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मध्यप्रदेश: सिया अध्यक्ष ने केंद्र और राज्य सरकार को लिखा पत्र, अब एसीएस पर काम में बाधा डालने का लगाया आरोप
Wed, 07 Oct 2026 08:58 AM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Wed, 07 Oct 2026 08:58 AM IST
सार
मध्यप्रदेश में सिया के कामकाज को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। अध्यक्ष शिवनारायण सिंह चौहान ने केंद्र और राज्य सरकार को पत्र लिखकर एसीएस पर काम में बाधा डालने और प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित होने के आरोप लगाए हैं।
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सिया अध्यक्ष शिवनारायण सिंह चौहान और एसीएस अनिरुद्ध मुखर्जी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश स्टेट एनवायरनमेंट इम्पैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी (सिया) में प्रशासनिक कामकाज को लेकर विवाद सामने आया है। सिया के अध्यक्ष शिवनारायण सिंह चौहान ने केंद्र और राज्य सरकार को पत्र भेजकर संस्था के कामकाज में सुधार के लिए हस्तक्षेप की मांग की है। पत्र में अधिकारियों के बार-बार तबादले और कर्मचारियों पर काम के दबाव समेत कई मुद्दे उठाए गए हैं। अध्यक्ष ने अपने पत्र में कहा है कि अधिकारियों के लगातार स्थानांतरण से सिया के कामकाज पर असर पड़ रहा है। उनका आरोप है कि कर्मचारियों को सीमित स्टाफ के बीच काम करना पड़ रहा है और कुछ मामलों में काम नहीं करने पर कार्रवाई या हटाने की चेतावनी जैसी स्थिति भी बन रही है। अध्यक्ष ने मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल और केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय को लिखे पत्र में पूरे मामले में हस्तक्षेप कर व्यवस्था सुधारने की मांग की है।
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200 से ज्यादा मामले निपटारे का इंतजार
सिया के सामने लंबित मामलों का दबाव भी लगातार बढ़ रहा है। करीब 200 मामले लंबे समय से लंबित हैं। इनमें से 237 मामलों में पर्यावरणीय स्वीकृति से जुड़े मामलों पर सुनवाई की प्रक्रिया प्रभावित होने का दावा किया गया है। अध्यक्ष ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार पर्यावरणीय मंजूरी से संबंधित मामलों का समय पर निपटारा जरूरी है। ऐसे में लंबित प्रकरणों की संख्या बढ़ना संस्था के लिए बड़ी चुनौती बन रहा है।
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शीर्ष अधिकारियों के बीच भी खींचतान
सिया में प्रशासनिक विवाद का असर वरिष्ठ स्तर तक पहुंचने की बात पत्र में कही गई है। बता दें इससे पहले कार्यपालिका निदेशक उमा माहेश्वरी के कार्यकाल के दौरान भी अधिकारियों और अध्यक्ष के बीच मतभेद सामने आए थे। अब पर्यावरण विभाग के अपर मुख्य सचिव अनिरुद्ध मुखर्जी के साथ भी टकराव की स्थिति बनने की बात सामने आई।
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16 महीने में चार आईएएस अधिकारियों की जिम्मेदारी बदली
सिया में प्रशासनिक स्तर पर लगातार बदलाव भी चर्चा में हैं। पिछले करीब 16 महीने में चार आईएएस अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गईं। जानकारी के अनुसार, दीपक आर्य, अमनवीर सिंह और अन्य अधिकारियों को अलग-अलग समय पर जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद दीपक आर्य को दोबारा प्रभार सौंपे जाने का भी उल्लेख है। बाद में उनके स्थान पर सुधीर कोचर और फिर हर्षल पंचोली को जिम्मेदारी दी गई। पंचोली के चुनाव ड्यूटी पर जाने के बाद सदस्य सचिव का प्रभार युवा एवं खेल कल्याण विभाग के अधिकारी अजय श्रीवास्तव को दिया गया।
कामकाज पर पड़ रहा असर
अध्यक्ष का कहना है कि बार-बार होने वाले प्रशासनिक बदलावों का सीधा असर सिया के कामकाज पर पड़ रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों के लगातार बदलने से लंबित प्रकरणों का निपटारा प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
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200 से ज्यादा मामले निपटारे का इंतजार
सिया के सामने लंबित मामलों का दबाव भी लगातार बढ़ रहा है। करीब 200 मामले लंबे समय से लंबित हैं। इनमें से 237 मामलों में पर्यावरणीय स्वीकृति से जुड़े मामलों पर सुनवाई की प्रक्रिया प्रभावित होने का दावा किया गया है। अध्यक्ष ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार पर्यावरणीय मंजूरी से संबंधित मामलों का समय पर निपटारा जरूरी है। ऐसे में लंबित प्रकरणों की संख्या बढ़ना संस्था के लिए बड़ी चुनौती बन रहा है।
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शीर्ष अधिकारियों के बीच भी खींचतान
सिया में प्रशासनिक विवाद का असर वरिष्ठ स्तर तक पहुंचने की बात पत्र में कही गई है। बता दें इससे पहले कार्यपालिका निदेशक उमा माहेश्वरी के कार्यकाल के दौरान भी अधिकारियों और अध्यक्ष के बीच मतभेद सामने आए थे। अब पर्यावरण विभाग के अपर मुख्य सचिव अनिरुद्ध मुखर्जी के साथ भी टकराव की स्थिति बनने की बात सामने आई।
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16 महीने में चार आईएएस अधिकारियों की जिम्मेदारी बदली
सिया में प्रशासनिक स्तर पर लगातार बदलाव भी चर्चा में हैं। पिछले करीब 16 महीने में चार आईएएस अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गईं। जानकारी के अनुसार, दीपक आर्य, अमनवीर सिंह और अन्य अधिकारियों को अलग-अलग समय पर जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद दीपक आर्य को दोबारा प्रभार सौंपे जाने का भी उल्लेख है। बाद में उनके स्थान पर सुधीर कोचर और फिर हर्षल पंचोली को जिम्मेदारी दी गई। पंचोली के चुनाव ड्यूटी पर जाने के बाद सदस्य सचिव का प्रभार युवा एवं खेल कल्याण विभाग के अधिकारी अजय श्रीवास्तव को दिया गया।
कामकाज पर पड़ रहा असर
अध्यक्ष का कहना है कि बार-बार होने वाले प्रशासनिक बदलावों का सीधा असर सिया के कामकाज पर पड़ रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों के लगातार बदलने से लंबित प्रकरणों का निपटारा प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
