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एमपी: कोसमी में आदिवासियों के घर तोड़ने पर सीएम से मिले शिवराज, दोषी अफसरों पर कार्रवाई का भरोसा
Fri, 16 Oct 2026 07:20 AM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Fri, 16 Oct 2026 07:20 AM IST
सार
सीहोर के कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े जाने के मामले में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। बैठक में मुख्यमंत्री ने मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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सीएम मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री शिवराज और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिले के बुधनी क्षेत्र के कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े जाने का मामला मुख्यमंत्री मोहन यादव तक पहुंच गया है। गुरुवार देर शाम केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से सीएम हाउस में मुलाकात की। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद रहे। जानकारी के अनुसार, बैठक में कोसमी गांव में वन विभाग की कार्रवाई और आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े जाने का मुद्दा उठाया गया। मुख्यमंत्री ने मामले की जांच कराने और जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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प्रतिनिधिमंडल में आदिवासी परिवारों के प्रतिनिधि भी शामिल थे। शिवराज सिंह चौहान पहले भी इस कार्रवाई पर नाराजगी जता चुके हैं। उन्होंने कहा था कि उनके क्षेत्र में आदिवासी परिवारों के साथ अन्याय हुआ है और उन्होंने बच्चों को चीखते तथा महिलाओं को कराहते देखा है। बता दें कि 11 अक्टूबर को कोसमी गांव में वन विभाग की कार्रवाई के दौरान 12 परिवारों के मकान तोड़े गए थे। प्रभावित परिवारों ने जमीन के पट्टे, मकानों और फसल के नुकसान का मुआवजा तथा कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कदम उठाने की मांग की है। इस मामले को लेकर आदिवासी समुदाय के लोगों ने भोपाल तक पैदल मार्च भी शुरू किया है।
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प्रतिनिधिमंडल में आदिवासी परिवारों के प्रतिनिधि भी शामिल थे। शिवराज सिंह चौहान पहले भी इस कार्रवाई पर नाराजगी जता चुके हैं। उन्होंने कहा था कि उनके क्षेत्र में आदिवासी परिवारों के साथ अन्याय हुआ है और उन्होंने बच्चों को चीखते तथा महिलाओं को कराहते देखा है। बता दें कि 11 अक्टूबर को कोसमी गांव में वन विभाग की कार्रवाई के दौरान 12 परिवारों के मकान तोड़े गए थे। प्रभावित परिवारों ने जमीन के पट्टे, मकानों और फसल के नुकसान का मुआवजा तथा कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कदम उठाने की मांग की है। इस मामले को लेकर आदिवासी समुदाय के लोगों ने भोपाल तक पैदल मार्च भी शुरू किया है।
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