{"_id":"690798a6536f69c3d40e9830","slug":"mp-news-teams-will-be-sent-to-rajasthan-odisha-and-chhattisgarh-before-relocating-11-tigers-from-mp-2025-11-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP News: एमपी से 11 बाघों को स्थानांतरित करने से पहले राजस्थान, ओडिशा और छत्तीसगढ़ भेजी जाएगी टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: एमपी से 11 बाघों को स्थानांतरित करने से पहले राजस्थान, ओडिशा और छत्तीसगढ़ भेजी जाएगी टीम
Sun, 02 Nov 2025 11:15 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sun, 02 Nov 2025 11:15 PM IST
सार
मध्य प्रदेश वन विभाग अब राजस्थान, ओडिशा और छत्तीसगढ़ को बाघ भेजने से पहले ग्राउंड लेवल सर्वे करेगा, ताकि ट्रांसलोकेशन की पूरी प्रक्रिया सुरक्षित और सफल हो सके। विभाग ने बताया कि 11 बाघों के स्थानांतरण से पहले टीमें तीनों राज्यों में पर्यावरणीय व सुरक्षा तैयारियों की जांच करेंगी।
विज्ञापन
जंगल में घूमते बाघ फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मध्य प्रदेश वन विभाग अब देश के तीन राज्यों राजस्थान, ओडिशा और छत्तीसगढ़ को बाघ देने से पहले ग्राउंड लेवल अध्ययन (मैदान सर्वे) करवाएगा। वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि एमपी से कम से कम 11 बाघों को अन्य राज्यों में स्थानांतरित करने की योजना पर काम चल रहा है। विभाग के अनुसार, यह कदम किसी भी संभावित हादसे या असफल टाइगर ट्रांसलोकेशन की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उठाया गया है। इसके लिए विशेष दल बनाकर तीनों राज्यों में भेजे जाएंगे, जो वहां के रिलीज साइट्स की सुरक्षा, शिकार आधार, आवासीय स्थिति और पर्यावरणीय तैयारी की विस्तृत जांच करेंगे। वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि टीमें तीनों राज्यों में जाकर जमीनी स्तर पर अध्ययन करेंगी। यदि किसी तरह की कमी पाई जाती है, तो विभाग आवश्यक मार्गदर्शन और सिफारिशें देगा।
ये भी पढ़ें- विक्रमादित्य का युग मंच पर जीवंत हो उठा: CM बोले- उनकी सुशासन और जनकल्याण की नीति आज भी प्रासंगिक
वन विभाग के अनुसार, सतकोसिया वन्यजीव अभयारण्य (ओडिशा) में हुए असफल ट्रांसलोकेशन के अनुभव को ध्यान में रखते हुए अब पूरी तैयारी के साथ आगे बढ़ा जा रहा है। वर्ष 2018 में कान्हा से सतकोसिया भेजे गए एक बाघ की मौत और एक बाघिन सुंदरी को सुरक्षा कारणों से वापस लाना पड़ा था। विभागीय सूत्रों ने बताया कि वर्तमान में मौसम की स्थिति ट्रांसलोकेशन के लिए अनुकूल नहीं है। लगातार वर्षा के कारण विभाग ने निर्णय लिया है कि बाघों का स्थानांतरण 15 नवंबर के बाद ही किया जाएगा, जब सर्दी की शुरूआत के साथ मौसम स्थिर होगा।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- Bihar Vidhan Sabha Chunav-2025: बिहार में सीएम डॉ. यादव बोले-ये चुनाव परिवारवाद और राष्ट्रवाद के बीच की लड़ाई
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- विक्रमादित्य का युग मंच पर जीवंत हो उठा: CM बोले- उनकी सुशासन और जनकल्याण की नीति आज भी प्रासंगिक
विज्ञापन
वन विभाग के अनुसार, सतकोसिया वन्यजीव अभयारण्य (ओडिशा) में हुए असफल ट्रांसलोकेशन के अनुभव को ध्यान में रखते हुए अब पूरी तैयारी के साथ आगे बढ़ा जा रहा है। वर्ष 2018 में कान्हा से सतकोसिया भेजे गए एक बाघ की मौत और एक बाघिन सुंदरी को सुरक्षा कारणों से वापस लाना पड़ा था। विभागीय सूत्रों ने बताया कि वर्तमान में मौसम की स्थिति ट्रांसलोकेशन के लिए अनुकूल नहीं है। लगातार वर्षा के कारण विभाग ने निर्णय लिया है कि बाघों का स्थानांतरण 15 नवंबर के बाद ही किया जाएगा, जब सर्दी की शुरूआत के साथ मौसम स्थिर होगा।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- Bihar Vidhan Sabha Chunav-2025: बिहार में सीएम डॉ. यादव बोले-ये चुनाव परिवारवाद और राष्ट्रवाद के बीच की लड़ाई
