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मध्यप्रदेश स्वामित्व योजना: धनतेरस पर गांव पहुंचेंगे मंत्री-विधायक, हाथों हाथ कराएंगे पात्रों की रजिस्ट्री
Mon, 02 Nov 2026 09:20 AM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Mon, 02 Nov 2026 09:20 AM IST
सार
मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पट्टे पर मकान और प्लॉट लेकर रह रहे पात्र लोगों को सरकार मुफ्त में पक्की रजिस्ट्री कराकर मालिकाना हक देगी। धनतेरस पर छह नवंबर को मंत्री-विधायक गांवों में पहुंचकर रजिस्ट्री कराएंगे। प्रदेश में अब तक 12.87 लाख पंजीयन हो चुके हैं, जबकि 15 नवंबर तक 20 लाख का लक्ष्य रखा गया है।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ग्रामीण क्षेत्रों में पट्टे पर मकान या प्लॉट लेकर रह रहे लोगों को अब रजिस्ट्री के लिए अपनी जेब से स्टॉम्प शुल्क नहीं देना होगा। राज्य सरकार मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के तहत पात्र भू-स्वामियों के पट्टों की रजिस्ट्री करा रही है और इसका स्टॉम्प शुल्क खुद जमा करेगी। योजना को गति देने के लिए छह नवंबर को धनतेरस के दिन मंत्री, सांसद और विधायक अलग-अलग गांवों में पहुंचकर पात्र लोगों की रजिस्ट्री अपनी मौजूदगी में पूरी कराएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में योजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान चलाकर प्रदेश के सभी पात्र हितग्राहियों को जल्द से जल्द पक्की रजिस्ट्री उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मकान या प्लॉट का पट्टा होने के बावजूद पक्की रजिस्ट्री नहीं होने से भू-स्वामी को संपत्ति के अधिकारों का पूरा लाभ नहीं मिल पाता। रजिस्ट्री होने से उन्हें संपत्ति पर कानूनी मालिकाना हक मिलेगा और नियमानुसार उसके क्रय-विक्रय के साथ ऋण लेने का रास्ता भी खुलेगा।
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धनतेरस पर गांवों में पहुंचेंगे जनप्रतिनिधि
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी मंत्री, सांसद और विधायक छह नवंबर को अपने पैतृक गांव या अपनी पसंद के किसी अन्य गांव में जाकर मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के तहत शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों की रजिस्ट्री पूरी कराएंगे। जिला कलेक्टर प्रभारी मंत्री, स्थानीय मंत्री और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय कर इसकी तैयारी करेंगे। जिस गांव में सभी पात्र लोगों की रजिस्ट्री पूरी हो जाएगी, वहां जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में छोटा कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।
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15 नवंबर तक 20 लाख रजिस्ट्री का लक्ष्य
बैठक में प्रमुख सचिव राजस्व डॉ. ई. रमेश कुमार ने बताया कि एक नवंबर 2026 तक प्रदेश में 12 लाख 87 हजार 252 रजिस्ट्री पंजीयन पूरे हो चुके हैं। सरकार ने 15 नवंबर तक यह आंकड़ा 20 लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए योजना का प्रचार-प्रसार और जनजागरूकता अभियान तेज किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पक्की रजिस्ट्री मिलने से भू-स्वामियों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। वे अपनी संपत्ति के आधार पर ऋण लेने के पात्र बन सकेंगे। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और अगले वर्ष इसे युवा वर्ष से भी जोड़ा जाएगा।
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धनतेरस पर गांवों में पहुंचेंगे जनप्रतिनिधि
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी मंत्री, सांसद और विधायक छह नवंबर को अपने पैतृक गांव या अपनी पसंद के किसी अन्य गांव में जाकर मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के तहत शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों की रजिस्ट्री पूरी कराएंगे। जिला कलेक्टर प्रभारी मंत्री, स्थानीय मंत्री और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय कर इसकी तैयारी करेंगे। जिस गांव में सभी पात्र लोगों की रजिस्ट्री पूरी हो जाएगी, वहां जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में छोटा कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।
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15 नवंबर तक 20 लाख रजिस्ट्री का लक्ष्य
बैठक में प्रमुख सचिव राजस्व डॉ. ई. रमेश कुमार ने बताया कि एक नवंबर 2026 तक प्रदेश में 12 लाख 87 हजार 252 रजिस्ट्री पंजीयन पूरे हो चुके हैं। सरकार ने 15 नवंबर तक यह आंकड़ा 20 लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए योजना का प्रचार-प्रसार और जनजागरूकता अभियान तेज किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पक्की रजिस्ट्री मिलने से भू-स्वामियों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। वे अपनी संपत्ति के आधार पर ऋण लेने के पात्र बन सकेंगे। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और अगले वर्ष इसे युवा वर्ष से भी जोड़ा जाएगा।
