में गिरावट
प्रदेश के कई हिस्सों में पारा 20 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। नौगांव और खंडवा में सबसे कम 15.4 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। वहीं भोपाल में रात का तापमान 20.6 डिग्री, इंदौर में 18.2 डिग्री और ग्वालियर में 18 डिग्री रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर भारत में बर्फबारी के कारण ठंडी हवाएं मध्यप्रदेश में पहुंच रही हैं, जिससे रातें सर्द होने लगी हैं।
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मानसून की विदाई, पर असर बरकरार
इस साल मानसून 16 जून को प्रदेश में दाखिल हुआ था और 13 अक्टूबर को पूरी तरह विदा हो गया। कुल 3 महीने 28 दिन तक सक्रिय रहा। इसके बावजूद दक्षिणी एमपी में बारिश का असर बना हुआ है। मौसम विभाग ने 16 से 18 अक्टूबर तक हल्की बारिश और बिजली चमकने की चेतावनी जारी की है।
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ऐसी रही इस वर्ष की बरसात
इस बार सबसे ज्यादा बारिश गुना में हुई – 65.6 इंच। मंडला और रायसेन में भी 62 इंच से ज्यादा पानी बरसा। वहीं, शाजापुर (28.9 इंच), खरगोन, खंडवा, बड़वानी और धार जैसे जिलों में सबसे कम वर्षा हुई। सीजन की शुरुआत में बारिश की कमी से जूझ रहे इंदौर संभाग में सितंबर में झमाझम बारिश हुई, जिससे यहां सामान्य बारिश का लक्ष्य पूरा हो गया। हालांकि, उज्जैन जिले में अब भी कोटा पूरा नहीं हुआ है। सागर, रीवा, जबलपुर और शहडोल संभागों में मानसून का जोरदार असर रहा। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के सभी 8 जिलों ने औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की, जिनमें ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर शामिल हैं।
