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MP News: भाजपा की मंशाओं को धता दिखा रहे अल्पसंख्यक नेता...देखें क्या कर बैठे नेताओं को खुश करने में
Tue, 17 Sep 2024 03:38 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: अरविंद कुमार
Updated Tue, 17 Sep 2024 03:38 PM IST
सार
ताजा मामला मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड से जुड़ी एक कमेटी का है। बोर्ड ने राजगढ़ जिला मुख्यालय पर स्थित एक बड़ी वक्फ दरगाह बाबा बदखशानी की कमेटी के अध्यक्ष के रूप में शफीक गामा को नियुक्त किया है। गामा भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की सियासत से जुड़े हुए हैं।
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अल्पसंख्यक नेता
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अल्पसंख्यक कार्यकर्ताओं की फौज जमा करने के पीछे भाजपा की मंशा इस समुदाय को जोड़ने की रही है। मोर्चा, मंच और विभिन्न शाखाओं में अल्पसंख्यकों को साथ रखते हुए उनसे उसी रूप, लिबास और आचार व्यवहार में रहने की अपेक्षा रखी, जिससे उन्हें आदर्श परिभाषित करते हुए इनकी कौम के लोगों को पार्टी के करीब लाया जा सके। लेकिन भाजपाई खेमे में शामिल होते ही अल्पसंख्यक नेताओं की सोच महज एक अदद छोटी मोटी कुर्सी पाने की। उसके बदले वे अपनी कौम, ईमान, अखलाक और मजहबी तकाजे सबको कुर्बान करने पर उतारू हैं।
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लेकिन इस बीच वे इस बात को नजर अंदाज कर रहे हैं कि इस तरह के व्यवहार वालों की बड़ी तादाद भाजपा के पास पहले से ही मौजूद है। बल्कि अल्पसंख्यकों की यह गतिविधियां तो पार्टी के ही खिलाफ संदेश दे रही है कि शायद पार्टी नेता अन्य मजहब के लोगों से भी जबरिया सनातनी गतिविधियां अपनाने की दबिश डाल रहे हैं।
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ताजा मामला मप्र वक्फ बोर्ड से जुड़ी एक कमेटी का है। बोर्ड ने राजगढ़ जिला मुख्यालय पर स्थित एक बड़ी वक्फ दरगाह बाबा बदखशानी की कमेटी के अध्यक्ष के रूप में शफीक गामा को नियुक्त किया है। गामा भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की सियासत से जुड़े हुए हैं। पूर्व में वे इस कमेटी में उर्स संचालन कमेटी के अध्यक्ष बनाए चुके थे। हालांकि, इस दौरान उन पर इस जिम्मेदारी के दौरान लाखों रुपये के गबन के आरोप और शिकायतें भी प्रचलन में हैं। उनकी इन पुरानी गलतियों को बिसरा कर मप्र वक्फ बोर्ड ने वक्फ दरगाह कमेटी बाबा बदख्शानी का पूर्णकालिक अध्यक्ष बना दिया है।
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यह रूप आया सामने
वक्फ दरगाह बाबा बदखशानी पर माथा टेकने आने वालों में सभी धर्मों के लोग हैं। लेकिन उनमें बहुलता मुस्लिम समुदाय की है। यहां आने वाले मुस्लिम समुदाय को भाजपा की रीति-नीति से वाकिफ कराने का जिम्मा कमेटी अध्यक्ष शफीक गामा का है। लेकिन वे अपने विपरीत व्यवहार से मुस्लिमों को खुश करने की बजाए नाराज करने में जुटे हुए हैं। हाल ही में उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे किसी स्थान पर आयोजित गणेश उत्सव कार्यक्रम के दौरान आरती में शामिल होकर तालियां बजाकर झूमते हुए नजर आ रहे हैं। इसके बाद उन्होंने बाकायदा आरती की थाली थामकर भगवान श्री गणेश की आरती भी उतारी।
इस्लाम की मजहबी हिदायतों के लिहाज से इन गतिविधियों को कुफ्र करार दिया गया है। बाबा बदखशानी दरगाह कमेटी के अध्यक्ष शफीक गामा का ही एक अन्य वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे बहुत ही बेतरतीब तरीके से डांस करते नजर आ रहे हैं। एक बड़े मजमे में वे कुछ लोगों के इशारों पर नाचते हुए न सिर्फ अपने पद की गरिमा खराब करते नजर आ रहे हैं। बल्कि पार्टी द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी को भी धूमिल करते दिख रहे हैं। उनकी इन हरकतों से जहां मुस्लिम समुदाय नाराज है, वहीं क्षेत्र के भाजपाई भी इससे खफा हैं।
भाजपा ले चुकी सख्त फैसले
जानकारी के मुताबिक, भाजपा से जुड़े मुस्लिम नेताओं द्वारा इस तरह की गतिविधियों पर पूर्व में सख्त कार्रवाई कर चुकी है। बताया जाता है कि मप्र राज्य हज कमेटी के तत्कालीन अध्यक्ष हाजी इनायत हुसैन कुरैशी का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे इंदौर में आयोजित गणेशोत्सव कार्यक्रम के दौरान आरती करते हुए दिखाई दिए थे।
सूत्रों का कहना है कि जिस समय यह वीडियो वायरल हुआ था, उस वक्त हाजी इनायत हुसैन कुरैशी को हज कमेटी में एक और अध्यक्षीय पारी सौंपे जाने पर विचार किया जा रहा था। लेकिन इस वायरल वीडियो ने हाजी इनायत की दावेदारी खत्म कर दी, जिसके तत्काल बाद भाजपा ने हज कमेटी के लिए नए अध्यक्ष का एलान कर दिया था। इसी तरह इंदौर स्थित एक बड़े वक्फ नाहर शाह वली के तत्कालीन अध्यक्ष अरब पटेल का एक शादी समारोह में डांस करते हुए वीडियो को आधार बनाकर उनके खिलाफ शिकायतें भाजपा संगठन तक पहुंची थीं, जिनके आधार पर पार्टी ने उचित प्रक्रिया अपनाते हुए अरब पटेल को पद से हटा दिया था।
