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कैबिनेट: भोपाल में FTRI सेंटर बनेगा, उज्जैन एयरपोर्ट के लिए 590 करोड़ स्वीकृत, मसूर की पूरी फसल खरीदेगी सरकार
Tue, 07 Apr 2026 08:21 AM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Tue, 07 Apr 2026 08:21 AM IST
सार
कैबिनेट बैठक में भोपाल में फाइनेंशियल रिसर्च इंस्टीट्यूट खोलने और उज्जैन एयरपोर्ट के लिए 590 करोड़ मंजूर किए गए। साथ ही किसानों के लिए मसूर और चना की खरीदी का भी फैसला लिया गया है।
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भोपाल में हुई कैबिनेट बैठक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें शिक्षा, कृषि, इंफ्रास्ट्रक्चर और वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र से जुड़े प्रस्ताव अहम है, जिनका सीधा लाभ आम जनता, किसानों और छात्रों को मिलेगा। राज्य में वित्तीय प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए फाइनेंशियल ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (FTRI) स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासनिक एवं प्रबंधन अकादमी, भोपाल के परिसर में की जाएगी। यह संस्थान बजट विश्लेषण, वित्तीय शोध और सरकारी योजनाओं की निगरानी में मदद करेगा। प्रदेश में वर्तमान में संचालित 7 लेखा प्रशिक्षण शालाओं का चरणबद्ध एकीकरण कर राज्य स्तरीय एकीकृत प्रशिक्षण व्यवस्था स्थापित की जायेगी। यहां पर अधिकारियों-कर्मचारियों को वित्तीय प्रबंधन की ट्रेनिंग दी जाएगी। आईआईएम जैसी संस्थाओं के सहयोग से विकसित किया जाएगा। तीन वर्षों 2026-27, 2027-28, 2028-29 में स्थापना और संचालन के लिए वित्तीय लागत लगभग 26 करोड़ रूपये आएगी।
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उज्जैन एयरपोर्ट के लिए 590 करोड़ मंजूर
आगामी सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में हवाई पट्टी को बोइंग 320 एयरबस विमानों के संचालन के लिये विकास/विस्तार करने के लिये 590 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। उज्जैन को उड़ान योजना में शामिल किया गया। यह राशि 437.5 एकड़ भूमि अधिग्रहित करने पर खर्च होगी, जबकि एयरपोर्ट का निर्माण केंद्र सरकार द्वारा किया जाएगा। इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी। साथ ही धार्मिक पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
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छात्रों के लिए बड़ा तोहफा
दिल्ली में पढ़ने वाले छात्रों को मिलने वाली सहायत राशि बढ़ाने का सरकार ने निर्णय लिया है। दिल्ली में पढ़ने वाले अनुसूचित जाति के छात्रों को अभी दो हजार रुपए प्रतिमाह सहायता राशि दी जाती है, जिसे बढ़ाकर 10 हजार रुपए किया गया है। इससे पहले अनुसूचित जनजाति के छात्रों की सहायता राशि में वृद्धि की गई थी। अब स्नातक और स्नातकोत्तर करने वाले अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को हर महीने 10 हजार रुपए मिलें। इस फैसले से आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को उच्च शिक्षा जारी रखने में बड़ी मदद मिलेगी। 50 ग्रेजुएशन और 50 पोस्टग्रेजुएशन छात्रों को योजना का लाभ मिलेगा।
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किसानों के लिए राहत भरे फैसले
कैबिनेट ने कृषि क्षेत्र के लिए भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। सरकार चने के कुल उत्पादन का 25 प्रतिशत और मसूर की पूरी फसल यानी 100 प्रतिशत खरीदेगी, जिसके लिए 3,174 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मसूर खरीदी का लक्ष्य 6 लाख मीट्रिक टन का उपार्जन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें मंडी शुल्क माफ किया जाएगा। इसकी खरीदी के लिए गोदा और अन्य व्यवस्था कर ली गई है।
कातना सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को स्वीकृति
कैबिनेट ने मंदसौर जिले की कातना सूक्ष्म सिंचाई परियोजना लागत राशि 88.41 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया। परियोजना से मंदसौर जिले की भानपुरा तहसील के 12 ग्रामों में 3500 हैक्टेयर में सिंचाई सुविधा का लाभ होगा।
इन योजनाओं की निरंतरता की स्वीकृति
वाणिज्यकर विभाग की 8 योजनाओं की निरंतरता की मंजूरी
- राज्य कैबिनेट ने वाणिज्यिक कर विभाग की 8 प्रमुख योजनाओं को वर्ष 2030-31 तक जारी रखने का निर्णय लिया है। इन योजनाओं के लिए करीब 2,952 करोड़ रुपए के बजट को मंजूरी दी गई है। इनमें मध्यप्रदेश नगरीय अधोसंरचना विकास निधि को भी 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 1,317.62 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े काम, विभाग की संपत्तियों का रखरखाव, आबकारी सामग्री की खरीद, विभागीय दुकानों का संचालन और कार्यालय भवनों के निर्माण के लिए 120.98 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। कैबिनेट ने स्टॉम्प्स की लागत के लिए 806 करोड़ रुपए और मुख्यालय व जिला स्तर के स्थापना खर्च के लिए 1,428 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है।
जंगलों के संरक्षण के लिए 5,215 करोड़
- सरकार ने अगले 5 साल (2026 से 2031) के लिए जंगलों को बचाने, सुधारने और बढ़ाने के कामों पर 5,215 करोड़ रुपए खर्च करने की मंजूरी दी है। इसमें नए पेड़ लगाने के साथ-साथ पुराने कामों का रखरखाव भी शामिल होगा।
RTE के तहत बच्चों की फीस सरकार देगी
- निजी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब बच्चों के लिए राहत की खबर है। सरकार कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों की फीस भरने के लिए 3,039 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा मिलती रहेगी।
9वीं से 12वीं तक फ्री किताबें
- सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को मुफ्त किताबें मिलती रहेंगी। इसके लिए सरकार ने 5 साल में 693 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। इससे छात्रों और उनके परिवारों पर खर्च का बोझ कम होगा।
पीएमश्री स्कूल योजना के लिए 940 करोड़
- सरकार ने पीएमश्री स्कूल योजना के लिए 940 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। इस योजना के तहत चुने हुए स्कूलों को बेहतर बनाया जाएगा, जिसमें अच्छी बिल्डिंग, डिजिटल पढ़ाई, और आधुनिक सुविधाएं दी जाएंगी।
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उज्जैन एयरपोर्ट के लिए 590 करोड़ मंजूर
आगामी सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में हवाई पट्टी को बोइंग 320 एयरबस विमानों के संचालन के लिये विकास/विस्तार करने के लिये 590 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। उज्जैन को उड़ान योजना में शामिल किया गया। यह राशि 437.5 एकड़ भूमि अधिग्रहित करने पर खर्च होगी, जबकि एयरपोर्ट का निर्माण केंद्र सरकार द्वारा किया जाएगा। इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी। साथ ही धार्मिक पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
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छात्रों के लिए बड़ा तोहफा
दिल्ली में पढ़ने वाले छात्रों को मिलने वाली सहायत राशि बढ़ाने का सरकार ने निर्णय लिया है। दिल्ली में पढ़ने वाले अनुसूचित जाति के छात्रों को अभी दो हजार रुपए प्रतिमाह सहायता राशि दी जाती है, जिसे बढ़ाकर 10 हजार रुपए किया गया है। इससे पहले अनुसूचित जनजाति के छात्रों की सहायता राशि में वृद्धि की गई थी। अब स्नातक और स्नातकोत्तर करने वाले अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को हर महीने 10 हजार रुपए मिलें। इस फैसले से आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को उच्च शिक्षा जारी रखने में बड़ी मदद मिलेगी। 50 ग्रेजुएशन और 50 पोस्टग्रेजुएशन छात्रों को योजना का लाभ मिलेगा।
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किसानों के लिए राहत भरे फैसले
कैबिनेट ने कृषि क्षेत्र के लिए भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। सरकार चने के कुल उत्पादन का 25 प्रतिशत और मसूर की पूरी फसल यानी 100 प्रतिशत खरीदेगी, जिसके लिए 3,174 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मसूर खरीदी का लक्ष्य 6 लाख मीट्रिक टन का उपार्जन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें मंडी शुल्क माफ किया जाएगा। इसकी खरीदी के लिए गोदा और अन्य व्यवस्था कर ली गई है।
कातना सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को स्वीकृति
कैबिनेट ने मंदसौर जिले की कातना सूक्ष्म सिंचाई परियोजना लागत राशि 88.41 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया। परियोजना से मंदसौर जिले की भानपुरा तहसील के 12 ग्रामों में 3500 हैक्टेयर में सिंचाई सुविधा का लाभ होगा।
इन योजनाओं की निरंतरता की स्वीकृति
वाणिज्यकर विभाग की 8 योजनाओं की निरंतरता की मंजूरी
- राज्य कैबिनेट ने वाणिज्यिक कर विभाग की 8 प्रमुख योजनाओं को वर्ष 2030-31 तक जारी रखने का निर्णय लिया है। इन योजनाओं के लिए करीब 2,952 करोड़ रुपए के बजट को मंजूरी दी गई है। इनमें मध्यप्रदेश नगरीय अधोसंरचना विकास निधि को भी 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 1,317.62 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े काम, विभाग की संपत्तियों का रखरखाव, आबकारी सामग्री की खरीद, विभागीय दुकानों का संचालन और कार्यालय भवनों के निर्माण के लिए 120.98 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। कैबिनेट ने स्टॉम्प्स की लागत के लिए 806 करोड़ रुपए और मुख्यालय व जिला स्तर के स्थापना खर्च के लिए 1,428 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है।
जंगलों के संरक्षण के लिए 5,215 करोड़
- सरकार ने अगले 5 साल (2026 से 2031) के लिए जंगलों को बचाने, सुधारने और बढ़ाने के कामों पर 5,215 करोड़ रुपए खर्च करने की मंजूरी दी है। इसमें नए पेड़ लगाने के साथ-साथ पुराने कामों का रखरखाव भी शामिल होगा।
RTE के तहत बच्चों की फीस सरकार देगी
- निजी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब बच्चों के लिए राहत की खबर है। सरकार कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों की फीस भरने के लिए 3,039 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा मिलती रहेगी।
9वीं से 12वीं तक फ्री किताबें
- सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को मुफ्त किताबें मिलती रहेंगी। इसके लिए सरकार ने 5 साल में 693 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। इससे छात्रों और उनके परिवारों पर खर्च का बोझ कम होगा।
पीएमश्री स्कूल योजना के लिए 940 करोड़
- सरकार ने पीएमश्री स्कूल योजना के लिए 940 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। इस योजना के तहत चुने हुए स्कूलों को बेहतर बनाया जाएगा, जिसमें अच्छी बिल्डिंग, डिजिटल पढ़ाई, और आधुनिक सुविधाएं दी जाएंगी।
