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एमपी में पटवारियों की सहमति के बाद फिर शुरू होगा स्वामित्व योजना का काम, सीएम ने ग्रामीणों को दी रजिस्ट्री

Sat, 10 Oct 2026 02:21 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Sat, 10 Oct 2026 02:21 PM IST
सार

मध्यप्रदेश में स्वामित्व योजना के काम को लेकर पटवारी संघ और सरकार के बीच सहमति बन गई है। संघ ने सोमवार से काम दोबारा शुरू करने की बात कही है। वहीं हरदा में सीएम डॉ. मोहन यादव ने 10 ग्रामीणों को रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र दिए।

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MP Patwaris to Resume Swamitva Yojana Work After Pact; CM Hands Over Land Registry Certificates
सीएम मोहन यादव ने किसानों को रजिस्ट्री की कॉपी देते हुए - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री का काम फिर गति पकड़ने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ चर्चा के बाद पटवारी संघ ने अपनी मांगों पर सहमति बनने की बात कही हैं। संघ के प्रांतीय अध्यक्ष उपेंद्र सिंह बघेल के मुताबिक, स्वामित्व योजना में न्यायिक संरक्षण के आदेश जारी कर दिए गए हैं और 17 सितंबर के बाद की सभी कार्यवाहियां शून्य की जाएंगी। इसके बाद पटवारी संघ ने सोमवार से योजना का काम दोबारा शुरू करने को कहा है। इसी बीच, हरदा जिले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्वामित्व अधिकार अभिलेखों के हस्तांतरण विलेख के निष्पादन योजना के तहत 10 हितग्राहियों को रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र वितरित किए। इनमें गोंदागांव के निर्भयदास और भैयालाल सहित आठ अन्य हितग्राही शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य पात्र ग्रामीणों को उनकी भूमि का अधिकार दिलाना है, ताकि वे अपनी संपत्ति का उपयोग कर सकें और आर्थिक रूप से मजबूत बनें। हरदा में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामित्व योजना के माध्यम से ग्रामीणों को उनकी भूमि का कानूनी अधिकार मिल रहा है। रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र मिलने से उन्हें बैंक से ऋण लेने और अपनी संपत्ति पर निर्माण जैसे काम करने में सुविधा हो सकती है।
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पटवारियों की मांगों पर सहमति, काम शुरू करने का ऐलान
 संघ के प्रांतीय अध्यक्ष उपेंद्र सिंह बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ सकारात्मक बातचीत के बाद पटवारियों की मांगों पर सहमति बनी है। उनके अनुसार, न्यायिक संरक्षण के आदेश जारी किए गए हैं और 17 सितंबर के बाद की सभी कार्यवाहियां शून्य होंगी। संघ ने सोमवार से काम फिर शुरू करने का निर्णय लिया है। सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य पात्र ग्रामीणों को उनकी भूमि के अधिकार संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराना है।उन्होंने कहा कि रजिस्ट्री का निष्पादन अधिकार अभिलेख में दर्ज जानकारी के आधार पर किया जाएगा। इस प्रक्रिया में किसी व्यक्ति के स्वामित्व का नए सिरे से निर्धारण या नई जानकारी तैयार नहीं की जा रही है।
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29 बर्खास्त, 129 निलंबित; 3500 से अधिक को नोटिस
बता दें इससे पहले स्वामित्व योजना का काम पूरा नहीं होने और पटवारियों के असहयोग को लेकर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कार्रवाई की जा रही थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रदेश में 29 पटवारियों को बर्खास्त और 129 से अधिक को निलंबित किया गया है। वहीं, 3500 से अधिक पटवारियों को नोटिस जारी किए गए।  प्रशासनिक स्तर पर अधिकारियों को योजना के काम की समीक्षा कर प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ग। वहीं, मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल ने भी कलेक्टरों की बैठक लेकर उनको सात दिन में काम नहीं करने पर भोपाल बुलाने का अल्टीमेटम दिया था। इसके बाद पटवारी संघ की डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल और मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ मुलाकात हुई, जिसमें उनकी मांगों पर सहमति बन गई। 
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