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MP News: 20 से अधिक संस्थानों के साथ हुए Mou,CM बोले-राष्ट्रीय शिक्षा नीति अहम, नैतिक मूल्यों से जुड़ रहे युवा
Tue, 04 Aug 2026 05:21 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Tue, 04 Aug 2026 05:21 PM IST
सार
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 युवाओं को नैतिक मूल्यों से जोड़ने के साथ उन्हें रोजगार और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर रही है। भोपाल में आयोजित कार्यशाला में उच्च शिक्षा विभाग ने आईआईटी समेत 20 से अधिक संस्थानों के साथ एमओयू भी किए।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के माध्यम से देश के युवा नैतिक मूल्यों से जुड़ रहे हैं। समय की जरूरत के अनुसार शिक्षित और प्रशिक्षित होकर वे देश और प्रदेश को मजबूत बनाएंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू होने के बाद उसके विभिन्न आयामों को आगे बढ़ाने की दिशा में उच्च शिक्षा विभाग ने उत्कृष्ट कार्य किया है। मुख्यमंत्री मंगलवार को भोपाल स्थित प्रशासन अकादमी में "उभरते ज्ञान क्षेत्र, उन्नत पाठ्यक्रम : दृष्टि, दिशा एवं क्रियान्वयन" विषय पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल, उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा और शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अतुल कोठारी सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति और शिक्षा विशेषज्ञ मौजूद रहे।
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कार्यशाला का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रमों को वर्तमान और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक, रोजगारोन्मुख, बहुविषयक और तकनीक आधारित बनाना है। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग ने देश के विभिन्न आईआईटी और अन्य संस्थानों के साथ कई महत्वपूर्ण एमओयू भी किए। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और संस्कार आधारित शिक्षा समाज और राष्ट्र के विकास की आधारशिला है। विकसित भारत के लिए ऐसी शिक्षा आवश्यक है, जो युवाओं को रोजगार, कौशल और संस्कार तीनों प्रदान करे।
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में अग्रणी है मध्यप्रदेश
उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने कहा कि प्रदेश में कृषि, तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और इंजीनियरिंग से जुड़े पाठ्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में हजारों सहायक प्राध्यापकों की भर्ती की गई है, जिससे महाविद्यालयों में फैकल्टी की कमी काफी हद तक दूर हुई है। फैकल्टी डेवलपमेंट और क्षमता निर्माण के लिए लगातार कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। इस कार्यशाला के पांच अलग-अलग सत्रों में शिक्षा के विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने विचार रखे।
20 से अधिक संस्थानों के साथ हुए एमओयू
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा विभाग ने विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों के साथ एमओयू किए गए। इन एमओयू के माध्यम से उच्च शिक्षा, कौशल विकास, अनुसंधान, नवाचार और रोजगार के नए अवसर विकसित करने की दिशा में संयुक्त रूप से कार्य किया जाएगा।
आईआईटी बॉम्बे – डिजिटल कौशल एवं मुक्त स्रोत प्रौद्योगिकी के माध्यम से रोजगार क्षमता विकास।
आईआईटी मद्रास – भविष्य की प्रौद्योगिकी और वैश्विक गुणवत्ता शिक्षा।
आईआईटी गुवाहाटी – कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित उच्च शिक्षा।
आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी – उन्नत तकनीकी शिक्षा एवं अनुसंधान।
आईआईटी रुड़की – नेतृत्व, सतत विकास एवं आपदा प्रबंधन।
आईआईटी खड़गपुर – गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा एवं संस्थागत उत्कृष्टता।
आईआईटी इंदौर – नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा।
अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान (AIGGPA) – सुशासन एवं लोकनीति अध्ययन।
मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (MPCST) – वैज्ञानिक अनुसंधान एवं नवाचार।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) – जलवायु साक्षरता और मौसम विज्ञान आधारित अनुसंधान।
ट्रॉपिकल फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट, जबलपुर – वन, जैव विविधता एवं जलवायु परिवर्तन अनुसंधान।
एडवांस्ड मैटेरियल्स एंड प्रोसेसेस रिसर्च इंस्टीट्यूट (AMPRI) – वैज्ञानिक अनुसंधान एवं उन्नत प्रौद्योगिकी।
भारतीय वन प्रबंधन संस्थान (IIFM) – पर्यावरणीय नेतृत्व एवं सतत विकास।
भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान (IISS) – सतत कृषि एवं मृदा विज्ञान अनुसंधान।
केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान – कृषि नवाचार एवं तकनीक आधारित उच्च शिक्षा।
राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय – फोरेंसिक विज्ञान और साइबर सुरक्षा में कौशल विकास।
मध्यप्रदेश पुलिस – सुरक्षित, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक निर्माण।
श्रम विभाग – रोजगारोन्मुख शिक्षा, कौशल विकास एवं श्रमिक अधिकार जागरूकता।
राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (NITTTR) – तकनीकी दक्षता और संकाय क्षमता निर्माण।
क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, भोपाल – शिक्षक शिक्षा एवं शैक्षणिक गुणवत्ता संवर्धन।
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कार्यशाला का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रमों को वर्तमान और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक, रोजगारोन्मुख, बहुविषयक और तकनीक आधारित बनाना है। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग ने देश के विभिन्न आईआईटी और अन्य संस्थानों के साथ कई महत्वपूर्ण एमओयू भी किए। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और संस्कार आधारित शिक्षा समाज और राष्ट्र के विकास की आधारशिला है। विकसित भारत के लिए ऐसी शिक्षा आवश्यक है, जो युवाओं को रोजगार, कौशल और संस्कार तीनों प्रदान करे।
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में अग्रणी है मध्यप्रदेश
उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने कहा कि प्रदेश में कृषि, तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और इंजीनियरिंग से जुड़े पाठ्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में हजारों सहायक प्राध्यापकों की भर्ती की गई है, जिससे महाविद्यालयों में फैकल्टी की कमी काफी हद तक दूर हुई है। फैकल्टी डेवलपमेंट और क्षमता निर्माण के लिए लगातार कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। इस कार्यशाला के पांच अलग-अलग सत्रों में शिक्षा के विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने विचार रखे।
20 से अधिक संस्थानों के साथ हुए एमओयू
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा विभाग ने विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों के साथ एमओयू किए गए। इन एमओयू के माध्यम से उच्च शिक्षा, कौशल विकास, अनुसंधान, नवाचार और रोजगार के नए अवसर विकसित करने की दिशा में संयुक्त रूप से कार्य किया जाएगा।
आईआईटी बॉम्बे – डिजिटल कौशल एवं मुक्त स्रोत प्रौद्योगिकी के माध्यम से रोजगार क्षमता विकास।
आईआईटी मद्रास – भविष्य की प्रौद्योगिकी और वैश्विक गुणवत्ता शिक्षा।
आईआईटी गुवाहाटी – कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित उच्च शिक्षा।
आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी – उन्नत तकनीकी शिक्षा एवं अनुसंधान।
आईआईटी रुड़की – नेतृत्व, सतत विकास एवं आपदा प्रबंधन।
आईआईटी खड़गपुर – गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा एवं संस्थागत उत्कृष्टता।
आईआईटी इंदौर – नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा।
अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान (AIGGPA) – सुशासन एवं लोकनीति अध्ययन।
मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (MPCST) – वैज्ञानिक अनुसंधान एवं नवाचार।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) – जलवायु साक्षरता और मौसम विज्ञान आधारित अनुसंधान।
ट्रॉपिकल फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट, जबलपुर – वन, जैव विविधता एवं जलवायु परिवर्तन अनुसंधान।
एडवांस्ड मैटेरियल्स एंड प्रोसेसेस रिसर्च इंस्टीट्यूट (AMPRI) – वैज्ञानिक अनुसंधान एवं उन्नत प्रौद्योगिकी।
भारतीय वन प्रबंधन संस्थान (IIFM) – पर्यावरणीय नेतृत्व एवं सतत विकास।
भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान (IISS) – सतत कृषि एवं मृदा विज्ञान अनुसंधान।
केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान – कृषि नवाचार एवं तकनीक आधारित उच्च शिक्षा।
राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय – फोरेंसिक विज्ञान और साइबर सुरक्षा में कौशल विकास।
मध्यप्रदेश पुलिस – सुरक्षित, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक निर्माण।
श्रम विभाग – रोजगारोन्मुख शिक्षा, कौशल विकास एवं श्रमिक अधिकार जागरूकता।
राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (NITTTR) – तकनीकी दक्षता और संकाय क्षमता निर्माण।
क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, भोपाल – शिक्षक शिक्षा एवं शैक्षणिक गुणवत्ता संवर्धन।
