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MP News: सारिका घारू ने पर्यटकों को बिना चले कराई पृथ्वी की परिक्रमा, मढ़ई में पर्यटन के साथ करवाया प्रयोग
Sat, 21 Dec 2024 09:54 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: अरविंद कुमार
Updated Sat, 21 Dec 2024 09:54 PM IST
सार
सारिका घारू ने पर्यटकों को बिना चले पृथ्वी की परिक्रमा करवा दी। सारिका के प्रयोग में पर्यटक चले ही नहीं, फिर भी पृथ्वी की परिधि माप ली।
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सारिका घारू सहित अन्य लोग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आए तो थे टाइगर एवं अन्य वन्य प्राणियों से साक्षात्कार करने, लेकिन अपनी जंगल सफारी करने के बाद पर्यटकों ने अपनी होटल के प्रांगण में एक स्थान पर ही रहकर पृथ्वी की परिधि की लंबाई माप ली। नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू द्वारा मध्यप्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थल मढ़ई रिवरसाइड लॉज प्रांगण में आयोजित प्रयोग में देश के विभिन्न राज्यों से पर्यटकों ने पृथ्वी की परिधि मापने के लिए 23 सौ साल पहले ग्रीक एस्ट्रोनॉमर इरेटोस्थेनीज के प्रयोग का इस्तेमाल किया। इससे पृथ्वी की परिधि का मान 40,696 किमी ज्ञात किया। जो कि वास्तविक मान 40,075 किमी के काफी करीब था।
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सारिका द्वारा आयोजित प्रयोग में सुबह 11:30 बजे चार फीट के पाइप को सीधा खड़ा करके उसकी बनने वाली छाया की लंबाई को हर पांच मिनट बाद मापा। 12:20 पर बनी सबसे छोटी छाया के कोण को चांदे की मदद से मापा गया। इस कोण और मकर रेखा से मढ़ई की दूरी के अनुपात की 360 डिग्री कोण तथा पृथ्वी की परिधि से तुलना की।
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सारिका ने बताया कि आज विटर सोलिस्टिस की खगोलीय घटना के दिन मकर रेखा पर सूर्य की किरणें ठीक लंबवत पड़ रही थी। तो वहां से 5087 किमी की एयर डिस्टेंस पर जब मढ़ई में पाइप की छाया मापी गई तो कोण का मान लगभग 45 डिग्री मिला। इस कोण और मकर रेखा की दूरी के अनुपात की गणना से बिना कदम बढ़ाए पर्यटकों ने पृथ्वी की परिधि की गणना की। पर्यटकों ने प्रयोग से जाना कि अगर पृथ्वी की परिक्रमा करने का पर्यटन करना हो तो चलना होगा 40,000 किमी से कुछ अधिक होगा।
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