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MP News: डिप्टी CM से मंत्रियों तक… भाजपा नेताओं की बयानबाजी से हुई पार्टी की किरकिरी! जानें किसने क्या कहा?
Sat, 27 Sep 2025 03:51 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,भोपाल
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Sat, 27 Sep 2025 03:51 PM IST
सार
BJP leaders controversial statements: भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की लगातार विवादित बयानबाजी से पार्टी आलोचना झेल रही है। ताजा मामला मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का है। इससे पहले भी भाजपा नेताओं और मंत्रियों के कई बयानों ने पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाया है। आइए जानते हैं कौन से वह बयान जो भाजपा को दे गए गहरा दर्द...
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अपने नेताओं की विवादित बयानबाजी से भाजपा परेशान।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारतीय जनता पार्टी के लिए बीते कुछ दिनों से अपने ही लोग संकट की वजह बनते जा रहे हैं। अपने नेताओं और मंत्रियों की बिना सिर-पैर की बयानबाजी पार्टी के लिए आलोचना का सबब बनती जा रही है। कभी 'धर्म का नाश' तो कभी 'हमारे आतंकवादी' जैसे बयानों से भाजपा की लगातार किरकिरी हो रही है। इन बयानवीरों में नगर अध्यक्ष से लेकर डिप्टी सीएम तक शामिल रहे हैं, जिसमें अब नया नाम मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का भी शामिल हो गया है।
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मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के रिश्ते को लेकर दिया बयान विवादों की श्रेणी में आ गया है। उनके इस बयान के बाद मानो मध्य प्रदेश की राजनीति भूचाल आ गया है। भाई-बहन के रिश्ते पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है, जिसके बाद से कांग्रेस के मंत्री लगातार भाजपा पर हमलावर बने हुए हैं।
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दरअसल शाजापुर में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था कि “नेता प्रतिपक्ष चौराहे पर अपनी जवान बहन को चुंबन कर लेते हैं, यह ‘विदेशी संस्कृति’ है।” विजयवर्गीय ने यह आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने विदेश में शिक्षा प्राप्त की है और उन्होंने “उन संस्कृतियों को आयात किया” है जो भारत की पारंपरिक मर्याओं के खिलाफ हैं।
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मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की इस बयानबाजी के बाद सियासी पारा चढ़ा हुआ है। कांग्रेस विजयवर्गीय के बयान को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही है। विजयवर्गीय के बयान को कांग्रेस ने महिलाओं और भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का अपमान बताया है।
यह भी पढ़ें- दिग्विजय सिंह को दिखाए काले झंडे, फेंकी चूड़ियां और लगे "वापस जाओ" के नारे
शुक्रवार को भोपाल की सड़कों पर हुआ प्रदर्शन।
- फोटो : अमर उजाला
भोपाल में हुआ जोरदार प्रदर्शन
कांग्रेस कार्यकर्ताओं में मंत्री विजयवर्गीय के विवादित बयान को लेकर जमकर आक्रोश देखने को मिला। मध्य प्रदेश की राजधानी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झूमाझटकी भी देखने को मिली। शनिवार को भी कांग्रेस महिला कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस लगभग हर जिले में इस बयान का विरोध करने की रणनीति बनाई है।
जानें किसने क्या कहा...
बहन-भाई के पवित्र रिश्ते को किया कलंकित
महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष विभा पटेल ने पीसीसी में प्रेसवार्ता कर मंत्री विजयवर्गीय पर जमकर हमला बोला उन्होंने कहा कि नवरात्रि के पावन अवसर पर, जब पूरा देश मां दुर्गा की आराधना में लीन है, मां जो नारी शक्ति की प्रतीक हैं, शक्ति और सम्मान की देवी हैं। ऐसे में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का विपक्ष के शीर्ष नेतृत्व पर दिया गया शर्मनाक बयान न केवल महिलाओं का अपमान है, बल्कि बहन-भाई के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने वाला घोर पाप है।
गंगाजल से शुद्धिकरण किया
भोपाल कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने प्रवीण सक्सेना ने कहा कि कैलाश विजयवर्गीय ने भाई-बहन के पवित्र रिश्ते पर अनर्गल बातें की है। यह भाजपा के संस्कार और संस्कृति को उजागर करता है। कैलाश विजयवर्गीय की जीभ का हमने आज गंगाजल से शुद्धिकरण किया है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि उनकी जो मानसिक स्थिति बिगड़ी हुई है, वह ठीक हो जाए।
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने बताया पागल
बयान की तीखी आलोचना करते हुए पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग तक कर दी। उन्होंने कहा कि कैलाश विजयवर्गीय को मुख्यमंत्री नहीं बनाया। इस वजह से वे ऐसे हो गए हैं। 70 साल के बुजुर्ग हो गए हैं। मतलब कैलाश विजयवर्गीय बूढ़े हो गए हैं। अभी मुख्यमंत्री नहीं बने तो पागल हो गए हैं। वो पगलाहट में ऐसी बातें कर रहे हैं। माता रानी उन्हें सदबुद्धि दें।
मंत्री विजय शाह समर्थन से और बढ़ा विवाद
वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के समर्थन में खड़े दिखाई दिए। उन्होंने समर्थन करते हुए कहा कि हिंदुस्तान की संस्कृति में कई चीजों को अच्छा नहीं माना जाता। हिंदुस्तानी संस्कृति को लेकर ही कैलाश जी ने सही कहा है। कहा कि मेरी सगी बहन भी हैं, तो क्या मैं सार्वजनिक रूप से चुंबन लूंगा। यह हमारी भारतीय संस्कृति की परंपरा नहीं है।
सफाई में क्या बोले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय
तमाम हंगामे और विरोध के बीच मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने बयान को स्पष्ट करते हुए सफाई पेश की। उन्होंने कहा "मैंने किसी रिश्ते की पवित्रता पर सवाल नहीं उठाया। सब रिश्ते पवित्र हैं। मैंने सिर्फ मर्यादा की बात कही। मैंने भारतीय संस्कृति और विदेशी संस्कृति को लेकर बात रखी थी।" विजयवर्गीय ने कहा कि भाई-बहन और पिता-बेटी का रिश्ता पवित्र है। उनके भाषण को पूरा सुना जाता तो विवाद ही खड़ा नहीं होता। मैं भी अपनी बहन का सिर चूमता हूं।
भाजपा में खाल में छुपे भेड़िए हैं-पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा
पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि भाजपा में खाल में छुपे भेड़िए भाई और बहन के रिश्ते को कलंकित कर रहे हैं। वे रिश्तों का महत्व नहीं समझते हैं। उनके बयान से कांग्रेस ही नहीं बल्कि देश की महिलाएं नाराज हैं। मुझे उनका पुतला जलाने आना पड़ रहा है। यदि वे सामने होते तो महिलाएं जिंदा जला देतीं।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं में मंत्री विजयवर्गीय के विवादित बयान को लेकर जमकर आक्रोश देखने को मिला। मध्य प्रदेश की राजधानी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झूमाझटकी भी देखने को मिली। शनिवार को भी कांग्रेस महिला कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस लगभग हर जिले में इस बयान का विरोध करने की रणनीति बनाई है।
जानें किसने क्या कहा...
बहन-भाई के पवित्र रिश्ते को किया कलंकित
महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष विभा पटेल ने पीसीसी में प्रेसवार्ता कर मंत्री विजयवर्गीय पर जमकर हमला बोला उन्होंने कहा कि नवरात्रि के पावन अवसर पर, जब पूरा देश मां दुर्गा की आराधना में लीन है, मां जो नारी शक्ति की प्रतीक हैं, शक्ति और सम्मान की देवी हैं। ऐसे में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का विपक्ष के शीर्ष नेतृत्व पर दिया गया शर्मनाक बयान न केवल महिलाओं का अपमान है, बल्कि बहन-भाई के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने वाला घोर पाप है।
गंगाजल से शुद्धिकरण किया
भोपाल कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने प्रवीण सक्सेना ने कहा कि कैलाश विजयवर्गीय ने भाई-बहन के पवित्र रिश्ते पर अनर्गल बातें की है। यह भाजपा के संस्कार और संस्कृति को उजागर करता है। कैलाश विजयवर्गीय की जीभ का हमने आज गंगाजल से शुद्धिकरण किया है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि उनकी जो मानसिक स्थिति बिगड़ी हुई है, वह ठीक हो जाए।
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने बताया पागल
बयान की तीखी आलोचना करते हुए पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग तक कर दी। उन्होंने कहा कि कैलाश विजयवर्गीय को मुख्यमंत्री नहीं बनाया। इस वजह से वे ऐसे हो गए हैं। 70 साल के बुजुर्ग हो गए हैं। मतलब कैलाश विजयवर्गीय बूढ़े हो गए हैं। अभी मुख्यमंत्री नहीं बने तो पागल हो गए हैं। वो पगलाहट में ऐसी बातें कर रहे हैं। माता रानी उन्हें सदबुद्धि दें।
मंत्री विजय शाह समर्थन से और बढ़ा विवाद
वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के समर्थन में खड़े दिखाई दिए। उन्होंने समर्थन करते हुए कहा कि हिंदुस्तान की संस्कृति में कई चीजों को अच्छा नहीं माना जाता। हिंदुस्तानी संस्कृति को लेकर ही कैलाश जी ने सही कहा है। कहा कि मेरी सगी बहन भी हैं, तो क्या मैं सार्वजनिक रूप से चुंबन लूंगा। यह हमारी भारतीय संस्कृति की परंपरा नहीं है।
सफाई में क्या बोले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय
तमाम हंगामे और विरोध के बीच मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने बयान को स्पष्ट करते हुए सफाई पेश की। उन्होंने कहा "मैंने किसी रिश्ते की पवित्रता पर सवाल नहीं उठाया। सब रिश्ते पवित्र हैं। मैंने सिर्फ मर्यादा की बात कही। मैंने भारतीय संस्कृति और विदेशी संस्कृति को लेकर बात रखी थी।" विजयवर्गीय ने कहा कि भाई-बहन और पिता-बेटी का रिश्ता पवित्र है। उनके भाषण को पूरा सुना जाता तो विवाद ही खड़ा नहीं होता। मैं भी अपनी बहन का सिर चूमता हूं।
भाजपा में खाल में छुपे भेड़िए हैं-पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा
पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि भाजपा में खाल में छुपे भेड़िए भाई और बहन के रिश्ते को कलंकित कर रहे हैं। वे रिश्तों का महत्व नहीं समझते हैं। उनके बयान से कांग्रेस ही नहीं बल्कि देश की महिलाएं नाराज हैं। मुझे उनका पुतला जलाने आना पड़ रहा है। यदि वे सामने होते तो महिलाएं जिंदा जला देतीं।
इन बयानों ने भी खूब कराई किरकिरी...
उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा।
- फोटो : अमर उजाला
उप मुख्यमंत्री भी दे चुके विवादित बयान
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कई लोगों ने विवादित बयानबाजी की जिससे पार्टी की छवी धूमिल हुई। मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने कहा था, 'हम प्रधानमंत्री जी को धन्यवाद देना चाहेंगे...और पूरा देश, देश की वो सेना, वो सैनिक...उनके चरणों में नतमस्तक है।' इस बयान के बाद डिप्टी सीएम ने तमाम सफाई पेश कीं, लेकिन कांग्रेस को मुद्दा मिल चुका था और विपक्ष ने इस पर जमकर हंगामा किया।
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कई लोगों ने विवादित बयानबाजी की जिससे पार्टी की छवी धूमिल हुई। मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने कहा था, 'हम प्रधानमंत्री जी को धन्यवाद देना चाहेंगे...और पूरा देश, देश की वो सेना, वो सैनिक...उनके चरणों में नतमस्तक है।' इस बयान के बाद डिप्टी सीएम ने तमाम सफाई पेश कीं, लेकिन कांग्रेस को मुद्दा मिल चुका था और विपक्ष ने इस पर जमकर हंगामा किया।
मंत्री विजय शाह
- फोटो : अमर उजाला
मंत्री विजय शाह के बयान से पूरे देश में था गुस्सा
ऑपरेशन सिंदूर के उतावलेपन में मंत्री विजय शाह ने भी जो बयान दिया उससे पूरे देश में हंगामा मच गया था। उन्होंने भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक बयान दिया था, जिसे लेकर एमपी हाईकोर्ट के आदेश पर उनके खिलाफ इंदौर के मानपुर थाने में FIR दर्ज की गई थी। शाह ने कहा था, 'शाह ने कहा था कि आतंकवादियों ने कपड़े उतार-उतार कर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उन्हीं की बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा।'
ऑपरेशन सिंदूर के उतावलेपन में मंत्री विजय शाह ने भी जो बयान दिया उससे पूरे देश में हंगामा मच गया था। उन्होंने भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक बयान दिया था, जिसे लेकर एमपी हाईकोर्ट के आदेश पर उनके खिलाफ इंदौर के मानपुर थाने में FIR दर्ज की गई थी। शाह ने कहा था, 'शाह ने कहा था कि आतंकवादियों ने कपड़े उतार-उतार कर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उन्हीं की बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा।'
पूर्व मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते
- फोटो : अमर उजाला
आतंकवादियों को 'हमारे' बोल गए कुलस्ते
ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी बयानबाजी में हाल ही में नया नाम जुड़ा था फग्गन सिंह कुलस्ते का। कुलस्ते एक समारोह में आतंवादियों को 'हमारे' कहकर पुकारते दिखे। कुलस्ते ने कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर के बाद हम देश और समाज के लिए पूरी क्षमता से सेना की सराहना करते हैं। इस तरह के नागरिक या सेना के अधिकारी हम सभी के लिए गर्व की बात है। भारत के लिए पाकिस्तान के जो हमारे आतंकवादी हैं, लोग हैं, उनको उन्होंने करारा जवाब दिया है।'
ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी बयानबाजी में हाल ही में नया नाम जुड़ा था फग्गन सिंह कुलस्ते का। कुलस्ते एक समारोह में आतंवादियों को 'हमारे' कहकर पुकारते दिखे। कुलस्ते ने कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर के बाद हम देश और समाज के लिए पूरी क्षमता से सेना की सराहना करते हैं। इस तरह के नागरिक या सेना के अधिकारी हम सभी के लिए गर्व की बात है। भारत के लिए पाकिस्तान के जो हमारे आतंकवादी हैं, लोग हैं, उनको उन्होंने करारा जवाब दिया है।'
गलत बयान सुधारने के लिए टोकते पार्टी के पदाधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
BJP के नगर अध्यक्ष ने कर दिया 'धर्म का नाश'
बीते ही दिनों उज्जैन में भारतीय जनता पार्टी के नगर अध्यक्ष के एक वीडियो में जारी बयान से पार्टी की खूब फजीयत हुई। वीडियो में वह भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारी से चर्चा के दौरान 'कांग्रेस का सत्यानाश' होने के साथ ही 'धर्म का नाश' होने की बात भी कह देते हैं। इस दौरान उन्हें पार्टी के ही कुछ लोग गलत बोलने पर टोकते हैं, लेकिन वह किसी की बात नहीं मानते। यह वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस ने इसे मुद्दा बना लिया।
बीते ही दिनों उज्जैन में भारतीय जनता पार्टी के नगर अध्यक्ष के एक वीडियो में जारी बयान से पार्टी की खूब फजीयत हुई। वीडियो में वह भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारी से चर्चा के दौरान 'कांग्रेस का सत्यानाश' होने के साथ ही 'धर्म का नाश' होने की बात भी कह देते हैं। इस दौरान उन्हें पार्टी के ही कुछ लोग गलत बोलने पर टोकते हैं, लेकिन वह किसी की बात नहीं मानते। यह वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस ने इसे मुद्दा बना लिया।
विधायक प्रीतम लोधी।
- फोटो : अमर उजाला
प्रीतम लोधी ने सड़कों की तुलना की श्रीदेवी से
वहीं मानसून के दौरान सड़कों खराब हालत पर बीजेपी नेता प्रीतम लोधी ने एक अजीब बयान दे सबको हैरत में डाल दिया। मीडिया से बातचीत के दौरान सड़कों पर टिप्पणी करते हुए लोधी ने कहा था कि दिग्विजय सिंह के समय में सड़कें ओम पुरी जैसी थीं। अब हमारी सरकार में श्रीदेवी जैसी हो गई हैं। वहीं प्रीतम लोधी ने ब्राह्मणों को लेकर भी बयान दिया था, जिससे ब्राह्मण समाज भाजपा से नाराज हो गया था। बाद में लोधी को छह साल के लिए पार्टी से निष्काषित कर दिया गया, पर सात महीने बाद ही उनकी वापसी हो गई थी। बता दें कि 17 अगस्त 2022 को पिछोर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंच से कहा कि था कि लोधी समाज के किसान के यहां अच्छी फसल हुई तो ब्राह्मण भागवत कथा करवाने के लिए कहेगा। ये आपको नौ दिन बेरोजगार और सात-आठ घंटे पागल बनाते हैं। ये सबसे ज्यादा दान की बात करते हैं। कहते हैं कि अगर तुम दान दोगे तो भगवान तुम्हें देगा। इनकी बातों में आकर महिलाएं अपने घरों में घी, शक्कर, गेहूं और चावल चुरा-चुराकर इनके चरणों में अर्पित करती है। नौ दिन ये ब्राह्मण पूरे गांव से सामान-दक्षिणा लेता हैं और नौ दिन बाद रफूचक्कर हो जाता है। ये 9 दिन आपको उल्लू बनाने और बातें करने के आपसे 25 से 50 हजार रुपए भी लेते हैं।उनकी इस टिप्पणी का काफी विरोध हुआ था। इसे देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने प्रीतम लोधी को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था, लेकिन अब चुनावी साल होने की वजह से भाजपा ने सामाजिक समीकरण बिठाने के क्रम में प्रीतम लोधी की पुन:घर वापसी हो गई है।
वहीं मानसून के दौरान सड़कों खराब हालत पर बीजेपी नेता प्रीतम लोधी ने एक अजीब बयान दे सबको हैरत में डाल दिया। मीडिया से बातचीत के दौरान सड़कों पर टिप्पणी करते हुए लोधी ने कहा था कि दिग्विजय सिंह के समय में सड़कें ओम पुरी जैसी थीं। अब हमारी सरकार में श्रीदेवी जैसी हो गई हैं। वहीं प्रीतम लोधी ने ब्राह्मणों को लेकर भी बयान दिया था, जिससे ब्राह्मण समाज भाजपा से नाराज हो गया था। बाद में लोधी को छह साल के लिए पार्टी से निष्काषित कर दिया गया, पर सात महीने बाद ही उनकी वापसी हो गई थी। बता दें कि 17 अगस्त 2022 को पिछोर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंच से कहा कि था कि लोधी समाज के किसान के यहां अच्छी फसल हुई तो ब्राह्मण भागवत कथा करवाने के लिए कहेगा। ये आपको नौ दिन बेरोजगार और सात-आठ घंटे पागल बनाते हैं। ये सबसे ज्यादा दान की बात करते हैं। कहते हैं कि अगर तुम दान दोगे तो भगवान तुम्हें देगा। इनकी बातों में आकर महिलाएं अपने घरों में घी, शक्कर, गेहूं और चावल चुरा-चुराकर इनके चरणों में अर्पित करती है। नौ दिन ये ब्राह्मण पूरे गांव से सामान-दक्षिणा लेता हैं और नौ दिन बाद रफूचक्कर हो जाता है। ये 9 दिन आपको उल्लू बनाने और बातें करने के आपसे 25 से 50 हजार रुपए भी लेते हैं।उनकी इस टिप्पणी का काफी विरोध हुआ था। इसे देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने प्रीतम लोधी को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था, लेकिन अब चुनावी साल होने की वजह से भाजपा ने सामाजिक समीकरण बिठाने के क्रम में प्रीतम लोधी की पुन:घर वापसी हो गई है।
