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MP Patwari Exam 2023: 'हां, मैंने टॉप करने 15 लाख रुपये दिए', बवाल हुआ तो लड़की बोली मैं मधुलता नहीं

Mon, 17 Jul 2023 09:18 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Mon, 17 Jul 2023 09:18 PM IST
सार

मध्य प्रदेश पटवारी चयन परीक्षा को लेकर बवाल शांत ही नहीं हो रहा है। हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। भाजपा-कांग्रेस एक-दूसरे को नीचा दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। 

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MP Patwari Exam 2023: 'Yes, I gave 15 lakh rupees to top', when there was a ruckus, the girl said that I am no
प्रदेश में पटवारी परीक्षा पर विवाद, चयनित छात्रों ने की नियुक्ति की मांग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश पटवारी चयन परीक्षा को लेकर सोमवार को दिनभर सियासत होती रही। कांग्रेस ने कथित टॉपर के वीडियो का सहारा लेकर भाजपा को घेरा तो शाम होते-होते वीडियो वाली टॉपर ही बोल गई कि वह तो मजाक था। फिर एक टॉपर का न्यूज चैनल को दिया वीडियो भी सामने आया, जिसमें वह न तो प्रदेश के जिलों की संख्या सही बता पाई और न ही यह बता पाई कि हरदा जिला नर्मदापुरम संभाग में आता है। 
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यह विवाद शुरू हुआ कांग्रेस के सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो से। कांग्रेस ने यह वीडियो जारी किया और कहा कि यह टॉपर मधुलता है, जिसने पटवारी परीक्षा में छठी रैंक हासिल की है। कथित मधुलता कहती नजर आई कि 'मैंने 15 लाख रुपए दिए। इसका यह मतलब नहीं कि मैंने पढ़ाई नहीं की। मुझे पोस्ट मत दीजिए। साथ ही लोगों से अपील है कि हम लोगों को गलत न समझें। यदि आपको कोई ऑफर करता तो आप यह नहीं करते।' हालांकि, शाम होते-होते इस वीडियो की पोल खुल गई। भाजपा ने इसी लड़की का वीडियो शेयर किया। इसमें लड़की कह रही है कि हमने तो मजाक-मस्ती में वह वीडियो बनाया था। मेरी किसी फ्रेंड ने उसे यूट्यूब पर शेयर कर दिया। मैं मधुलता गढ़वाल नहीं हूं। मेरी उम्र बहुत कम है। मेरा वीडियो शेयर मत कीजिए। मैं एफआईआर करने जा रही हूं। भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस इसी तरह झूठ व भ्रम फैलाती है।
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दरअसल, पटवारी परीक्षा के नतीजे आने के बाद से सरकार निशाने पर है। कांग्रेस का आरोप है कि ग्वालियर के भाजपा नेता के कॉलेज में बनाए गए सेंटर से 10 में से सात टॉपर निकले हैं। कांग्रेस के प्रदर्शन और आरोपों के बाद जांच होने तक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नियुक्तियों पर रोक लगा रखी है। 
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वनरक्षक परीक्षा का फिट अभ्यर्थी पटवारी परीक्षा में दिव्यांग!
पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता अरुण यादव ने ट्वीट में दिव्यांग श्रेणी में चयनित अभ्यर्थियों पर सरकार को घेरा है। यादव ने पटवारी परीक्षा में सफल चार अभ्यर्थियों की मार्कशीट शेयर की है। दावा किया कि पटवारी परीक्षा में जो अभ्यर्थी दिव्यांग बने हैं, वह वनरक्षक परीक्षा में फिट थे। यह कौन-सा नया प्रयोग है? 

चयनित अभ्यर्थियों ने किया भोपाल में प्रदर्शन 
पटवारी परीक्षा में चयनित अभ्यर्थी सोमवार को भोपाल पहुंचे। नीलम पार्क में उन्होंने शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया। चयनित अभ्यर्थियों ने नियुक्ति पर लगी रोक का विरोध किया। उनकी शिवराज सरकार से मांग की है कि उन्हें 15 अगस्त को नियुक्ति दी जाए। चयनित अभ्यर्थियों का कहना है कि हमारी क्या गलती है? 15 अगस्त को नियुक्ति दो। मानसिक पीड़ा से मुक्ति दो। यह तख्तियां लेकर चयनित अभ्यर्थी बैठे थे। उन्होंने मांग पूरी नहीं होने पर उग्र प्रदर्शन की धमकी दी।  

कमलनाथ बोले- मध्य प्रदेश का नाम खराब हो रहा है 
पटवारी परीक्षा में धांधली के विरोध में भी छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। इसका कांग्रेस ने समर्थन किया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख कमलनाथ ने कहा कि पटवारी भर्ती परीक्षा में हुए घोटाले को लेकर भोपाल में हजारों अभ्यर्थी शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। मैं इनके प्रदर्शन का समर्थन करता हूं। शिवराज सरकार ने मध्य प्रदेश को जिस तरह से भर्ती घोटालों का प्रदेश बना दिया है, उसमें किसी भी नौजवान का भविष्य सुरक्षित नहीं है। हर भर्ती घोटाले के तार अंततः सत्ताधारी पार्टी के नेताओं से जुड़ते हैं। भ्रष्टाचार को संरक्षण देने की शिवराज सरकार की नीति के कारण न सिर्फ नौजवानों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है बल्कि पूरी दुनिया में मध्यप्रदेश का नाम खराब हो रहा है। मैं नौजवानों को भरोसा दिलाता हूं कि चार महीने बाद प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनेगी तब घोटाले, भ्रष्टाचार और कमीशन का राज समाप्त होगा और आपको योग्यता के अनुसार विधि सम्मत तरीके से रोजगार मिलेगा।


टॉपर नहीं बता सकी कि प्रदेश में कितने जिले हैं?
कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने भी एक वीडियो शेयर किया है। इसमें पटवारी परीक्षा में तीसरा स्थान हासिल करने वाली पूनम राजावत से रिपोर्टर पूछ रहा है कि प्रदेश में कितने जिले हैं और वह बता नहीं सकी। उससे पूछा कि नर्मदापुरम संभाग में आने वाले जिले का नाम बताइये तो वह सीहोर, रायसेन और हरदा जैसे विकल्पों में से हरदा का जवाब नहीं दे सकी। इसे लेकर कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि  पटवारी परीक्षा 10 लाख छात्रों ने दी। उसमें तीसरा स्थान प्राप्त करने वाली पूनम राजावत को यह नहीं पता कि मध्यप्रदेश में कितने जिले हैं, कितने संभाग हैं और कौन-सा जिला किस संभाग में है... और यह तीसरी रैंक ले आईं! गृह मंत्री जी (नरोत्तम मिश्रा), इनका बचाव तो आपकी बौद्धिकता पर भी सवालिया निशान है? मात्र कुछ टुकड़ों के लिए होनहार नौजवानी को अंधेरे की भट्टी में क्यों ढकेल रहे हैं, ईश्वर भी माफ नहीं करेगा...
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